ज्योतिष शास्त्र में चौघड़िया मुहूर्त का क्या मतलब होता है, यहां जानें पूरी जानकारी
Latest Religious News: ज्योतिष शास्त्र में चौघड़िया मुहूर्त एक ऐसा प्राचीन तरीका है, जो बिना किसी गहरी गणना के शुभ समय चुनने में हमारी मदद करता है। चौ का अर्थ चार और घड़ी का अर्थ समय की माप है।
यहां लगभग 96 मिनट का एक अंतराल विशेष ग्रह के प्रभाव को दर्शाता है। चाहे नया व्यापार शुरू करना हो या यात्रा पर निकलना, चौघड़िया के अमृत, शुभ और लाभ जैसे मुहूर्त सफलता की गारंटी माने जाते हैं। आइए, जानें क्या होता है चौघड़िया मुहूर्त...
क्या होता है चौघड़िया मुहूर्त
चौघड़िया मुहूर्त असल में समय को शुभ और अशुभ हिस्सों में बांटने का एक बहुत ही प्राचीन और सरल ज्योतिषीय तरीका है। इसका नाम 'चौ' (चार) और 'घड़ी' से मिलकर बना है, जिसका मतलब है चार घड़ियों का समूह।
पुराने समय में एक घड़ी 24 मिनट की होती थी। इसलिए एक चौघड़िया लगभग 96 मिनट यानी डेढ़ घंटे का होता है। ये चक्र सूर्योदय से शुरू होकर अगले दिन के सूर्योदय तक चलता है।
दिन के 12 घंटों को 8 हिस्सों में और रात के 12 घंटों को भी 8 बराबर हिस्सों में बांटा जाता है। हर हिस्सा किसी न किसी ग्रह के प्रभाव में होता है, जिसे अमृत, शुभ, लाभ, चर, रोग, काल या उद्वेग के नाम से जाना जाता है।
कैसे काम करता है चौघड़िया मुहूर्त
ज्योतिष शास्त्र में दिन और रात के समय को आठ-आठ बराबर हिस्सों में बांटते हैं। सूर्योदय से सूर्यास्त तक दिन का चौघड़िया मुहूर्त देखा जाता है। सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक रात का चौघड़िया मुहूर्त गिना जाता है।
हर दिन का पहला चौघड़िया उस दिन के स्वामी पर निर्भर है। जैसे सोमवार का पहला चौघड़िया चंद्रमा के प्रभाव में होता है। मंगलवार का पहला हिस्सा मंगल ग्रह की प्रकृति के अनुसार होता है। इसी तरह सप्ताह के सातों दिनों की गणना अलग-अलग की जाती है।
शुभ चौघड़िया और उनके लाभ
- चौघड़िया मुहूर्त में तीन हिस्से सबसे ज्यादा फलदायी और शुभ हैं।
- अमृत चौघड़िया को सबसे श्रेष्ठ माना जाता है जो सफलता दिलाता है।
- शुभ चौघड़िया पूजा और मांगलिक कार्यों के लिए बहुत उत्तम है।
- लाभ चौघड़िया व्यापार और धन संबंधी कार्यों में उन्नति देता है।
- चर को चंचल माना गया है जो यात्रा के लिए श्रेष्ठ है।
इन मुहूर्तों में काम शुरू करने से बाधाएं कम आती हैं। आपका आत्मविश्वास बढ़ता है और सकारात्मक परिणाम जल्दी प्राप्त होते हैं।
अशुभ चौघड़िया जिनसे बचना है जरूरी
- कुछ समय ऐसे भी होते हैं जिनमें काम शुरू नहीं करना चाहिए।
- रोग चौघड़िया शारीरिक और मानसिक परेशानियां बढ़ा सकता है।
- काल चौघड़िया विवाद और नुकसान होने का संकेत देता है।
- उद्वेग चौघड़िया में किए गए काम अक्सर तनाव पैदा करते हैं।
इन तीन मुहूर्तों के दौरान कोई भी नया बड़ा काम टाल दें। घर से निकलते वक्त इनका ध्यान रखना बहुत फायदेमंद होता है। सावधानी बरतने से आप बड़े नुकसान और परेशानियों से बच सकते हैं।
चौघड़िया का महत्व
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में विस्तृत मुहूर्त देखना मुश्किल है। ऐसे में चौघड़िया मुहूर्त आम आदमी का सबसे बड़ा मददगार है। पंचांग या मोबाइल ऐप्स के जरिए इसे आसानी से देखा जा सकता है।
बिजनेस डील्स और यात्रा के लिए लोग इसका पालन करते हैं। धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत भी अक्सर शुभ चौघड़िया में होती है। यह परंपरा सदियों से हिंदू परिवारों का अटूट हिस्सा रही है। इसे अपनाकर आप अपने जीवन में अनुशासन और सफलता ला सकते हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
FAQ
- क्या चौघड़िया मुहूर्त और राहुकाल एक ही समय हो सकते हैं?
हां, कभी-कभी शुभ चौघड़िया और राहुकाल का समय साथ पड़ता है। ऐसे में ज्योतिष के अनुसार राहुकाल को टालना बेहतर माना गया है। हमेशा सबसे शुद्ध और बाधा रहित समय का ही चुनाव करें। - यात्रा के लिए कौन सा चौघड़िया सबसे उत्तम माना जाता है?
यात्रा शुरू करने के लिए 'चर' चौघड़िया सबसे अच्छा होता है। इसके अलावा अमृत और लाभ में भी यात्रा की जा सकती है। इससे सफर सुखद रहता है और कार्य सिद्ध होने की उम्मीद बढ़ती है। - घर पर चौघड़िया की गणना कैसे कर सकते हैं?
सूर्योदय के समय को 1.5 घंटे के आठ भागों में बांट लें। हर दिन का क्रम पंचांग के अनुसार अलग-अलग होता है। आप इंटरनेट पर उपलब्ध आज का चौघड़िया चार्ट भी देख सकते हैं।
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