कब से शुरू होगा आस्था का महासंगम माघ मेला 2026? नोट करें स्नान की सभी शुभ तिथियां
Latest Religious News:हिंदू धर्म में माघ माह और माघ मेले का विशेष महत्व बताया गया है। हर साल माघ माह में प्रयागराज के संगम तट पर प्रसिद्ध माघ मेला लगता है। यह समय सनातनी भक्तों की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मुलाकात का होता है।
इसमें साधु-संतों के साथ गृहस्थ और सामान्य भक्तगण भी शामिल होते हैं। यह मेला आस्था की डुबकी लगाने का एक पवित्र अवसर होता है। इस साल माघ मेला का शुभारंभ नए साल 2026 में 3 जनवरी से होगा और यह 15 फरवरी तक चलेगा।
माघ मेला कब से शुरू होगा?
वैदिक पंचांग के मुताबिक, पौष पूर्णिमा की तिथि 2 जनवरी 2026 को शाम 6 बजकर 54 मिनट से शुरू होगी। ये तिथि अगले दिन 3 जनवरी को दोपहर 3 बजकर 32 मिनट तक रहेगी।
इसलिए उदयातिथि के आधार पर पौष पूर्णिमा का स्नान 3 जनवरी 2026 को ही होगा। इसी शुभ तिथि यानी 3 जनवरी, रविवार से माघ मेला 2026 का शुभ आरंभ हो जाएगा।
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माघ मेला 2026 की प्रमुख स्नान तिथियां
माघ मेले के दौरान छह प्रमुख स्नान तिथियों पर करोड़ों लोग आस्था की डुबकी लगाते हैं। इन तिथियों पर संगम में स्नान करने का अक्षय पुण्य मिलता है।
- 3 जनवरी 2026, शनिवार: पौष महीना का पौष पूर्णिमा (इसी दिन से माघ मास का आरंभ होता है)।
- 15 जनवरी 2026, गुरुवार: मकर संक्रांति (यह माघ मास का पहला मुख्य स्नान माना जाता है)।
- 18 जनवरी 2026, रविवार: मौनी अमावस्या (इसे सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण स्नान कहा जाता है)।
- 23 जनवरी 2026, शुक्रवार: बसंत पंचमी।
- 1 फरवरी 2026, रविवार: माघ पूर्णिमा।
- 15 फरवरी 2026, रविवार: महाशिवरात्रि (यह तिथि माघ मेले के समापन का प्रतीक है)।
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माघ माह में स्नान-दान का धार्मिक महत्व
शास्त्रों के मुताबिक माघ माह में दान-स्नान का विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में पवित्र स्नान करने से सभी प्रकार के पापों का नाश होता है।
व्यक्ति को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि हर साल मकर संक्रांति से पूरे माघ महीने तक भक्त संगम पर आते हैं। वे यहां स्नान, पूजा और आध्यात्मिक साधना करते हैं।
माघ माह (Magh Mela 2026) में किए गए दान-पुण्य का फल कई गुणा होकर मिलता है। इस समय तिल, कम्बल, ऊनी वस्त्र और अन्न का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है।
दान करने से भगवान विष्णु और सूर्य देव प्रसन्न होते हैं। इससे भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यह स्नान-दान स्वास्थ्य और समृद्धि भी लाता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। धार्मिक अपडेट
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