क्या चंद्र ग्रहण के कारण बदलेगा राखी बांधने का समय? जानें कब बांधें भाई को राखी

Kaushiki | Aug 06, 2026, 15:25 IST
Raksha Bandhan 2026
28 अगस्त 2026 को रक्षा बंधन पर 5 घंटे 39 मिनट का चंद्र ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण भारत में दिन में होने के कारण दिखाई नहीं देगा। इसलिए भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। बहनें पूरा दिन बिना किसी चिंता के राखी बांध सकती हैं।

Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन का त्योहार हर भाई और बहन के लिए बेहद खास होता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं। भाई भी अपनी बहनों की रक्षा का वचन देते हैं। लेकिन जब भी रक्षा बंधन पर भद्रा या ग्रहण का नाम आता है, तो सभी की चिंता बढ़ जाती है।हर किसी के मन में सवाल उठने लगते हैं कि क्या इस बार त्योहार का मजा फीका हो जाएगा?



इस साल 28 अगस्त 2026 को रक्षा बंधन के दिन एक अनोखी खगोलीय घटना होने जा रही है। इस दिन चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सस्पेंस ये है कि क्या चंद्र ग्रहण का असर आपकी राखी पर पड़ेगा? क्या ग्रहण के कारण राखी बांधने के समय में बदलाव करना पड़ेगा? आइए जानें...



चंद्र ग्रहण का समय

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, यह चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को सुबह 06:32 बजे शुरू होगा। इसका समापन दोपहर 12:32 बजे हो जाएगा। ग्रहण की कुल अवधि 5 घंटे 39 मिनट की रहेगी। यह एक बहुत ही दुर्लभ और लंबी खगोलीय घटना है। वैज्ञानिक और खगोल प्रेमी इस नजारे का इंतजार कर रहे हैं। इस दौरान चांद का रंग एकदम लाल हो जाएगा, जिसे ब्लड मून कहा जाता है।



ग्रहण के समय भारत में दिन का समय रहेगा। दिन के उजाले में चंद्रमा आसमान में दिखाई नहीं देता। इसलिए यह ग्रहण भारत में बिल्कुल भी नजर नहीं आएगा। दृश्यमान न होने के कारण इसका असर भारत पर नहीं पड़ेगा। लोग बिना किसी डर के अपना त्योहार मना सकते हैं।



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क्या राखी बांधने पर पड़ेगा असर

आमतौर पर चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले लगता है। लेकिन जो ग्रहण दिखता नहीं, उसका सूतक मान्य नहीं होता। भारत में इस ग्रहण का सूतक काल लागू नहीं होगा। पूजा-पाठ या शुभ कामों पर कोई रोक नहीं रहेगी। आप बिना किसी चिंता के सभी धार्मिक काम कर सकते हैं।



भारत में ग्रहण न दिखने से राखी पर असर नहीं होगा। बहनें बिना किसी रुकावट के भाई को राखी बांध सकती हैं। त्योहार के शुभ मुहूर्त में कोई बदलाव नहीं हुआ है। शुभ समय में राखी बांधना बहुत फलदायी माना जाता है। पूरे दिन बहने अपने भाइयों को तिलक लगा सकती हैं।



रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त

पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 08:31 बजे शुरू होगी। अगले दिन 28 अगस्त को सुबह 09:18 बजे तिथि समाप्त होगी। उदया तिथि के नियम के मुताबिक, रक्षाबंधन 28 अगस्त को है। उदया तिथि में त्योहार मनाना सबसे शुभ माना जाता है। इसी दिन देश भर में रक्षा बंधन का पर्व मनेगा।



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नहीं रहेगा भद्राकाल का साया

रक्षाबंधन पर भद्रा का विचार करना बहुत जरूरी होता है। भद्राकाल में राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता है। इस बार भद्रा काल 27 अगस्त को ही समाप्त हो जाएगा। 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन भद्रा नहीं रहेगी। इसलिए आप पूरे दिन बिना भद्रा के राखी बांध सकते हैं।



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रक्षाबंधन पर राखी बांधने की विधि

  • राखी बांधने से पहले पूजा की थाली तैयार करें।
  • थाली में रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और राखी रखें।
  • सबसे पहले भगवान गणेश और शिवजी की पूजा करें।
  • भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर बिठाएं।
  • भाई के माथे पर तिलक लगाएं और अक्षत लगाएं।
  • दाहिनी कलाई पर प्यार से रेशम की राखी बांधें।
  • भाई की आरती उतारकर मिठाई से मुंह मीठा कराएं।
  • भाई अपनी बहन की रक्षा का सच्चा वचन दें।
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कहां-कहां दिखाई देगा ब्लड मून

यह खूबसूरत चंद्र ग्रहण पूरे यूरोप महाद्वीप में दिखाई देगा। अफ्रीका और अमेरिका के लोग भी इसे देख सकेंगे। पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में भी यह नजर आएगा। अमेरिका में चांद निकलते ही धरती की छाया उस पर पड़ेगी। वहां के लोगों को एकदम लाल ब्लड मून देखने को मिलेगा।



ब्लड मून कैसे बनता है

ग्रहण में चांद का 96 फीसदी हिस्सा छाया में चला जाएगा। चांद धरती की सेंट्रल डार्क शैडो से होकर गुजरेगा। सूरज की रोशनी धरती के वायुमंडल से छनकर चांद तक पहुंचेगी। इसी वजह से चंद्रमा गहरे कॉपर लाल रंग का दिखता है। इसके किनारे पर एक छोटी सिल्वर लाइन भी दिखाई देती है।



ऐसे में धार्मिक सूतक न होने पर भी ज्योतिषीय प्रभाव रहता है। ग्रहण के दिन स्नान और दान करना बहुत शुभ होता है। शिव पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं। जरूरतमंद लोगों को भोजन और कपड़े दान करने चाहिए। दान करने से घर में सुख और समृद्धि आती है।



डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।



FAQ

  1. क्या रक्षा बंधन 2026 पर लगने वाले चंद्र ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य होगा?
    नहीं, 28 अगस्त 2026 को लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत में दिन के समय होने के कारण दिखाई नहीं देगा। शास्त्रों के अनुसार जो ग्रहण दिखाई नहीं देता, उसका सूतक काल भारत में मान्य नहीं होता है।
  2. रक्षा बंधन 2026 के दिन राखी बांधने का समय क्या रहेगा?
    रक्षा बंधन पर 28 अगस्त को भद्रा का साया नहीं रहेगा और ग्रहण का सूतक भी नहीं लगेगा। इसलिए बहनें 28 अगस्त को सुबह से लेकर पूरे दिन बिना किसी बाधा के अपने भाइयों को राखी बांध सकती हैं।
  3. 28 अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण किन देशों में दिखाई देगा?
    यह चंद्र ग्रहण और ब्लड मून का नजारा पूरे यूरोप, अफ्रीका, उत्तर और दक्षिण अमेरिका तथा पश्चिम एशिया के कुछ भागों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

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