इस दिन लगेगा 21वीं सदी का दूसरा सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण, 6 मिनट तक अंधेरे में डूबेगी दुनिया
Surya Grahan 2027:प्रकृति हमें समय-समय पर अपने अद्भुत करिश्मों से चौंकाती रहती है। खगोल विज्ञान के मुताबिक, साल 2027 एक बड़ी घटना का गवाह बनेगा। इस साल 21वीं सदी का दूसरा सबसे लंबा सूर्य ग्रहण लगेगा। ये नजारा इतना दुर्लभ होगा कि वैज्ञानिक भी हैरान हैं। आइए जानें...
क्या होता है सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाए। चंद्रमा की छाया धरती के कुछ हिस्सों पर पड़ती है। इस कारण सूर्य की रोशनी हम तक नहीं पहुंच पाती। वैज्ञानिक इसे एक सामान्य खगोलीय घटना मानते हैं। लेकिन ज्योतिष शास्त्र में इसे बहुत प्रभावशाली माना जाता है।
6 मिनट 22 सेकंड का अंधेरा
खगोल विज्ञान के मुताबिक, 2 अगस्त 2027 को लगने वाला ग्रहण बहुत खास है। इस दिन चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढकेगा। ये स्थिति करीब 6 मिनट 22 सेकंड तक रहेगी। इतने लंबे समय तक दिन में रात जैसा अंधेरा रहेगा। वैज्ञानिकों के मुताबिक, ऐसा लंबा ग्रहण अब सीधे साल 2114 में लगेगा।
क्या भारत में दिखेगा ये ग्रहण
यह पूर्ण सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से 11 देशों में पूरी तरह दिखेगा। इनमें स्पेन, मिस्र, सऊदी अरब और मोरक्को शामिल हैं। यमन, सूडान और सोमालिया में भी पूर्ण ग्रहण दिखेगा।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, भारत में सूर्य ग्रहण पूर्ण नहीं बल्कि आंशिक (थोड़ा) दिखेगा। यहां लोग सूर्य को थोड़ा कटा हुआ देख पाएंगे। यूरोप और दक्षिण एशिया में भी यह आंशिक ही दिखेगा।
पौराणिक कथाएं
धार्मिक मान्यताओं में ग्रहण के पीछे एक पौराणिक कथा है। समुद्र मंथन में स्वरभानु नामक असुर ने अमृत पी लिया। उसने देवताओं का रूप धरकर ये छल किया था। सूर्य और चंद्रमा ने उसकी पहचान उजागर कर दी।
भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से उसका सिर काट दिया। अमृत पीने के कारण वह असुर मरा नहीं। उसके दो हिस्से राहु और केतु बन गए। माना जाता है कि राहु-केतु अब भी बदला लेते हैं। वे समय-समय पर सूर्य और चंद्रमा को ग्रसते हैं। इसी घटना को हम ग्रहण के नाम से जानते हैं।
क्या कहता है पुराना रिकॉर्ड
खगोल विज्ञान के मुताबिक, 21वीं सदी का सबसे लंबा ग्रहण 2009 में लगा था। वो ग्रहण 6 मिनट 39 सेकंड तक चला था। साल 2026 में भी दो सूर्य ग्रहण लग रहे हैं।
पहला ग्रहण 17 फरवरी को लग चुका है। दूसरा ग्रहण इसी साल 12 अगस्त को लगेगा। ये दोनों ही भारत में दिखाई नहीं देगा। लेकिन सबकी नजरें 2027 के महाग्रहण पर टिकी हैं।
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