हिंदू धर्म में अग्नि को साक्षी मानकर क्यों लिए जाते हैं सात फेरे, क्या है विवाह के सात वचन

Kaushiki | May 26, 2026, 16:26 IST
हिंदू विवाह में सप्तपदी के दौरान दूल्हा-दुल्हन सात वचन लेते हैं। ये उनके रिश्ते को शारीरिक, आध्यात्मिक और भावनात्मक रूप से मजबूत बनाते हैं। ये वचन घर के प्रबंधन से लेकर संतान के पालन-पोषण तक, सफल वैवाहिक जीवन के पहलुओं को छूते हैं।
1 8 विवाह के सात वचन
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Latest Religious News: हिंदू धर्म में विवाह का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है सप्तपदी यानी सात फेरे लेना। अग्नि को साक्षी मानकर, दूल्हा-दुल्हन ये सात वचन लेते हैं, जो उनके वैवाहिक जीवन की नींव रखते हैं। ये वचन पति-पत्नी के रिश्ते को केवल शारीरिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और भावनात्मक रूप से भी मजबूत बनाते हैं।

2 8 पहला वचन: जीवन का आधार
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कन्या (कन्यादान) कहती है कि वह घर के भोजन और प्रबंध की जिम्मेदारी उठाएगी। वर कहता है कि वह पत्नी को सम्मान देगा और सभी आवश्यकताओं को पूरा करेगा। यह वचन जीवन के आधारभूत सुख-शांति को सुनिश्चित करता है।

3 8 दूसरा वचन: शक्ति और परिवार का सम्मान
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कन्या यह संकल्प लेती है कि वह हर परिस्थिति में पति का संबल बनेगी। वर वादा करता है कि वह अपने परिवार और माता-पिता का सम्मान करेगा। यह वचन मानसिक शक्ति और आपसी आदर को दर्शाता है।

4 8 तीसरा वचन: धन प्रबंधन और समर्पण
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कन्या कहती है कि वह धन का सदुपयोग और उचित प्रबंधन करेगी। वर कहता है कि वह धर्म और आध्यात्मिकता के मार्ग पर चलेगा। यह वचन आर्थिक स्थिरता और धार्मिक कर्तव्य की बात करता है।

5 8 चौथा वचन: पारिवारिक जिम्मेदारी और खुशहाली
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कन्या यह विश्वास दिलाती है कि वह पति को हर कार्य में सहयोग देगी। वर कहता है कि वह परिवार की जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाएगा। यह वचन पारिवारिक सुख और सामाजिक कर्तव्य को समर्पित है।

6 8 पांचवां वचन: संतान और भविष्य का मार्ग
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कन्या कहती है कि वह पति के बच्चों का पालन-पोषण और सही संस्कार देगी। वर वादा करता है कि वह अपनी पत्नी की इच्छाओं का आदर करेगा। यह वचन संतान की जिम्मेदारी और उज्जवल भविष्य के लिए है।

7 8 छठा वचन: सम्मान और सहयोग की भावना
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कन्या वचन देती है कि वह जीवन भर पति के साथ रहेगी और सम्मान करेगी। वर कहता है कि वह पत्नी के साथ हर सुख-दुख में खड़ा रहेगा। यह वचन आपसी सम्मान और अटूट सहयोग की भावना को मजबूत करता है।

8 8 सातवां वचन: मित्रता और अनंत प्रेम की प्रतिज्ञा
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शादी में कन्या कहती है कि आज से पति उसका सबसे अच्छा मित्र है। वर घोषणा करता है कि उनकी यह यात्रा सात जन्मों का बंधन है। यह अंतिम वचन उनके रिश्ते को पवित्र मित्रता और अनंत प्रेम से बांधता है। Seven Vows of Marriage डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।