विवाह मुहूर्त 2026: देवशयन से पहले शादियों के लिए मिलेंगे सिर्फ 18 दिन

Kaushiki | Jun 11, 2026, 15:00 IST
vivah muhurat 2026
ज्येष्ठ अधिकमास 15 जून को समाप्त हो गया है। इसके बाद 19 जून से शादियों का सीजन दोबारा शुरू होगा। देवशयनी एकादशी से पहले विवाह के लिए कुल 17 शुभ मुहूर्त मिलेंगे। 22 जुलाई को भदल्या नवमी पर साल का आखिरी अबूझ सावा रहेगा।

विवाह मुहूर्त 2026: आजकल लोग अपने घरों में मांगलिक कार्यों के लिए शुभ समय का इंतजार करते हैं। शादियों के शौकीन परिवारों के लिए एक अच्छी खबर आई है। ज्येष्ठ अधिकमास का समापन 15 जून को सोमवती अमावस्या के साथ हो गया है। इसके खत्म होते ही सभी शुभ काम दोबारा शुरू हो जाएंगे।



ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, इस बार शादियों के लिए बहुत कम समय मिल रहा है। देवशयनी एकादशी से पहले सिर्फ 18 दिन ही शहनाइयां गूंजेंगी। इन 18 दिनों के भीतर विवाह के कुल 17 शुद्ध मुहूर्त रहेंगे। आइए जानें विवाह के शुभ मुहर्त।



अबूझ सावे पर क्यों है लोगों का भरोसा

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, इस पूरे वेडिंग सीजन में सबसे बड़ी राहत की खबर भी सामने आई है। ये राहत 22 जुलाई को आने वाली भदल्या नवमी को लेकर है। सनातन हिंदू परंपरा में इस दिन को बेहद खास दर्जा मिला हुआ है।



भदल्या नवमी हिंदू पंचांग की बेहद पवित्र और शुभ तिथि है, जो आषाढ़ शुक्ल पक्ष की नवमी को आती है। सनातन परंपरा में इसे अबूझ सावा माना गया है। इसका मतलब है कि इस दिन शादी-ब्याह जैसे मांगलिक कामों के लिए किसी पंडित से अलग से मुहूर्त निकलवाने या कुंडली मिलाने की जरूरत नहीं होती।



अबूझ सावे का मतलब है कि इस दिन कोई भी शादी कर सकता है। यह पूरा दिन हर तरह के दोष से मुक्त और स्वतः सिद्ध होता है। जिन जातकों की कुंडली के मुताबिक शुद्ध मुहूर्त नहीं मिल पा रहा है। वे भी इस दिन बिना किसी संकोच के फेरे ले सकते हैं।



Vivah Muhurat 2026




क्या होता है अधिकमास और चातुर्मास का पूरा गणित

खगोलीय और ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, यह व्यवस्था बनाई जाती है। सूर्य और चंद्रमा के चक्र में तालमेल बिठाने के लिए ऐसा होता है। हर तीन साल में कैलेंडर में एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है।



इस महीने को अधिक मास या मलमास का नाम दिया जाता है। इस दौरान सूर्य का राशि परिवर्तन नहीं होता है। इसलिए इस समय में मांगलिक कार्य करना पूरी तरह वर्जित होता है।



हालांकि ये समय पूजा और दान-पुण्य के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इसके बाद 25 जुलाई से चातुर्मास की शुरुआत हो जाएगी। भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योग निद्रा में चले जाएंगे। इस कारण शादियों पर फिर से चार महीनों का ब्रेक लग जाएगा।



Vivah Muhurat 2026


जून-जुलाई में विवाह की शुभ तारीखें

पंडितों ने शादियों की तारीखों की पूरी लिस्ट जारी कर दी है। जून के महीने में शादियों के लिए कुल 8 दिन मिलेंगे।



  • जून में पहला सावा 19 तारीख को होने जा रहा है। इसके बाद 20, 22, 23, 24, 26, 27 और 29 जून को मुहूर्त हैं।
    इसमें 26 और 27 जून को वीकेंड की छुट्टी पड़ रही है। नौकरीपेशा परिवारों के लिए यह दो दिन बहुत आरामदायक रहेंगे।
  • जुलाई के महीने में शादियों के लिए कुल 9 दिन मिलेंगे। जुलाई में 1, 3, 4, 6, 7, 8, 9, 11 और 12 तारीख शुभ है।
    इस सीजन का आखिरी पंचांगीय सावा 12 जुलाई को संपन्न होगा। इसके बाद 18 जुलाई को देवगुरु बृहस्पति का तारा अस्त हो जाएगा।
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चातुर्मास खत्म होने के बाद सर्दियों में कब शुरू होंगी शादियां

चातुर्मास की समाप्ति 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी पर होगी। इसके बाद सर्दियों के मौसम में शादियों की धूम दोबारा लौटेगी।



  • नवंबर के महीने में विवाह के लिए केवल चार दिन मिलेंगे।
  • नवंबर में 21, 24, 25 और 26 तारीख को फेरे लिए जा सकेंगे।
  • दिसंबर के महीने में शादियों के लिए कुल छह दिन मिलेंगे।
  • दिसंबर में 2, 3, 4, 5, 11 और 12 तारीख को शुभ मुहूर्त हैं।

ज्योतिष शास्त्र में गुरु और शुक्र ग्रह को विवाह का कारक मानते हैं। गुरु कन्या के लिए और शुक्र पुरुष के लिए महत्वपूर्ण होता है।


इसलिए पंडितों की सलाह है कि सभी जरूरी काम समय पर कर लें। 12 जुलाई से पहले ही अपने बड़े आयोजन निपटा लेना समझदारी होगी।



बाजार में रिकॉर्ड टर्नओवर की भारी उम्मीद

एक महीने के सूखे के बाद बाजारों में अचानक रौनक आ गई है। कपड़े, गहने और फुटवियर की दुकानों पर भारी भीड़ दिख रही है। शादियों के इस छोटे सीजन में सोने-चांदी की मांग बढ़ गई है।



पारंपरिक राजस्थानी पोशाकों की मांग में 40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। जयपुर के जौहरी बाजार और बापू बाजार में पैर रखने की जगह नहीं है। लहरिया और गोटा-पत्ती साड़ियों की खूब बिक्री हो रही है।



वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े व्यापारियों ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है। मैरिज गार्डन, कैटरिंग और डेकोरेशन संचालकों की बुकिंग फुल है। अनुमान है कि अकेले राजस्थान में अरबों रुपये का बिजनेस होगा। इस 18 दिनों के सीजन को भुनाने के लिए बाजार पूरी तरह तैयार है।



डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।



FAQ

  1. अधिकमास क्या होता है?
    सूर्य और चंद्रमा के चक्र के बीच संतुलन बनाने के लिए हर तीन साल में पंचांग में एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिसे अधिकमास या मलमास कहते हैं। इस दौरान शुभ कार्य वर्जित होते हैं। 15 जून 2026 को अधिकमास समाप्त हो रहा है। इसके बाद शादियों का सीजन शुरू होगा और पहला शुद्ध पंचांगीय विवाह मुहूर्त 19 जून 2026 को रहेगा।
  2. भदल्या नवमी क्या है और इसे विवाह के लिए अबूझ सावा क्यों माना जाता है?
    भदल्या नवमी सनातन धर्म की एक बेहद पवित्र तिथि है, जो इस बार 22 जुलाई 2026 को आ रही है। इसे ज्योतिष में अबूझ सावा कहा जाता है। इसका मतलब यह है कि इस दिन शादी करने के लिए किसी जातक को अपनी कुंडली दिखाने या अलग से कोई विशेष मुहूर्त निकालने की जरूरत नहीं होती। यह दिन अपने आप में हर प्रकार के दोष से मुक्त और बेहद शुभ माना जाता है।
  3. जुलाई 2026 में शादियों पर ब्रेक क्यों लग जाएगा?
    18 जुलाई 2026 को देवगुरु बृहस्पति का तारा अस्त हो जाएगा और 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी से चातुर्मास शुरू हो जाएगा। इन चार महीनों में भगवान विष्णु निद्रालीन रहते हैं, इसलिए विवाह पूरी तरह बंद रहेंगे। चातुर्मास की समाप्ति 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी पर होगी। इसके बाद सर्दियों में 21 नवंबर 2026 से शादियों की रौनक दोबारा शुरू होगी।

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