Campus Selection 2026: एआई से बदला कैंपस प्लेसमेंट का गणित, डिग्री के साथ कोडिंग जरूरी, जानें एआई का नया असर
Kaushiki | Oct 13, 2026, 11:51 IST
एआई ने बदला नौकरियों का पूरा गणित
Campus Selection 2026: एआई के बढ़ते यूज ने इंजीनियरिंग कैंपस प्लेसमेंट का गणित बदल दिया है। अब 100 की जगह 50 छात्रों का ही सिलेक्शन हो रहा है। हालांकि, एआई प्रोफाइल पर पैकेज दो से तीन गुना तक बढ़ गए हैं। जानें डिग्री के साथ रोबोटिक्स और कोडिंग की क्यों है मांग।
इंजीनियरिंग की डिग्री और अच्छे नंबर अब नौकरी की पक्की गारंटी नहीं रहे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल ने कंपनियों के भर्ती करने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। पहले जहां कंपनियां एक ही कैंपस से सौ विद्यार्थियों का सिलेक्शन कर लेती थीं।
वहीं अब ये नंबर घटकर 50 रह गई है। हालांकि, इस बदलाव का एक दूसरा पहलू भी है। जिन छात्रों के पास एआई, रोबोटिक्स और एडवांस कोडिंग का नॉलेज है, उन्हें पहले के मुकाबले बड़े पैकेज ऑफर किए जा रहे हैं। कंपनियों को अब कम लेकिन तकनीकी रूप से अधिक दक्ष उम्मीदवारों की तलाश है।
इस स्थिति से निपटने के लिए शिक्षण संस्थान अब कैंपस में ज्यादा से ज्यादा कंपनियों को आमंत्रित कर रहे हैं। मैनिट जैसे रेपुटेड इंस्टीटूशन्स के आंकड़ों में भी इस बदलाव का असर साफ दिखाई दे रहा है। आइए जानें कि एआई के इस दौर में कैंपस प्लेसमेंट का गणित कैसे बदला है। साथ ही जानेंगे कि छात्रों के लिए कौन से स्किल्स सबसे जरूरी हो गए हैं।
अब केवल अच्छे अंक काफी नहीं हैं। एआई के आने से कंपनियों ने भर्ती घटा दी है। पहले एक कैंपस से सौ बच्चे चुने जाते थे। अब यह संख्या घटकर 50 रह गई है। कंपनियां अब कम लोगों को नौकरी दे रही हैं। इसलिए संस्थानों को ज्यादा कंपनियां बुलानी पड़ रही हैं।
ट्रिपल आईटी के मुताबिक कंपनियों की जरूरतें बदली हैं। अब डिग्री के साथ एआई का नॉलेज चाहिए। रोबोटिक्स और कोडिंग की मांग काफी ज्यादा बढ़ गई है। इन स्किल्स वाले छात्रों को अच्छे मौके मिल रहे हैं। एआई बेस्ड प्रोफाइल में पैकेज दो से तीन गुना तक बढ़े हैं। स्किल्ड युथ के लिए मौकों की कमी नहीं है।
बता दें कि साल 2024 में एवरेज पैकेज 12.32 लाख रुपए था। यह साल 2025 में बढ़कर 16.09 लाख रुपए हो गया। 2026 में यह आंकड़ा 18.29 लाख रुपए तक पहुंच गया। दो साल में एवरेज पैकेज 48% बढ़ा है। हालांकि प्लेसमेंट के प्रतिशत में थोड़ी गिरावट आई है।
2024 में 85.18 प्रतिशत छात्रों को प्लेसमेंट मिला था। 2025 में यह 96.59% हुआ था। वहीं 2026 में घटकर 94% रह गया। साल 2024 में सबसे बड़ा पैकेज 46 लाख रुपए था। 2025 में यह बढ़कर 85 लाख रुपए हो गया। साल 2026 में मैक्सिमम पैकेज 62 लाख रुपए रहा। ये आंकड़ा बाजार के उतार-चढ़ाव को दर्शाता है।
बात करें भोपाल के मैनिट की तो यहां पिछले तीन साल में पैकेज में बदलाव देखा गया है। 2024 में सबसे बड़ा पैकेज 85 लाख रुपए था। वर्ष 2025 में यह अधिकतम पैकेज 82 लाख रुपए दर्ज हुआ। वहीं 2026 में यह घटकर 64 लाख रुपए रह गया। प्लेसमेंट अधिकारी के मुताबिक एआई के यूज से चयन कम हुआ है। कंपनियां अब बहुत सोच-समझकर भर्ती कर रही हैं।
आज के दौर में
वहीं अब ये नंबर घटकर 50 रह गई है। हालांकि, इस बदलाव का एक दूसरा पहलू भी है। जिन छात्रों के पास एआई, रोबोटिक्स और एडवांस कोडिंग का नॉलेज है, उन्हें पहले के मुकाबले बड़े पैकेज ऑफर किए जा रहे हैं। कंपनियों को अब कम लेकिन तकनीकी रूप से अधिक दक्ष उम्मीदवारों की तलाश है।
इस स्थिति से निपटने के लिए शिक्षण संस्थान अब कैंपस में ज्यादा से ज्यादा कंपनियों को आमंत्रित कर रहे हैं। मैनिट जैसे रेपुटेड इंस्टीटूशन्स के आंकड़ों में भी इस बदलाव का असर साफ दिखाई दे रहा है। आइए जानें कि एआई के इस दौर में कैंपस प्लेसमेंट का गणित कैसे बदला है। साथ ही जानेंगे कि छात्रों के लिए कौन से स्किल्स सबसे जरूरी हो गए हैं।
एआई और रोबोटिक्स पर बढ़ा जोर
ट्रिपल आईटी के मुताबिक कंपनियों की जरूरतें बदली हैं। अब डिग्री के साथ एआई का नॉलेज चाहिए। रोबोटिक्स और कोडिंग की मांग काफी ज्यादा बढ़ गई है। इन स्किल्स वाले छात्रों को अच्छे मौके मिल रहे हैं। एआई बेस्ड प्रोफाइल में पैकेज दो से तीन गुना तक बढ़े हैं। स्किल्ड युथ के लिए मौकों की कमी नहीं है।
एवरेज पैकेज में हुई बढ़ोतरी
2024 में 85.18 प्रतिशत छात्रों को प्लेसमेंट मिला था। 2025 में यह 96.59% हुआ था। वहीं 2026 में घटकर 94% रह गया। साल 2024 में सबसे बड़ा पैकेज 46 लाख रुपए था। 2025 में यह बढ़कर 85 लाख रुपए हो गया। साल 2026 में मैक्सिमम पैकेज 62 लाख रुपए रहा। ये आंकड़ा बाजार के उतार-चढ़ाव को दर्शाता है।
मैनिट भोपाल के प्लेसमेंट आंकड़े
आज के दौर में AI Skills क्यों जरूरी हो गया है
- स्मार्ट वर्क और समय की बचत: एआई टूल्स कठिन और कई घंटों के काम (जैसे डेटा एनालिसिस, कोडिंग और कंटेंट क्रिएशन) को सेकंडों में पूरा कर देते हैं। इससे आप कम मेहनत में स्मार्ट वर्क कर सकते हैं।
- जॉब सिक्योरिटी और फ्यूचर-प्रूफ करियर: आने वाले समय में वही जॉब्स सुरक्षित रहेंगी, जिनमें एआई का इस्तेमाल शामिल है; इसलिए एआई स्किल्स सीखना करियर को भविष्य के जोखिमों से बचाता है।
- हायर सैलरी और प्रीमियम पैकेज: एआई, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन में महारत हासिल करने वाले प्रोफेशनल्स को नॉर्मल एम्प्लॉई के मुकाबले दो से तीन गुना तक ज्यादा सैलरी और पैकेज ऑफर हो रहे हैं।
- हाई कॉम्पिटिशन में बढ़त: जब कैंपस प्लेसमेंट और इंटरव्यू में सिलेक्शन का दायरा आधा रह गया हो, तब एआई स्किल्स आपके रिज्यूमे को दूसरों से अलग और स्ट्रॉन्ग बनाती हैं।
- प्रॉब्लम सॉल्विंग और इनोवेशन: एआई केवल ऑटोमेशन नहीं है, बल्कि यह आपको जटिल से जटिल प्रॉब्लम्स का डेटा-बेस्ड और नया सॉल्यूशन ढूंढने में मदद करता है।
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