क्या एआई छीन लेगा डिजाइनर्स की नौकरी? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
डिजाइनिंग की दुनिया आज एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। एआई टूल्स ने अब डिजाइनिंग के काम को बहुत ही आसान बना दिया है। बिना किसी बड़े सॉफ्टवेयर के अब प्रोफेशनल डिजाइन बनाना संभव हो गया है।
पहले एक छोटे से डिजाइन के लिए घंटों माथापच्ची करनी पड़ती थी। अब सिर्फ एक लाइन का प्रॉम्प्ट लिखते ही स्क्रीन पर डिजाइन तैयार है। इसी वजह से छोटे शहरों के युवा भी इस क्षेत्र में उभर रहे हैं। अब एक पोस्ट या ब्रोशर बनाने में केवल कुछ सेकंड लगते हैं। क्रिएटर्स को बस एक प्रॉम्प्ट से रेडीमेड लेआउट और फॉन्ट मिल जाते हैं।
एआई बना नया डिजाइन असिस्टेंट
- कैनवा एआई (मैजिक डिजाइन): ये टूल टेक्स्ट के आधार पर सोशल मीडिया पोस्ट, प्रेजेंटेशन और विज्ञापन डिजाइन खुद ही बना देता है।
- एडोबी फायरफ्लाई: ये टूल प्रोफेशनल इमेज बनाने और एडिटिंग के लिए काम आता है, खासकर फोटोशॉप यूजर्स के लिए।
- मिडजर्नी: ये एक फेमस टूल है जो हाई क्वालिटी आर्टिस्टिक और कॉन्सेप्ट-आधारित विजुअल्स बनाने के लिए जाना जाता है।
- डाल-ई: टेक्स्ट के आधार पर इमेज बनाने और आइडिया को विजुअल फॉर्म में बदलने में मदद करता है।
- रनवे एमएल: ये टूल वीडियो कंटेंट बनाने, बैकग्राउंड एडिटिंग और एआई-आधारित क्रिएटिव कामों के लिए तेजी से पॉपुलर हो रहा है।
एक्सपर्ट की राय और भविष्य की दिशा
एआई एक्सपर्ट सुरेंद्र प्रभाकर कहते हैं कि डिजाइनिंग अब बहुत सुलभ हो गई है। अब फर्क आपकी सोच से पड़ता है, न कि सॉफ्टवेयर के ज्ञान से।
हालांकि, एक जैसे डिजाइनों से मौलिकता पर खतरा भी बढ़ रहा है। आने वाले समय में वही डिजाइनर सफल होगा जो इसे सहायक मानेगा।
डिजाइनर विमल कर्मकार कहते हैं कि इससे कॉपी-पेस्ट डिजाइन की बाढ़ आई है। असली चुनौती अब दूसरों से बिल्कुल अलग और यूनिक दिखने की है। क्रिएटिव सोच आज भी केवल इंसान की सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है।
अवसर, चुनौतियां और अपग्रेड होने का समय
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसअब बेसिक और जूनियर लेवल के डिजाइन कार्यों को बदल रहा है। एक्सपर्ट के मुताबिक, पारंपरिक डिजाइनर्स को अब खुद को अपस्किल करना होगा। उन्हें ब्रांडिंग और स्टोरीटेलिंग जैसे क्षेत्रों में खुद को मजबूत करना होगा। आज बिना औपचारिक ट्रेनिंग के भी युवा इस फील्ड में आ रहे हैं।
इंस्टाग्राम अब नए डिजाइनर्स के लिए पोर्टफोलियो और मार्केटप्लेस बन गया है। डिजाइनिंग का पूरा स्पेस अब पहले के मुकाबले काफी ज्यादा डेमोक्रेटिक हो गया है। आने वाला कल उन्हीं का है जो तकनीक के साथ तालमेल बिठाएंगे। एआई न्यूज
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