CBSE 12th Re-evaluation 2026: सीबीएसई ने जारी किया नया शेड्यूल, 19 मई से आवेदन शुरू
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
- सीबीएसई ने 12वीं परीक्षा के बाद पुनर्मूल्यांकन का नोटिस जारी किया है।
- कम नंबर से नाखुश छात्र अपनी आंसर शीट की फोटोकॉपी मांग सकते हैं।
- उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी के लिए 19 मई से आवेदन शुरू होंगे।
- मार्क्स वेरिफिकेशन और री-वैल्यूएशन की प्रक्रिया ऑनलाइन मोड में ही होगी।
- अंकों में बदलाव होने पर छात्रों को पुरानी मार्कशीट सरेंडर करनी होगी।
12वीं रिजल्ट के बाद री-वैल्यूएशन की बारी
सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट आने के बाद बोर्ड ने जरूरी कदम उठाया है। जो छात्र अपने नंबरों से खुश नहीं हैं उन्हें मौका दिया गया है। बोर्ड ने पुनर्मूल्यांकन की पूरी गाइडलाइन और तारीखें जारी कर दी हैं। छात्र अब अपनी कॉपियों की दोबारा जांच करवा सकते हैं।
यह पूरी प्रक्रिया मुख्य रूप से दो बड़े चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी मिलेगी। इसके बाद ही वे नंबरों को चुनौती देने के लिए पात्र होंगे। बोर्ड ने इसके लिए कुछ कड़े नियम भी बनाए हैं।
री-वैल्यूएशन के लिए कब करें अप्लाई?
अपनी आंसर शीट की स्कैन कॉपी मंगाने की तारीख तय हो गई है। छात्र 19 मई से लेकर 22 मई तक इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए प्रति विषय 700 रुपए फीस देनी होगी। यह आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा।
फीस का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से होगा। तय तारीख के बाद कोई भी फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे समय पर अपना फॉर्म भर दें। देरी होने पर बोर्ड जिम्मेदार नहीं होगा।
वेरिफिकेशन और री-वैल्यूएशन का पूरा शेड्यूल?
फोटोकॉपी मिलने के बाद अगला चरण शुरू होगा। छात्र 26 मई से 29 मई तक वेरिफिकेशन के लिए अप्लाई कर सकेंगे। मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए प्रति विषय 500 रुपये फीस तय है। अगर छात्र किसी खास प्रश्न के मूल्यांकन से नाखुश हैं तो क्या होगा?
इसके लिए छात्र को प्रति प्रश्न 100 रुपए अलग से देने होंगे। आपके दावों की समीक्षा बोर्ड के अनुभवी विशेषज्ञों की टीम करेगी। अगर शिकायत सही पाई गई तो नंबरों में सुधार किया जाएगा। इस मामले में सीबीएसई का निर्णय ही अंतिम माना जाएगा।
पहले आओ और पहले पाओ के पर मिलेगी कॉपी
बोर्ड ने इस बार एक नया नियम भी जोड़ा है। आंसर शीट की स्कैन कॉपी 'पहले आओ पहले पाओ' पर मिलेगी। यानी जो छात्र शुरुआती तारीख में अप्लाई करेंगे उन्हें कॉपी पहले मिलेगी। इसलिए तारीख शुरू होते ही आवेदन करना फायदेमंद रहेगा।
छात्र अपनी सुविधा के लिए एक से ज्यादा विषय चुन सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि आवेदन केवल एक ही बार करना होगा। बार-बार फॉर्म भरने की सुविधा वेबसाइट पर नहीं मिलेगी। सभी जानकारी को बहुत ध्यान से भरना जरूरी है।
क्या है मार्किंग स्कीम
आवेदन करने से पहले छात्रों को एक काम जरूर करना चाहिए। बोर्ड की वेबसाइट पर मार्किंग स्कीम और प्रश्न पत्र अपलोड हैं। छात्र उसका एक प्रिंट आउट अपने पास निकालकर रख लें। इसके बाद अपनी स्कैन कॉपी से उत्तरों का मिलान करें।
अगर आपको मार्किंग स्कीम के अनुसार गड़बड़ी दिखती है तभी चैलेंज करें। बिना वजह चैलेंज करने पर आपकी फीस बेकार जा सकती है। लॉगिन पेज पर आपकी कॉपी का स्टेटस लगातार अपडेट होता रहेगा। छात्र वहां से इसे आसानी से ट्रैक कर सकते हैं।
पुरानी मार्कशीट करनी होगी जमा
अगर री-वैल्यूएशन के बाद आपके नंबर बदल जाते हैं तो क्या होगा? ऐसी स्थिति में छात्र को अपनी पुरानी ऑरिजिनल मार्कशीट बोर्ड को लौटानी होगी। इसके बाद ही बोर्ड आपको नई और संशोधित मार्कशीट जारी करेगा।
यह नियम सभी छात्रों के लिए अनिवार्य रूप से लागू रहेगा। आगे की कॉलेज पढ़ाई के लिए नई मार्कशीट ही मान्य होगी। छात्र अपने लॉगिन क्रेडेंशियल को संभालकर रखें ताकि आगे कोई परेशानी न हो।
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