CBSE 12वीं गणित पेपर के QR कोड में निकला विदेशी गाना, बोर्ड ने सफाई में क्या कहा?

Anjali Dwivedi | Mar 10, 2026, 17:24 IST
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सीबीएसई 12वीं गणित के पेपर में क्यूआर कोड स्कैन करने पर गाना बजने के दावे पर बोर्ड ने सफाई दी है। बोर्ड ने कहा कि पेपर पूरी तरह सुरक्षित है और यह एक तकनीकी चूक है।

CBSE बोर्ड की परीक्षा और उससे जुड़े विवाद अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। लेकिन इस बार मामला कुछ अलग और काफी दिलचस्प है। सोमवार, 9 मार्च 2026 को हुई कक्षा 12वीं के गणित के क्वेश्चन पेपर में छपे एक क्यूआर कोड ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया।



सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि इस कोड को स्कैन करते ही एक विदेशी गाना बजने लगता है। अब इस पूरे मामले पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (CBSE) ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। आइए जानते हैं क्या है यह पूरा मामला



CBSE के गणित के पेपर में गाने का तड़का?

जैसे ही गणित की परीक्षा खत्म हुई, एक्स, इंस्टाग्राम और रेडिट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर क्वेश्चन पेपर की तस्वीरें वायरल होने लगीं। कुछ उत्साही यूजर्स ने जब पेपर पर छपे क्यूआर कोड को स्कैन किया, तो वे हैरान रह गए। कोड स्कैन करते ही यूट्यूब पर अंग्रेजी गायक रिक एश्ले का मशहूर गाना नेवर गॉन गिव यू अप खुलने लगा।



इंटरनेट की दुनिया में इसे रिकरोलिंग कहा जाता है, जो एक तरह का मजाक या प्रैंक है। देखते ही देखते परीक्षा की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे और मीम्स की बाढ़ आ गई।



सीबीएसई ने दी सफाई

मामला तूल पकड़ते देख सीबीएसई बोर्ड ने आज, 10 मार्च को एक प्रेस रिलीज जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। बोर्ड ने साफ शब्दों में कहा कि क्वेश्चन पेपर पूरी तरह असली है और उनकी गोपनीयता या सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हुआ है।



बोर्ड के अनुसार, क्वेश्चन पेपर्स में क्यूआर कोड का इस्तेमाल ट्रैकिंग और निगरानी के लिए किया जाता है, न कि किसी बाहरी लिंक को प्रमोट करने के लिए।



क्वेश्चन पेपर्स पर क्यों छापे जाते हैं क्यूआर कोड?

बोर्ड (CBSE Board) ने जानकारी दी कि साल 2018 में पेपर लीक की घटनाओं के बाद, 2019 से क्यूआर कोड की व्यवस्था शुरू की गई थी। इन कोड्स में विषय, परीक्षा की तारीख, प्रश्नपत्र का सेट और प्रिंटिंग बैच जैसी गोपनीय जानकारी छिपी होती है।



इससे यह पता लगाने में मदद मिलती है कि प्रश्नपत्र किस रास्ते से परीक्षा केंद्र तक पहुंचा। हालांकि, कुछ सेट्स में तकनीकी गड़बड़ी के कारण क्यूआर कोड एक वीडियो से जुड़ गया, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई।



भविष्य के लिए बोर्ड ने लिया सबक

सीबीएसई ने स्वीकार किया कि गणित के कुछ सेट्स में ऐसा हुआ है, लेकिन इससे परीक्षा की पवित्रता पर कोई आंच नहीं आई है। बोर्ड (12 th cbse exam) ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें।



साथ ही, बोर्ड ने आश्वासन दिया है कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है और भविष्य में ऐसी तकनीकी चूक दोबारा न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।



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