स्कॉलरशिप के नए नियम जारी, अब छात्र एक साथ पा सकेंगे दो स्कॉलरशिप, जानें नियम

Kaushiki | Sept 25, 2026, 10:32 IST
NSP Scholarship New Rules
नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल के नियम बदल गए हैं। अब पात्र छात्रों को मेरिट और वेलफेयर दोनों स्कॉलरशिप मिल सकेंगी। पहले एक छात्र को सिर्फ एक ही केटेगरी की स्कॉलरशिप मिलती थी। 2026-27 सत्र के लिए आवेदन जून 2026 से शुरू हो चुके हैं।

National Scholarship: नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल यानी NSP (National Scholarship Portal) पर छात्रों को अलग-अलग वजहों से छात्रवृत्ति दी जाती है। कुछ छात्रवृत्तियां पढ़ाई में अच्छे प्रदर्शन पर मिलती हैं।



कुछ रजिस्टर इकनोमिक और सोशल बैकग्राउंड के बेस पर दी जाती हैं। अब तक नियम ये था कि एक छात्र किसी एक केटेगरी की ही स्कॉलरशिप ले सकता था। नए नियम के तहत ये बंदिश हटा दी गई है।



अगर कोई छात्र वेलफेयर बेस्ड स्कॉलरशिप ले रहा है और वह मेरिट बेस्ड स्कॉलरशिप की शर्तें भी पूरी करता है, तो उसे दोनों का लाभ मिलेगा। इसी तरह मेरिट स्कॉलरशिप पाने वाला छात्र भी एलिजिबल होने पर वेलफेयर स्कॉलरशिप ले सकेंगे। आइए जानें...



हर छात्र को नहीं मिलेगी दो स्कॉलरशिप

आपको बता दें कि इस बदलाव का ये मतलब नहीं है कि हर छात्र को अपने आप दो या ज्यादा स्कॉलरशिप मिल जाएंगी। छात्र को अलग-अलग योजनाओं की एलिजिबिलिटी खुद पूरी करनी होगी। नियम सिर्फ इतना बदला है कि एलिजिबल होने पर रोक नहीं रहेगी।



पहले एलिजिबिलिटी को लेकर छात्रों में काफी भ्रम की स्थिति रहती थी। एक छात्र ज्यादा से ज्यादा एक मेरिट बेस्ड और एक वेलफेयर बेस्ड स्कॉलरशिप ही ले सकता है। इसके लिए उसे दोनों योजनाओं की शर्तें अलग-अलग पूरी करनी होंगी।



मेरिट और वेलफेयर में अंतर

मेरिट बेस्ड स्कॉलरशिप में छात्र की पढ़ाई में अचीवमेंट, परफॉरमेंस और कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन की रैंक देखी जाती है। NMMSS (National Means-cum-Merit Scholarship Scheme) और इंस्पायर INSPIRE (Innovation in Science Pursuit for Inspired Research) जैसी योजनाएं इसी केटेगरी में आती हैं।



वेलफेयर बेस्ड स्कॉलरशिप का मकसद आर्थिक मदद और समान अवसर देना है। एससी, एसटी, ओबीसी और माइनॉरिटी कम्युनिटी के छात्रों के लिए चलने वाली कई योजनाएं इसी केटेगरी में गिनी जाती हैं।



पहले से मिल रही स्कॉलरशिप का क्या होगा

जिन छात्रों को पहले से कोई स्कॉलरशिप मिल रही है, उनकी दूसरी योजना की एलिजिबिलिटी खत्म नहीं होगी। वेलफेयर स्कॉलरशिप मिलने की वजह से मेरिट आवेदन खारिज नहीं किया जाएगा।



इसी तरह मेरिट स्कॉलरशिप मिलने पर वेलफेयर स्कॉलरशिप के लिए अयोग्यता नहीं मानी जाएगी। शर्त सिर्फ ये है कि दोनों योजनाओं के नियम पूरे होने चाहिए।



दोबारा जानकारी भरने से राहत

नए सिस्टम में छात्रों को हर एप्लीकेशन में पूरी जानकारी दोबारा नहीं भरनी होगी। नाम, स्कूल और जनरल एकेडमिक इनफार्मेशन पहले से सुरक्षित रहेगी। दूसरी स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करते समय सिर्फ उसी योजना से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी भरनी होगी। इससे आवेदन प्रक्रिया आसान और तेज होगी।



फीस से जुड़ी जानकारी भी बार-बार नहीं भरनी होगी, जहां यह लागू होती है। पहले आवेदन में स्कूल लेवल पर वेरिफिकेशन में ट्यूशन फीस, एडमिशन फीस जैसी जानकारी दर्ज हो जाने के बाद, ये जानकारी बाद के एप्लीकेशन में अपने आप आ जाएगी।



अगर गलती हुई तो क्या होगा

अगर किसी छात्र के एकेडमिक डिटेल्स में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो उसके सभी आवेदन अपने आप रेड फ्लैग केटेगरी में चले जाएंगे। यानी एक आवेदन में हुई गलती दूसरे आवेदन की जांच में भी दिखाई देगी।



इसी वजह से छात्रों को अपनी एकेडमिक, फाइनेंसियल और इंस्टीटूशनल से जुड़ी जानकारी पूरी सावधानी से भरनी चाहिए। इस बदलाव से देश भर के लाखों छात्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है। खासकर उन छात्रों को, जो पढ़ाई में अच्छे होने के साथ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से भी आते हैं। भारतीय छात्रों के लिए स्कॉलरशिप स्कीमacademic session



ये खबरें भी पढ़ें...



Career in Social Service: सोशल वर्क में बनाना है करियर, तो ये कोर्स करेंगे आपकी मदद



Career in Journalism: बदलते मीडिया कल्चर में आपका मल्टी-टैलेंटेड होना है जरूरी



Career in Robotics: टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में है इंटरेस्ट, तो रोबोटिक्स में बना सकते हैं करियर



क्या है Blue Economy Career, जानें ब्लू इकॉनमी के लिए बेस्ट कोर्स और तैयारी के टिप्स



Tags:
  • स्कॉलरशिप
  • academic session
  • National Scholarship
  • भारतीय छात्रों के लिए स्कॉलरशिप
  • स्कॉलरशिप स्कीम