NTA का कोई पेपर लीक नहीं हुआ! सरकार का दावा, समिति बोली- कोर्ट में चल रहे 474 मामले
विभाग ने समिति को क्या बताया
शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की शुरुआत 2017 में हुई थी। तब से लेकर 2025 तक NTA का कोई पेपर लीक नहीं हुआ। इसी बात को आधार बनाकर विभाग पेपर लीक होने से इनकार कर रहा है।
हालांकि, विभाग ने माना कि परीक्षाओं में धांधली हुई और कई बार परीक्षाएं बाधित भी हुईं, लेकिन उसके मुताबिक किसी भी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ।
क्या कहती है 474 केस की तस्वीर
समिति के मुताबिक, एनटीए की 2024-25 की सालाना रिपोर्ट में बताया गया है कि एनटीए से जुड़े 474 मामले अदालतों में चल रहे हैं। इनमें कुछ मामलों में एनटीए ने खुद अदालत में याचिका दायर की है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में भी एनटीए से जुड़े 69 मामले चल रहे हैं।
नीट यूजी पेपर लीक पर कितने केस दर्ज
रिपोर्ट में 2024-25 के दौरान हुई परीक्षाओं से जुड़े मामलों का अलग-अलग आंकड़ा दिया गया है। इसमें सबसे ज्यादा मामले NEET UG (मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की परीक्षा) से जुड़े हैं। साल 2024 में NEET UG के 356 केस दर्ज हुए। यानी औसतन हर दिन करीब एक केस सामने आया।
JEE Main (इंजीनियरिंग में दाखिले की परीक्षा) से जुड़े 31 केस दर्ज हुए। वहीं, UGC NET (असिस्टेंट प्रोफेसर और रिसर्च से जुड़ी पात्रता परीक्षा) के 26 और CUET UG (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) के 14 केस सामने आए।
इसके अलावा, AISSEE (सैनिक स्कूलों में दाखिले की परीक्षा) के 7 और AIAPGET (आयुष विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन में दाखिले की परीक्षा) के 4 केस दर्ज किए गए।
रिपोर्ट में साल 2024 में NEET से जुड़ी अनियमितता को पेपर लीक केस के तौर पर दर्ज किया गया है। यानी रिपोर्ट में NEET UG पेपर लीक का मामला भी शामिल है। यह बात विभाग के उस दावे से अलग तस्वीर दिखाती है, जिसमें कहा गया है कि पिछले आठ साल में कोई पेपर लीक नहीं हुआ।
एक तरफ विभाग आठ साल में पेपर लीक नहीं होने की बात कह रहा है। दूसरी तरफ रिपोर्ट में 474 और 356 केस के आंकड़े दिए गए हैं। साथ ही, साल 2024 की NEET अनियमितता को पेपर लीक केस के तौर पर दर्ज किया गया है।
2024 में कानून क्यों बनाना पड़ा
अब जरा पीछे चलते हैं। 2024 में जनाक्रोश बढ़ने के बाद संसद ने पेपर लीक पर कानून बनाया। तब नीट यूजी पेपर लीक का मुद्दा सबसे ज्यादा गूंज रहा था।
कानून बनने के बाद कितनी एफआईआर हुईं
रिपोर्ट में बताया गया है कि Public Examinations Act 2024 कानून बनने के बाद भी परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामलों में एफआईआर दर्ज होती रहीं। एफआईआर यानी पुलिस में दर्ज की जाने वाली शुरुआती शिकायत।
नीट यूजी के मामले में 2024 में 14 और 2025 में एक एफआईआर दर्ज हुई। वहीं, जेईई मेन के मामले में 2026 में तीन एफआईआर दर्ज की गईं। सीएसआईआर यूजीसी नेट के मामले में 2025 में एक एफआईआर दर्ज हुई। यानी कानून बनने के बाद भी इन परीक्षाओं से जुड़े मामलों में एफआईआर दर्ज होने का सिलसिला जारी रहा।
संसदीय स्थायी समिति ने क्या कहा
संसदीय स्थायी समिति ने इस पर हैरानी जताई कि पेपर लीक, एफआईआर और सीबीआई (CBI) की जांच से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं है। दूसरी जांच एजेंसियां किन मामलों में जांच कर रही हैं और उनकी जांच कहां तक पहुंची है, इसका ब्योरा भी सामने नहीं है। जब जांच की स्थिति ही पता नहीं होगी, तो लोगों का भरोसा कैसे बनेगा?
समिति ने सुझाव दिया कि उच्च शिक्षा विभाग, एनटीए और सरकार की दूसरी एजेंसियां मिलकर एक रिपोर्ट तैयार करें। इस रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए। इसमें पेपर लीक के सभी मामलों की जानकारी हो और हर मामले में जांच कहां तक पहुंची है, इसका पूरा ब्योरा दिया जाए।
समिति के कुछ सदस्यों ने क्या कहा
समिति के कुछ सदस्यों ने इस दावे से सहमति नहीं जताई। राज्यसभा सांसद मुकुल वासनिक की अध्यक्षता वाली समिति ने अपनी रिपोर्ट में इस पर अलग से टिप्पणी की। इसमें एनटीए की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट का हवाला दिया गया है।
CBI ने दाखिल की पूरक चार्जशीट
इसी बीच नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने दिल्ली की कोर्ट में एक आरोपी के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की है। विशेष जज ने निर्देश दिया है कि मामले के 14वें आरोपी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी के वकील को इस चार्जशीट की कॉपी दी जाए। अब इस मामले में अगली सुनवाई गुरुवार को होगी।
FAQ
- राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के पेपर लीक के मामलों की स्थिति क्या है?
NTA ने 2017 से 2025 तक पेपर लीक की किसी घटना से इनकार किया है, हालांकि उसने स्वीकार किया कि परीक्षाओं में धांधली हुई और कई मामले अदालतों में चल रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, NEET UG से जुड़े 356 और JEE Main से 31 मामले दर्ज किए गए हैं। - नीट यूजी पेपर लीक के मामलों में कितने एफआईआर दर्ज हुए हैं?
2024 में नीट यूजी के मामले में 14 और 2025 में 1 एफआईआर दर्ज की गई। इसके अलावा, जेईई मेन के मामले में 2026 में 3 एफआईआर दर्ज हुईं। - संसदीय स्थायी समिति ने पेपर लीक के मामलों में क्या सुझाव दिया है?
संसदीय स्थायी समिति ने सुझाव दिया है कि उच्च शिक्षा विभाग, NTA और अन्य सरकारी एजेंसियां मिलकर एक रिपोर्ट तैयार करें, जिसमें पेपर लीक के सभी मामलों की जानकारी और उनकी जांच की स्थिति का ब्यौरा शामिल हो।