माता-पिता का जज बनने का सपना किया पूरा, अब अध्यात्म के नए सफर पर एमपी की प्रखरश्री
मध्य प्रदेश के बैतूल में जज की परीक्षा पास करने वाली प्रखरश्री दीदी ने सांसारिक जीवन छोड़कर जैन दीक्षा का मार्ग चुना है। उनकी विदाई विंटेज कारों, शाही बग्घियों और भव्य बिनौली के साथ हुई है। प्रखरश्री दीदी सहित कुल पांच दीक्षार्थी बहनें जैन दीक्षा लेंगी।
मध्य प्रदेश के बैतूल में प्रखरश्री दीदी ने जज की परीक्षा पास करने के बाद सांसारिक जीवन छोड़कर जैन दीक्षा लेने का फैसला किया।
प्रखरश्री दीदी सहित पांच दीक्षार्थी बहनों की भव्य बिनौली निकाली गई, जिसमें विंटेज कारें और शाही बग्घियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
उदयपुर से आए बैंड और जैन समाज के श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ पांचों बहनों का स्वागत किया।
प्रखरश्री दीदी ने बताया कि उनके माता-पिता का सपना था कि वह जज बनें। उन्होंने परीक्षा पास कर यह सपना पूरा किया।
बचपन से ही वैराग्य की भावना रखने वाली प्रखरश्री दीदी ने महावीर के मार्ग पर चलकर समाज सेवा करने का निर्णय लिया है।
भव्य चल समारोह शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ जैन दादावाड़ी पहुंचा, जहां पांचों दीक्षार्थी बहनों की गोदभराई की रस्म हुई।
जानकारी के मुताबिक, प्रखरश्री दीदी सहित पांचों बहनें 22 नवंबर को जैन दीक्षा लेंगी।