विराट कोहली बर्थडे: 18 की उम्र में पिता को खोने के बाद इंडिया को जिताया वर्ल्ड कप, फिर बने चेज मास्टर

Aman Vaishnav | Nov 05, 2025, 09:01 IST
विराट कोहली की यात्रा सच में शानदार रही है। 18 साल की उम्र में अपने पिता को खोने से लेकर सचिन के रिकॉर्ड को तोड़ने तक, उन्होंने हर मुश्किल का सामना किया और अपनी मेहनत से क्रिकेट की दुनिया में एक नई मिसाल पेश की।
1 7 विराट का सबसे कठिन फैसला
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Cricketer Virat Kohli: जब पिता का देहांत हुआ तब विराट 18 साल के ही थे। रात भर रोने के बाद मैदान पर जाने का फैसला किया। उन्होंने उस दिन 90 रन बनाए थे।

2 7 विश्व विजेता कप्तान
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पिता के जाने के 2 साल बाद, उन्होंने भारत को अंडर-19 विश्व कप जिताया। यह जीत सिर्फ एक खिताब नहीं थी, बल्कि उन्होंने दुनिया को दिखाया कि विराट जल्दी हार नहीं मानते।

3 7 सपनों की जर्सी और संघर्ष
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भारतीय टीम में एंट्री के बाद शुरुआती संघर्ष हुआ, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। पिता का सपना पूरा करने के लिए उन्होंने खुद को दुनिया के सबसे फिट एथलीट में बदल लिया।

4 7 ऑस्ट्रेलिया में पहला टेस्ट शतक
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विराट ने 2012 में एडिलेड में अपना पहला टेस्ट शतक लगाकर यह साबित कर दिया था कि वह सिर्फ ODI खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि दुनिया के सबसे मुश्किल फॉर्मेट के भी स्टार प्लेयर हैं।

5 7 चेज मास्टर का उदय
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विराट कोहली का नाम अब "चेज मास्टर" के रूप में मशहूर हो गया है। जब भी किसी मैच में लक्ष्य का पीछा करना होता, तो उनका रिकॉर्ड इतना बेहतरीन रहा कि विरोधी टीम टॉस हारने से भी डरने लगी।

6 7 कप्तानी का आक्रामक दौर
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विराट की कप्तानी ने टीम को एक नई आक्रामकता दी। (विराट कोहली का जन्मदिन ) विराट की कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज जीतकर इतिहास रचा।

7 7 51 शतकों का रिकॉर्ड
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खराब फॉर्म से गुजरने के बाद, उन्होंने ऐसी वापसी की जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। (virat kohli birthday) उन्होंने अपने आदर्श सचिन का रिकॉर्ड तोड़कर 50वां ODI शतक लगाया और खुद को किंग साबित किया।