गलत तरीके से खाना बनाना हो सकता है घातक, ICMR से जानें सही तरीका
कुकिंग के तरीके से पहले, प्री कुकिंग यानि खाना बनाना शुरु करने से पहले की प्रक्रिया भी जरूरी होती है। इसमें सोकिंग, मैरिनेटिंग और ब्लैचिंग जैसी प्रक्रियाओं पर जोर दिया गया है।
पकाने से पहले अनाज को भिगोने की प्रक्रिया को सोकिंग कहते हैं। ICMR ने अनाज को 3 से 6 घंटे तक भिगोनी की गाइडलाइन दी है। अनाज भिगोने से इसमें मौजूद फाइटिक एसिड कम होता है, जिससे शरीर में जरूरी मिनरल्स बेहतर तरीके से एब्जॉर्ब होते हैं।
खाना बनाने से पहले, भोजन सामग्री को मसालेदार या खट्टे पदार्थों में भिगोने की प्रक्रिया मैरिनेटिंग कही जाती है। इसे अचार बनाने से पहले उसमें नमकीन के उपयोग से समझा जा सकता है। मांसाहारी भोजन में इस प्रक्रिया का उपयोग ज्यादा होता है।
सब्जी को गरम पानी में पकाना और फिर निकालकर ठंडे पानी में पूरी तरह ठंडा करने की प्रक्रिया ब्लांचिंग कहलाती है। इस प्रक्रिया से सब्जियों से पेस्टिसाइड हटते है और माइक्रोबियल लोड कम होता है।
प्री कुकिंग के अलावा ICMR ने कुकिंग की भी गाइडलाइन जारी की है।
प्रेशर कुकिंग में खाना स्टीम या भाप के दबाव से पकता है। इस तरह से पके खाने में जरूरी मिनरल्स और विटामिन बने रहते हैं।
भोजन को उबालकर पकाने से खाना बनाने में समय कम लगता है। इसके अलावा उबले या स्टीम किये भोजन में विटामिन और मिनरल बने रहते हैं।
ICMR ने माइक्रोवेव कुकिंग पर भी जोर दिया है। इससे खाना जल्दी पकता है और पोषक तत्व भी बने रहते हैं।
फ्राइंग और शैलो फ्राइंग के बारे में ICMR ने बताया कि इस तरह से खाना पकाने से खाने में फैट या वसा की मात्रा बढ़ जाती है। हालांकि स्वाद बढ़ाने में फ्राइंग और शैलों फ्राइंग बेहतर होती है।
ICMR के अनुसार खाना बनाने के अलावा, अच्छे स्वास्थ्य के लिए सही बर्तनों में खाना बनाना भी बहुत जरूरी होता है। ICMR की खाने के बर्तनों के लिए ये गाइडलाइन है-