खाटू श्याम बाबा का अनसुना रहस्य, जानिए श्री कृष्ण से मिले वरदान और सिर के बलिदान की पूरी कहानी
खाटू श्याम मंदिर: खाटू श्याम जी का प्रसिद्ध मंदिर राजस्थान के सीकर जिले के खाटू धाम में स्थित है, जहां बाबा श्याम के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ हमेशा उमड़ी रहती है।
खाटू श्याम बाबा की कहानी: मान्यता है कि खाटू श्याम जी (बर्बरीक की कहानी) ने युद्ध में सदैव हारने वाले पक्ष का साथ देने का वचन दिया था। इसलिए उन्हें कलयुग में 'हारे का सहारा' कहा जाता है।
खाटू श्याम जी कौन थे: पौराणिक कथा के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने बर्बरीक से उनके शीश का दान मांगा था। बर्बरीक ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपना शीश दान कर दिया, जिससे प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने उन्हें कलयुग में पूजे जाने का वरदान दिया।
भक्तों में यह गहरी आस्था है कि जो भी व्यक्ति सच्चे मन से बाबा श्याम के चरणों में माथा टेकता है और मनोकामना मांगता है, (खाटू श्याम बर्थडे) उनकी हर परेशानी जल्दी ही दूर हो जाती है और सारी मनोकामनाएं पूरी होती है।
Khatu Shyam: मंदिर के पास स्थित श्याम कुंड में स्नान करने से कई तरह के रोग दूर होते हैं। मान्यता है कि संतान प्राप्ति के लिए भी महिलाएं यहां आती हैं। यह वही स्थान है जहां बर्बरीक जी का शीश प्राप्त हुआ था।
कथाओं के अनुसार बर्बरीक का शीश खाटू गांव में मिला, जब एक गाय के थन से उस जगह दूध निकलने लगा। इसके बाद खुदाई में शीश प्रकट हुआ, जिसे मंदिर में स्थापित किया गया।
कुछ भक्तों का मानना है कि मंदिर की 13 सीढ़ियों से खाटूश्यामजी के दर्शन करने पर उनसे आंखों का संपर्क होता है।