उज्जैन मंगल नाथ मंदिर: भगवान शिव के पसीने से हुआ था मंगल ग्रह का जन्म, जानें कैसे
उज्जैन का मंगल नाथ मंदिर: मंगलनाथ मंदिर उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर बना है। इसे हिंदू धर्म के 7 सबसे पवित्र मंदिरों में गिना जाता है।
पुरानी कहानियों के हिसाब से, इस मंगलनाथ मंदिर को मंगल ग्रह (Mars) का जन्म स्थान माना जाता है।
कहा जाता है कि एक बार भगवान शिव और एक राक्षस की लड़ाई हुई। शिवजी के पसीने की गर्मी से धरती फट गई और उसी से मंगल ग्रह पैदा हुआ था।
भारत ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग यहां आकर अपनी कुंडली का मंगल दोष खत्म करवाते हैं।
इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यहां की भात पूजा है। इस भात पूजा में शिवलिंग को पके हुए चावल (भात) से सजाया जाता है।
मंदिर के अंदर (गर्भ गृह में) भगवान शिव ही मंगलनाथ बनकर शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं।
इस मंदिर में हर मंगलवार को बहुत सारे भक्त अपने मंगल दोष दूर करने के लिए आते हैं। महाशिवरात्रि और सावन के महीने में भी भक्तों की भीड़ लगती है।
यह मंदिर उज्जैन रेलवे स्टेशन से सिर्फ 6 किलोमीटर दूर है। यहां से आप आसानी से टैक्सी या ऑटो लेकर मंदिर तक पहुंच सकते हैं।