अलविदा नाना पाटेकर: विराट कोहली के जबरा फैन थे नाना पाटेकर, क्रिकेटर के आउट होने पर भूखे सो जाते थे उदय शेट्टी
बॉलीवुड इंडस्ट्री के लेजेंड्री और वर्सटाइल एक्टर नाना पाटेकर का आज (8 अक्टूबर 2026) सुबह 75 साल की उम्र में निधन हो गया है। वे भारतीय सिनेमा के उन दिग्गज कलाकारों में से हैं, जिनकी कड़क आवाज, दमदार डायलॉग डिलीवरी और बेहतरीन एक्टिंग ने दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज किया है। आइए जानें उनके करियर हिस्ट्री के बारे में।
एक जनवरी 1951 को जन्मे नाना पाटेकर का शुरुआती जीवन काफी मुश्किलों से भरा रहा। बचपन में गरीबी के कारण उनके पास क्रिकेट सीखने के पैसे नहीं होते थे, इसलिए वे शिवाजी पार्क जाकर नेट प्रैक्टिस करने वालों को ऑफ-स्पिन बॉलिंग कराया करते थे।
नाना ने थिएटर से शुरुआत की और 1989 की फिल्म परिंदा में अंडरवर्ल्ड डॉन अन्ना का रोल निभाकर इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया। इस फिल्म में उनके जबरदस्त इंटेंस रोल के लिए उन्हें पहला बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला।
साल 1994 की आइकॉनिक फिल्म क्रांतिवीर में उनके डायलॉग्स आज भी कल्ट माने जाते हैं। इसके लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला। इसके बाद साल 1996 में फिल्म अग्निसाक्षी के लिए तीसरा नेशनल अवॉर्ड और 2013 में उन्हें पद्मश्री से नवाजा गया।
फिल्म प्रहार: द फाइनल अटैक के लिए नाना ने मराठा लाइट इन्फैंट्री के साथ लगभग तीन साल तक कड़ी मिलिट्री ट्रेनिंग ली थी। ट्रेनिंग के बाद वे टेरिटोरियल आर्मी में शामिल हुए, जहां उन्हें कैप्टन और फिर लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद रैंक मिली और वे 2013 में रिटायर हुए। मराठी फिल्म नटसम्राट (2016) को उनकी लाइफ की बेस्ट परफॉर्मेंस माना जाता है।
साल 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान नाना पाटेकर ने रक्षा मंत्रालय से स्पेशल परमिशन ली और 15-20 दिन तक द्रास, लेह, कुपवाड़ा जैसे बॉर्डर इलाकों में सेना की क्विक रिएक्शन टीम (QRT) के साथ समय बिताया। वे हमेशा कहते थे कि देश सबसे पहले है और जवान असली हीरो हैं।
गंभीर और गुस्से वाले किरदारों के अलावा नाना ने कॉमेडी में भी अपनी अलग पहचान बनाई। 2007 की ब्लॉकबस्टर फिल्म वेलकम और उसके सीक्वल वेलकम बैक में उनका उदय शेट्टी का किरदार फैंस के बीच कल्ट बन गया। उन्होंने साबित कर दिया कि कॉमेडी में भी उनका कोई मुकाबला नहीं है। हाल ही में वे द वैक्सीन वॉर (2023) और वनवास (2024) जैसी फिल्मों में नजर आए थे।
नाना पाटेकर क्रिकेट के बहुत बड़े फैन थे। वे खुद कहते थे कि 10 दिन की प्रैक्टिस के बाद वे आज भी शानदार बॉलिंग कर सकते हैं। विराट उनके सबसे फेवरेट क्रिकेटर थे। उन्होंने एक बार एक इंटरव्यू में बताया था कि अगर विराट जल्दी आउट हो जाते थे, तो उनका खाना खाने का मन भी नहीं करता था। सिनेमा में उनकी ब्लॉकबस्टर एक्टिंग, कड़क आवाज, देशभक्ति और क्रिकेट के लिए दीवानगी हमेशा हर फैन के दिल में याद रहेगी।