सत्याग्रह से इस्तीफे तक: ऐतिहासिक तस्वीरों में दिखा सीजेपी का आंदोलन
सोनम वांगचुक ने 28 जून 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के छात्र आंदोलनकारियों के साथ मिलकर इस भूख हड़ताल की शुरुआत की।
दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को 18 जुलाई 2026 की सुबह (करीब 6:30 बजे) जंतर-मंतर धरना स्थल से हटाया। उस समय उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का 21वां दिन चल रहा था।
नीट (NEET-UG) पेपर लीक और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर संसद चलो मार्च प्रोटेस्ट 20 जुलाई 2026 को हुआ।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में 20 जुलाई 2026 को छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर बड़ा लाठीचार्ज हुआ था।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान 20 जुलाई, 22 जुलाई और 25 जुलाई 2026 को पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को रोकने के लिए वॉटर कैनन (पानी की बौछारें) का इस्तेमाल किया।
प्रदर्शन के दौरान एक युवा अपनी माँ की गोद में सिर रखकर सोता हुआ दिखाई दिया। इस तस्वीर को मार्मिक बताते हुए वायरल किया जा रहा है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के चेहरे पर बरखा त्रेहन नाम की महिला ने स्याही फेंकी थी।
NEET-UG पेपर लीक विवाद के दौरान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने वहां की दीवारों पर बड़े पैमाने पर स्लोगन (नारे) लिखे और कलाकृतियां (ग्राफिटी) बनाई थीं।
छात्र आंदोलनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाए गए मजबूत लोहे के बैरिकेड्स को धक्का देकर गिरा दिया था।