क्या है सांवलिया सेठ का रहस्य, जब भगवान कृष्ण ने एक गड़रिए के सपने में बताया था अपना पता
मंडफिया सांवलिया सेठ: कहा जाता है कि लगभग 1840 के आस-पास राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया गांव में एक गड़रिया था, जिसका नाम भोलाराम गुर्जर था। एक दिन उसे एक अजीब सपना आया। सपने में भगवान ने उसे बताया कि जमीन के नीचे तीन मूर्तियां दबी हुई हैं।
चित्तौड़गढ़ का सांवलिया सेठ मंदिर: जब भोलाराम ने उस जगह खुदाई करवाई, तो उन्हें भगवान कृष्ण की तीन मूर्तियां मिलीं। आज ये तीनों मूर्तियां तीन अलग-अलग मंदिरों में हैं।
भक्तों का विश्वास है कि भगवान कृष्ण खुद उनके व्यापार और धन-संपत्ति का ध्यान रखते हैं। इसलिए प्यार से सांवलिया सेठ कहने लगे।
मंडफिया में स्थापित मूल प्रतिमा काले पत्थर से बनी है। इन्हें मुख्य रूप से चार भुजाओं वाले भगवान कृष्ण के स्वरूप में पूजा जाता है।
इस मंदिर की सबसे बड़ी पहचान इसकी 'हंडी' परंपरा है। भक्त अपने व्यापार में हुए फायदे का एक हिस्सा गुप्त रूप से इस हंडी में दान करते हैं।
भक्तों की आस्था की वजह से, मंदिर अब बहुत बड़ा बन चुका है। यह मंदिर आधुनिक डिजाइन का एक शानदार उदाहरण है।
सांवलिया सेठ जी का यह मंदिर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में मंडफिया गांव में बना हुआ है।
Lord Sanwaliya Seth Temple in Rajasthan: हाल ही में 19 नवंबर को जब मंदिर का दानपात्र खोला गया, तो ₹51 करोड़ से ज्यादा की रिकॉर्ड तोड़ राशि और साथ में 207 किलो चांदी और 1.2 किलो सोना निकला। डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।