Gossip Benefits: पीठ पीछे बात करने वाले लोग होते हैं ज्यादा मिलनसार, नई रिसर्च का दावा
रोचक किस्से: क्या आप जानते हैं कि दूसरों के बारे में चटकारे लेकर बात करना सिर्फ आपकी आदत नहीं, बल्कि एक सुपरपावर भी हो सकती है? सुनकर थोड़ा अजीब लग रहा होगा, लेकिन मनोवैज्ञानिकों का कुछ ऐसा ही मानना है। गॉसिप को हम अक्सर बुराई का नाम देते हैं। मगर साइंस कहता है कि ये सोसाइटी को जोड़ने वाला एक स्ट्रांग ग्लू है।
न्यूयॉर्क के रिसर्चर्स ने खुलासा किया है कि गॉसिप करना एक बेहतरीन सोशल स्किल है। ये इंसानी सभ्यता को हजारों सालों से आगे बढ़ा रही है। आइए जानते हैं गॉसिप के पीछे का वो सच जो आज तक आपसे छुपाया गया था।
समाज को जोड़ने का जरिया है गॉसिप
दशकों की रिसर्च बताती है कि गॉसिप ने सभ्यता को हमेशा जोड़े रखा है। अमेरिका के नॉक्स कॉलेज के एक्सपर्ट फ्रैंक मैकएंड्रयू ने इस पर रिसर्च की है। उनके मुताबिक, गॉसिप करना असल में इंसानी व्यवहार का एक बुनियादी हिस्सा है। ये सिर्फ किसी की छवि बिगाड़ने के लिए नहीं किया जाता है।
ये लोगों के बीच जानकारी साझा करने का एक बहुत पुराना तरीका है। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर मेगन रॉबिन्स का कहना भी बहुत जरूरी है। उनके मुताबिक, गॉसिप से लोग दूसरों की गलतियों से सबक सीख लेते हैं। हम बिना खुद गलती किए समाज के जरूरी नियम जान लेते हैं।
पुरुष भी करते हैं गॉसिप
गॉसिप(Gossip Benefits) को लेकर हमारे मन में बहुत सारे पुराने मिथक बैठे हुए हैं। रिसर्च बताती है कि ज्यादातर गॉसिप न अच्छी होती है न बुरी। ये केवल एक सामान्य जानकारी होती है जो लोग शेयर करते हैं।
साथ ही, ये कहना गलत है कि केवल महिलाएं ही गॉसिप करती हैं। स्टडी के मुताबिक पुरुष भी इसमें महिलाओं के बराबर के भागीदार होते हैं।
मिलनसार लोग गॉसिप करने में होते हैं सबसे आगे
एक दिलचस्प बात ये है कि जो लोग मिलनसार होते हैं, वे गॉसिप ज्यादा करते हैं। ऐसे लोग समाज में ज्यादा एक्टिव रहते हैं और जानकारी रखते हैं।
मैकएंड्रयू इसे एक सोशल स्किल यानी सामाजिक कौशल का नाम देते हैं। एक कुशल व्यक्ति वही है जो जानकारी को जिम्मेदारी से साझा करता है। ऐसे भरोसेमंद लोगों का समाज में हमेशा सम्मान और महत्व बना रहता है।
अच्छी-बुरी गॉसिप के बीच का अंतर
गॉसिप की अच्छाई या बुराई हमेशा आपके इरादे पर निर्भर करती है। अगर गॉसिप का मकसद किसी को जवाबदेह बनाना है, तो यह अच्छी है। अच्छी गॉसिप समाज (रिलेशनशिप) में गलत काम करने वालों पर लगाम लगाती है। लेकिन अगर मकसद केवल किसी का अपमान करना है, तो वह गलत है।
बोलने से पहले हमेशा सोचें कि आप रिश्ते (Gen Z Relationships) जोड़ रहे हैं या तोड़ रहे हैं। गॉसिप के बिना कोई भी समाज सही ढंग से काम नहीं कर सकता। ये हमें ये समझने में मदद करती है कि कौन भरोसेमंद है।
इससे हम यह भी जानते हैं कि समाज में कौन कैसा व्यवहार करता है। यह एक सिक्योरिटी सिस्टम की तरह काम करता है जो सबको सतर्क रखता है। गॉसिप (gossip) ने ही इंसानों को एक-दूसरे के करीब लाने में मदद की है।
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