अब आपकी शादी बनेगी सबसे खूबसूरत, 100% काम करेंगे सुधा मूर्ति के ये गोल्डन रूल
शादी एक ऐसा रिश्ता है, जिसे निभाना कभी-कभी बहुत मुश्किल हो जाता है। वक्त के साथ रिश्तों में अक्सर खामोशी और गलतफहमियां घर कर लेती हैं। ऐसे में मशहूर लेखिका सुधा मूर्ति ने इसे बेहतर बनाने के कुछ तरीके बताए हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में अपने जीवन के गहरे एक्सपीरियंस शेयर किए।
सुधा मूर्ति के मुताबिक, शादी को सिर्फ निभाना ही काफी नहीं होता। इसमें गहराई और मजबूती लाने के लिए लगातार प्रयास करने पड़ते हैं। आज के इंस्टाग्राम वाले दौर में असली प्यार को समझना बहुत जरूरी है। सुधा मूर्ति की ये सीख हमारे रिश्तों को पूरी तरह बदल सकती है। आइए जानते हैं सुधा मूर्ति के दिए हुए वो तीन जादुई मंत्र।
दोस्ती का मजबूत रिश्ता बनाए रखिए
सुधा मूर्ति का पहला मंत्र कहता है कि पार्टनर से पहले दोस्त बनें। शादीशुदा जोड़े अक्सर सिर्फ अपनी जिम्मेदारियों के बोझ तले दब जाते हैं। जब आप अच्छे दोस्त होते हैं, तो हर बात शेयर कर पाते हैं।
दोस्तों के साथ हम खुलकर हंसते हैं और अपनी गलतियां बताते हैं। शादी में भी यही 'फ्रेंडशिप वाला फील' होना बहुत जरूरी है। सिर्फ पति-पत्नी बनकर न रहें, बल्कि एक-दूसरे की कंपनी एन्जॉय करें।
छोटी-छोटी बातों पर गपशप करें और मिलकर खूब मस्ती करें। दोस्ती होने पर आलोचना भी बुरी नहीं लगती और समझ बढ़ती है। यही दोस्ती सालों बाद भी आपके रिश्ते को तरोताजा रखती है।
एक-दूसरे को समझें और पूरा सम्मान दें
हर इंसान की अपनी एक अलग सोच और पसंद होती है। सुधा मूर्ति का दूसरा मंत्र पार्टनर को स्वीकार करने पर है। आप कभी भी किसी इंसान को पूरी तरह बदल नहीं सकते।
अगर आप बदलाव की जिद करेंगे तो रिश्ता बोझ बन जाएगा। शादी में एक-दूसरे के पर्सनल स्पेस की इज्जत करना जरूरी है। पार्टनर की आजादी का सम्मान करना ही सच्चे प्यार की निशानी है।
जब हम पार्टनर को उनकी पहचान के साथ स्वीकार करते हैं। तब रिश्ता अपनी असली नींव पर खड़ा होता है और चमकता है। सम्मान और स्वीकृति ही किसी भी मजबूत रिश्ते की असली जान है।
कम्युनिकेशन लाइन को कभी कमजोर न होने दें
वक्त के साथ कपल्स के बीच बातचीत काफी कम होने लगती है। यही चुप्पी अक्सर रिश्तों में बड़ी दूरियां पैदा कर देती है। सुधा मूर्ति का तीसरा और सबसे बड़ा मंत्र है - बातचीत।
चाहे कितना भी गुस्सा हो, कभी बोलना बंद मत कीजिए। खामोशी किसी भी मसले का हल नहीं हो सकती है। जब तक आप बात करेंगे, हर समस्या का समाधान मिलेगा।
बातचीत से आप अपनी गलतफहमियों को आसानी से दूर कर सकते हैं। अपनी भावनाओं को शब्दों में पिरोकर पार्टनर तक जरूर पहुंचाएं। संवाद की डोर को थामे रखना ही शादी की सफलता है।
छोटी-छोटी खुशियों में ढूंढें अपनापन
रिश्ते में हमेशा बड़े सरप्राइज का इंतजार करना गलत होता है। जिंदगी के छोटे लम्हे ही असल में सबसे ज्यादा खुशी देते हैं। साथ बैठकर चाय पीना या कोई मजेदार फिल्म देखना काफी है।
दिनभर की बातें शेयर करना भी रिश्ते को गहराई देता है। रोजमर्रा की इन छोटी खुशियों को कभी भी मिस न करें। इन पलों में नयापन और अपनापन दोनों ही छिपे होते हैं। जब आप छोटे पल साथ जिएंगे, शादी खूबसूरत बन जाएगी।
वक्त के साथ रिश्ते को नया मोड़ दें
इंसान की तरह रिश्तों की जरूरतें भी समय के साथ बदलती हैं। सुधा मूर्ति (sudha murthy speech)कहती हैं कि शादी में बदलाव बहुत जरूरी है। जब बच्चे बड़े हो जाएं, तो रिश्ते को नया आकार दें। साथ में ट्रैवल करें या कोई नया शौक पाल लें। कुछ नया सीखने से रिश्ते में फिर से जोश आता है। वक्त के साथ खुद को और रिश्ते को ढालते रहें।
कौन हैं सुधा मूर्ति
सुधा मूर्ति (Sudha Murty) भारत की एक बहुत ही प्रभावशाली और इंस्पायरिंग पर्सनैलिटी हैं। वे मशहूर आईटी कंपनी Infosys की को-फाउंडर और Infosys Foundation की चेयरपर्सन रही हैं।
सुधा मूर्ति एक बेहतरीन लेखिका भी हैं, जिन्होंने बच्चों और बड़ों के लिए कई शानदार किताबें लिखी हैं। वे अपनी सादगी और समाज सेवा के लिए पूरी दुनिया में जानी जाती हैं। उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण जैसे बड़े सम्मान से भी नवाजा गया है। वे आज के युवाओं के लिए एक रोल मॉडल हैं।
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