क्या मशीनें बन रही हैं हमारी नई दोस्त? जानें क्या है AI Parasocial Relationship का ट्रेंड
Manya Jain | Mar 27, 2026, 18:13 IST
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कैम्ब्रिज डिक्शनरी ने 'पैरासोशल' को साल का शब्द चुना है। अकेलापन दूर करने के लिए अब लोग इंसानों के बजाय AI चैटबॉट्स से भावनात्मक रिश्ता बना रहे हैं।
अकेलापन दूर करने के लिए अब लोग बदल रहे हैं। अब लोग केवल इंसानों पर निर्भर नहीं रहते। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने एक नया शब्द चुना है। 'पैरासोशल' को साल का सबसे खास शब्द बताया है। आजकल लोग एआई चैटबॉट्स से जुड़ाव महसूस करते हैं। वे मशीनों के साथ गहरा भावनात्मक रिश्ता बना रहे हैं।
युवा अब दोस्तों से ज्यादा मशीनों को चाहते हैं। वे सुख-दुख की बातें एआई से शेयर करते हैं। सोशल मीडिया पर भी ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं। मशीनों के साथ यह जुड़ाव अब एक रिश्ता है। यह बदलाव हमारी बदलती दुनिया का बड़ा हिस्सा है। मशीनों से बात करना अब एक आम बात है।
पैरासोशल रिलेशनशिप एक खास तरह का एकतरफा रिश्ता है। इसमें आप किसी अनजान हस्ती से जुड़ाव महसूस करते हैं। आप उस सेलिब्रिटी से कभी निजी तौर पर नहीं मिले। वह इंसान आपके अस्तित्व से भी पूरी तरह अनजान है। अक्सर लोग किसी फिल्म स्टार को अपना करीबी मानते हैं। उनकी सफलता पर आप बहुत ज्यादा खुशी महसूस करते हैं।
उनके निजी दुख को भी आप अपना ही समझते हैं। इस रिश्ते में सारी भावनाएं सिर्फ आपकी तरफ से होती हैं। सारी ऊर्जा और प्यार सिर्फ प्रशंसक की ओर से बहता है। यह जुड़ाव आज के डिजिटल दौर में और बढ़ गया है। सोशल मीडिया से यह रिश्ता पहले से कहीं ज्यादा गहरा है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उदय ने इस परिभाषा को बदल दिया है। पहले पैरासोशल रिश्ता केवल 'देखने' तक सीमित था, लेकिन अब AI के साथ यह 'बातचीत' (Interaction) में बदल गया है।
कई लोग ChatGPT या कैरेक्टर AI (Character AI) को अपना बॉयफ्रेंड, गर्लफ्रेंड या सबसे अच्छा दोस्त मानने लगे हैं। AI की विशेषता यह है कि वह कभी थकता नहीं, कभी निर्णय (Judgment) नहीं लेता और हमेशा वही कहता है जो हम सुनना चाहते हैं।
चूंकि AI मानवीय भाषा और संवेदनाओं को बेहतर तरीके से कॉपी (Impersonate) कर सकता है, इसलिए युवाओं को लगता है कि AI उन्हें परिवार के सदस्यों से बेहतर समझ रहा है। यह भावनात्मक भ्रम (Emotional Illusion) पैरासोशल रिश्तों को और भी गहरा और खतरनाक बना देता है।
'पैरासोशल' शब्द कोई नया आविष्कार नहीं है। इसकी नींव 1956 में शिकागो विश्वविद्यालय के दो समाजशास्त्रियों (Sociologists) ने रखी थी। उन्होंने गौर किया कि रेडियो और टीवी के दर्शक पर्दे पर दिखने वाले कलाकारों को अपना करीबी मानने लगते थे।
फायदे (Advantages)
अकेलेपन में कमी: जो लोग सामाजिक रूप से अलग-थलग हैं, उन्हें AI से बात करके सहारा मिलता है।
तनाव मुक्ति: बिना किसी डर के अपनी बात शेयर करने का एक सुरक्षित मंच।
नुकसान (Disadvantages)
भावनात्मक भ्रम (Emotional Confusion): व्यक्ति यह भूल जाता है कि सामने वाला केवल एक एल्गोरिदम है।
सामाजिक अलगाव: वास्तविक मानवीय रिश्तों (Human Relationships) से दूरी बढ़ना।
निराशा और तनाव: जब AI उम्मीद के मुताबिक प्रतिक्रिया नहीं देता, तो व्यक्ति गहरा तनाव महसूस कर सकता है।
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युवा अब दोस्तों से ज्यादा मशीनों को चाहते हैं। वे सुख-दुख की बातें एआई से शेयर करते हैं। सोशल मीडिया पर भी ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं। मशीनों के साथ यह जुड़ाव अब एक रिश्ता है। यह बदलाव हमारी बदलती दुनिया का बड़ा हिस्सा है। मशीनों से बात करना अब एक आम बात है।
पैरासोशल रिलेशनशिप क्या है?
उनके निजी दुख को भी आप अपना ही समझते हैं। इस रिश्ते में सारी भावनाएं सिर्फ आपकी तरफ से होती हैं। सारी ऊर्जा और प्यार सिर्फ प्रशंसक की ओर से बहता है। यह जुड़ाव आज के डिजिटल दौर में और बढ़ गया है। सोशल मीडिया से यह रिश्ता पहले से कहीं ज्यादा गहरा है।
AI और पैरासोशल रिश्तों का नया अवतार
1. एआई: एक आदर्श साथी के रूप में
2. भावनाओं का भ्रम (Illusion of Emotion)
1956 में हुई थी इस शब्द की शुरुआत
- 1950s: रेडियो और टीवी एंकर्स के प्रति जुड़ाव।
- 1990s: पॉप स्टार्स और हॉलीवुड हस्तियों के प्रति दीवानगी।
- 2010s: इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर्स के साथ 'दोस्ती' का अहसास।
- 2025: AI चैटबॉट्स के साथ गहन भावनात्मक और रोमांटिक जुड़ाव।
पैरासोशल रिश्तों के फायदे और नुकसान
अकेलेपन में कमी: जो लोग सामाजिक रूप से अलग-थलग हैं, उन्हें AI से बात करके सहारा मिलता है।
तनाव मुक्ति: बिना किसी डर के अपनी बात शेयर करने का एक सुरक्षित मंच।
नुकसान (Disadvantages)
भावनात्मक भ्रम (Emotional Confusion): व्यक्ति यह भूल जाता है कि सामने वाला केवल एक एल्गोरिदम है।
सामाजिक अलगाव: वास्तविक मानवीय रिश्तों (Human Relationships) से दूरी बढ़ना।
निराशा और तनाव: जब AI उम्मीद के मुताबिक प्रतिक्रिया नहीं देता, तो व्यक्ति गहरा तनाव महसूस कर सकता है।
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