सिंहासन छत्तीसी : दिल्ली मेहरबान तो सब कुछ आसान,3 कैटेगरी की पत्रकार सूची रेडी
RAIPUR : छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में कुछ चर्चाएं बहुत तेजी से चल रही हैं। बीजेपी में एक बात तो तय है कि दिल्ली मेहरबान तो सब कुछ आसान। ऐसी ही एक नेत्री पर दिल्ली मेहरबान हुई है जिससे उनकी ताजपोशी जल्द ही बड़े पद पर होने वाली है। चर्चा ये भी है कि बीजेपी सरकार में बड़े पदों पर बैठे कुछ लोगों ने तीन केटेगरी के पत्रकारों की सूची तैयार की है।
सूची में सब कुछ उल्टा पुल्टा हो गया है। बीजेपी के करीबियों को दूर और विरोधियों को निकट बता दिया गया है। सूबे में एक बड़े साहब ऐसे हैं जिन्होंने जमीनों में बड़ा निवेश प्लान तैयार किया है। निवेश उस जगह हो रहा है जहां पर बड़े प्रोजेक्ट आने वाले हैं। छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों की ऐसी ही अनसुनी खबरों के लिए पढ़िए द सूत्र का साप्ताहिक कॉलम सिंहासन छत्तीसी।
दिल्ली जाएंगी मेडम :
छत्तीसगढ़ में एक अहम संवैधानिक पद पर बैठीं मेडम अब दिल्ली जाने की तैयारी कर रही हैं। सूत्र कहते हैं कि उनको राष्ट्रीय स्तर के पद की जिम्मेदारी दी जाएगी। केंद्रीय नेतृत्व में प्रभवशाली पद पर बैठे भाईसाहब ने इनकी प्रतिभा,क्षमता और योग्यता को पहचाना है। दिल्ली से निकटता के चलते ही इनको और बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही है।
भाईसाहब का जब रायपुर दौरा हुआ था और इस दौरान उन्होंने बीजेपी की महत्वपूर्ण बैठक भी ली थी तभी अलग से उनकी मुलाकात कुछ अहम लोगों से हुई थी। इन अहम लोगों में मेडम भी शामिल थीं। तभी उनको ये संकेत दिया गया था कि उनकी ताजपोशी किसी बड़े पद पर की जाएगी। यह भी संवैधानिक पद है जिसका दायरा पूरे देश तक रहेगा। वैसे ये बीजेपी में कम ही नजर आती थीं लेकिन इनकी लॉटरी बड़ी लग गई है।
तीन केटेगरी के पत्रकार :
छत्तीसगढ़ में तीन केटेगरी के पत्रकार काम कर रहे हैं। यह हम नहीं कह रहे बल्कि सत्ता के शीर्ष पर विराजमान कुछ लोगों ने यह सूची तैयार की है। यह केटेगरी है ए,बी और सी। ए केटेगरी में वे लोग हैँ जो प्रो बीजेपी माने जा सकते हैं। बी केटेगरी में 50-50 और सी केटेगरी में बीजेपी से दूर और कांग्रेस से ज्यादा करीबी पत्रकार माने जा सकते हैं।
यहां तो ठीक है सत्ता में इस तरह की एक्सरसाइज होती रहती है। लेकिन यहां पर गौर करने वाली बात यह है कि जिन लोगों ने यह लिस्ट तैयार की है उन्होंने गड़बड़ी कर दी है। या फिर यूं कहें कि जानबूझकर यह किया गया है। जो श्रेणी बीजेपी के करीबी मीडियामैन की बनाई गई है उनमें घोर विरोधी लोगों को भी जगह दे दी गई है। वहीं बीजेपी के घोर समर्थकों को प्रो कांग्रेसी बता दिया गया है। अब यह क्यों किया गया है ये तो वही जानें लेकिन इससे बीजेपी के समर्थक पत्रकार बहुत दुखी हो गए हैं।
अफसर-बिल्डर का नया गठजोड़ :
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और नया रायपुर में इन दिनों जमीन के बड़े सौदों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सत्ता और नौकरशाही के गलियारों में ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि जिन क्षेत्रों में भविष्य में बड़े विकास कार्यों या संभावित इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की संभावना जताई जा रही है, वहां तेजी से जमीन की खरीद-फरोख्त हो रही है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि कुछ प्रभावशाली जमीन कारोबारी विकास परियोजनाओं से जुड़ी सूचनाओं का लाभ उठाकर पहले से जमीनें खरीद रहे हैं। खबर है कि एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी का नाम भी इस पूरे नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जिन इलाकों में भविष्य में बड़े प्रोजेक्ट आने की संभावना जताई जा रही है, वहां जमीनों के दाम बढ़ने से पहले निवेश किया जा रहा है।
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