10 करोड़ की टैक्स चोरी, स्टील कारोबारी गिरफ्तार, उतई से रायपुर लाया गया
छत्तीसगढ़ में टैक्स चोरी के खिलाफ स्टेट जीएसटी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। दुर्ग जिले के उतई निवासी स्टील कारोबारी विजय यादव को करीब 10 करोड़ रुपए की कथित जीएसटी चोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। विजय यादव आयरन और स्टील स्क्रैप के बड़े कारोबार से जुड़ा है। उसका कारोबार रायपुर, दुर्ग समेत प्रदेश के कई जिलों तक फैला हुआ बताया जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद स्टील और स्क्रैप कारोबार से जुड़े व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। विभाग की नजर अब कारोबारी के पूरे नेटवर्क पर है।
कई महीनों से रडार पर था कारोबारी
सूत्रों के मुताबिक स्टेट जीएसटी विभाग काफी समय से विजय यादव की कारोबारी गतिविधियों पर नजर रखे हुए था। जांच के दौरान अधिकारियों को जीएसटी रिटर्न, टैक्स भुगतान और व्यापारिक लेन-देन में कई संदिग्ध पहलू मिले। इसके बाद दस्तावेजों का मिलान किया गया और पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद कार्रवाई की रणनीति बनाई गई। विभाग का दावा है कि शुरुआती जांच में टैक्स चोरी के पुख्ता संकेत मिले हैं।
उतई से गिरफ्तारी, रायपुर में पूछताछ
स्टेट जीएसटी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से उतई में दबिश देकर कारोबारी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद उसे रायपुर स्थित स्टेट जीएसटी मुख्यालय लाया गया, जहां अधिकारियों की टीम लगातार पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ में टैक्स चोरी के तौर-तरीकों के साथ उन लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं, जो इस पूरे कारोबार से जुड़े रहे हैं। विभाग अब हर कड़ी को जोड़ने में जुटा है।
रिकॉर्ड से खुलेगा पूरा खेल
अधिकारियों ने कारोबारी के बैंक खातों, जीएसटी रिटर्न, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, ई-वे बिल, बिलिंग पैटर्न और वित्तीय दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं फर्जी फर्मों, कागजी बिलों या इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के गलत इस्तेमाल के जरिए टैक्स चोरी तो नहीं की गई। सूत्रों का कहना है कि जांच आगे बढ़ी तो कई और कारोबारी भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
स्टील कारोबार पर विभाग की खास नजर
आयरन और स्टील स्क्रैप कारोबार में करोड़ों रुपए का लेन-देन होता है। इस सेक्टर में फर्जी बिलिंग, इनपुट टैक्स क्रेडिट और कागजी खरीद-बिक्री के जरिए टैक्स चोरी के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। यही वजह है कि स्टेट जीएसटी विभाग इस कारोबार पर विशेष निगरानी रखता है। विजय यादव के मामले में भी विभाग हर दस्तावेज का मिलान कर रहा है ताकि टैक्स चोरी की वास्तविक रकम और पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
जांच बढ़ी तो कई और नाम आ सकते हैं सामने
फिलहाल विभाग ने मामले में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। यदि करीब 10 करोड़ रुपए की कथित टैक्स चोरी के आरोप सही पाए जाते हैं तो कारोबारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। वहीं सूत्रों का दावा है कि यह कार्रवाई सिर्फ एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि आने वाले दिनों में टैक्स चोरी से जुड़े बड़े नेटवर्क पर भी विभाग का शिकंजा कस सकता है।
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