आज 170 नक्सलियों ने किया सरेंडर, शाह का दावा-48 घंटे में 258 माओवादियों ने डाले हथियार, अबूझमाड़ नक्सल मुक्त
Raipur. भारत में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में बीते 48 घंटे बेहद ऐतिहासिक रहे। आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में 170 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इस दौरान कुल 258 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण करके समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। यह आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित इलाकों में हुआ।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटनाक्रम को नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई का एक “ऐतिहासिक क्षण” बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए निरंतर काम कर रही है।
आत्मसमर्पण का पूरा आंकड़ा
बीते दो दिनों में हुए आत्मसमर्पण के आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं:
- छत्तीसगढ़ (आज ) – 170 नक्सलियों ने किया सरेंडर
- छत्तीसगढ़ (कल) – 27 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया
- महाराष्ट्र – 61 नक्सलियों ने हथियार डाले
इस तरह, केवल 48 घंटों में कुल 258 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जो हाल के वर्षों में सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
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नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें ले रहा है- अमित शाह
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 31 मार्च 2026 तक देश को पूरी तरह नक्सल मुक्त बना दिया जाए।
सरकार की दो टूक नीति
अमित शाह ने सरकार की नीति को बिल्कुल स्पष्ट बताया। उन्होंने कहा- “जो आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, उनका स्वागत है। लेकिन जो बंदूक उठाए रहेंगे, उन्हें हमारी सेना के प्रकोप का सामना करना पड़ेगा।”
उन्होंने सभी बचे हुए नक्सलियों से अपील की कि वे भी हिंसा छोड़कर शांति और विकास की मुख्यधारा से जुड़ें।
छत्तीसगढ़ के दो नक्सल गढ़ हुए मुक्त
अमित शाह ने बताया कि छत्तीसगढ़ के दो बड़े नक्सली गढ़- अबूझमाड़ और उत्तरी बस्तर अब पूरी तरह नक्सल मुक्त घोषित किए जा चुके हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि दक्षिणी बस्तर में बची हुई नक्सली गतिविधियों को भी जल्द खत्म कर दिया जाएगा।
जनवरी 2024 से अब तक की कार्रवाई
गृह मंत्री ने बताया कि भाजपा सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान तेज हुआ है। इसके आंकड़े इस प्रकार हैं:
- आत्मसमर्पण: 2,100 नक्सली
- गिरफ्तार: 1,785 नक्सली
- एनकाउंटर: 477 नक्सली
अमित शाह ने कहा कि ये आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि भारत जल्द ही नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होने की दिशा में है।