रायपुर में लगेगा आकार-2026 कला शिविर, युवाओं को मिलेगी पारंपरिक शिल्प सीखने की ट्रेनिंग

VINAY VERMA | May 22, 2026, 15:02 IST
aakar-traditional-art-craft-training-camp
छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग का आकार-2026 पारंपरिक कला और शिल्प प्रशिक्षण शिविर 25 मई से 9 जून 2026 तक रायपुर में आयोजित किया जाएगा। 16+ पारंपरिक और आधुनिक कला विधाओं में प्रशिक्षण, अनुभवी कला गुरुओं से सीखने का मौका, और समापन पर प्रदर्शनी।

छत्तीसगढ़ सरकार का संस्कृति एवं राजभाषा विभाग एक बार फिर पारंपरिक कला और शिल्प को बढ़ावा देने के लिए बड़ा आयोजन करने जा रहा है। विभाग द्वारा “आकार-2026” पारंपरिक शिल्प एवं कला प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 25 मई से 9 जून 2026 तक रायपुर में किया जाएगा। इस शिविर का उद्देश्य युवाओं और कला प्रेमियों को प्रदेश की पारंपरिक कला विधाओं से जोड़ना और उन्हें विशेषज्ञों से प्रशिक्षण दिलाना है। आयोजन महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर, सिविल लाइन रायपुर में होगा।



21 मई से शुरू हुआ पंजीयन

संस्कृति विभाग के अनुसार, शिविर के लिए पंजीयन प्रक्रिया 21 मई 2026 से शुरू कर दी गई है। इच्छुक प्रतिभागी सीधे संग्रहालय परिसर पहुंचकर आवेदन कर सकते हैं। प्रशिक्षण दो पालियों में आयोजित किया जाएगा। सुबह की पाली सुबह 7 बजे से 10 बजे तक और शाम की पाली शाम 5 बजे से 8 बजे तक चलेगी। शिविर में शामिल होने के लिए मात्र 100 रुपये पंजीयन शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं, दिव्यांग और अनाथ बच्चों के लिए पूरी तरह शुल्क मुक्त व्यवस्था की गई है।



16 से अधिक कला विधाओं का मिलेगा प्रशिक्षण

आकार-2026 शिविर में प्रतिभागियों को 16 से अधिक पारंपरिक और आधुनिक कला विधाओं में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें वाद्ययंत्र, क्ले और टेक्सचर आर्ट, पेंटिंग, बोनसाई आर्ट, भरथरी गायन, कथक नृत्य, मंडला एवं मांडना आर्ट, रजवार भित्ति चित्र, जुट शिल्प, गोदना शिल्प, छत्तीसगढ़ी पारंपरिक गहने, वुडन ट्रायबल आर्ट, लोकसंगीत, हस्तकढ़ाई, टेराकोटा और लिप्पन आर्ट जैसी विधाएं शामिल हैं। खास बात यह है कि इस बार शिविर में एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रशिक्षण को भी शामिल किया गया है।



CG Culture Department


कला गुरुओं से सीखने का मिलेगा मौका

संस्कृति विभाग का दावा है कि शिविर में प्रदेश और देश के ख्याति प्राप्त कला गुरुओं को आमंत्रित किया गया है। प्रतिभागियों को पारंपरिक कला के साथ आधुनिक डिजाइन और शिल्प तकनीकों की भी जानकारी दी जाएगी। विभाग का मानना है कि इससे युवाओं में स्वरोजगार और कला आधारित करियर के नए अवसर विकसित होंगे। साथ ही छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।



समापन पर लगेगी प्रदर्शनी

शिविर समाप्त होने के बाद प्रतिभागियों द्वारा तैयार कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। समापन दिवस पर सभी प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। विभाग ने कहा है कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आईडी कार्ड भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे शुल्क जमा करने के बाद प्राप्त किया जा सकेगा।



ऑनलाइन भी उपलब्ध है आवेदन

संस्कृति विभाग ने आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए आवेदन प्रारूप अपनी आधिकारिक वेबसाइट CG Culture Department पर उपलब्ध कराया है। इच्छुक अभ्यर्थी वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा विभाग ने सहायता के लिए ईमेल और मोबाइल नंबर भी जारी किए हैं, ताकि प्रतिभागियों को पंजीयन में किसी तरह की परेशानी न हो।



युवाओं में दिख रहा उत्साह

हर साल आयोजित होने वाले “आकार” शिविर को लेकर युवाओं और कला प्रेमियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। कला से जुड़ी विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षण और विशेषज्ञों से सीधे सीखने का अवसर मिलने के कारण बड़ी संख्या में लोग इसमें हिस्सा लेने की तैयारी कर रहे हैं।



ये खबरें भी पढ़ें...

25 सालों से बिना सेटअप चल रहा संस्कृति विभाग,2012 से खोजने की कोशिश नाकाम



आदि परब में दिखी आदिवासी संस्कृति व परंपराओं की झलक, देशभर के कलाकारों ने पेश की कला



बुरहानपुर: विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन, 76.75 लाख की राशि से हितग्राहियों का सम्मान



छत्तीसगढ़ में आज से सुशासन तिहार का आगाज; गांवों और शहरों में लगेंगे समाधान शिविर, CM साय करेंगे औचक निरीक्षण



Tags:
  • रायपुर
  • छत्तीसगढ़ सरकार
  • संस्कृति विभाग
  • प्रशिक्षण शिविर