भर्ती में बदलाव, स्क्रैप से कमाई, और ठेकेदारों को राहत... साय कैबिनेट के 3 बड़े फैसले
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। सरकार ने स्क्रैप निस्तारण से लेकर भर्ती व्यवस्था और सड़क निर्माण तक बड़े निर्णय लिए। कैबिनेट के फैसलों को प्रशासनिक सुधार और विकास कार्यों की रफ्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।
कबाड़ से कमाई का नया प्लान
कैबिनेट ने राज्य के विभागों, निगमों, मंडलों और स्थानीय निकायों में जमा स्क्रैप और अनुपयोगी सामान के निस्तारण के लिए बड़ा फैसला लिया। सरकार ने भारत सरकार के उपक्रम मैटल स्क्रैप ट्रेड कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी MSTC के साथ सेलिंग एजेंसी अनुबंध की अवधि अगले तीन साल के लिए बढ़ा दी है।
यह अनुबंध नवंबर 2019 से लागू था और 31 मई 2026 को खत्म होने वाला था। अब इसे आगे जारी रखा जाएगा। सरकार का मानना है कि MSTC के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म से स्क्रैप बेचने की प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और तकनीक आधारित हुई है।
ऑनलाइन नीलामी से बढ़ेगा राजस्व:
सरकार के मुताबिक MSTC के ई-प्लेटफॉर्म पर देशभर के खरीदार ऑनलाइन बोली लगाते हैं। इससे विभागों को स्क्रैप का बेहतर दाम मिलता है। साथ ही पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहती है।
इस फैसले से अब अलग-अलग विभागों को अलग से टेंडर और विज्ञापन जारी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रशासनिक समय बचेगा और सरकारी परिसरों में जमा कबाड़ भी तेजी से हट सकेगा। सरकार इसे “स्वच्छ कार्यालय और बेहतर स्पेस मैनेजमेंट” से भी जोड़कर देख रही है।
GAD संभालेगा चयन मंडल:
कैबिनेट बैठक में भर्ती व्यवस्था को लेकर भी बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया। सरकार ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल को सामान्य प्रशासन विभाग यानी GAD के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन कार्य आवंटन नियम में संशोधन किया जाएगा। दरअसल, नया “छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल अधिनियम 2026” लागू होने के बाद पुराने व्यापमं यानी व्यावसायिक परीक्षा मंडल का विलय नए कर्मचारी चयन मंडल में हो चुका है।
संपत्ति भी ट्रांसफर, जिम्मेदारी भी:
सरकार ने साफ किया है कि पुराने व्यावसायिक परीक्षा मंडल की सभी परिसंपत्तियां और देनदारियां भी नए कर्मचारी चयन मंडल में शामिल कर दी गई हैं। अब भर्ती प्रक्रिया को ज्यादा केंद्रीकृत और नियंत्रित तरीके से संचालित करने की तैयारी है।
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि इससे भर्ती परीक्षाओं में समन्वय बेहतर होगा और विभागीय नियंत्रण भी मजबूत होगा। आने वाले समय में भर्ती प्रक्रिया में तकनीकी सुधार और निगरानी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
डामर महंगा तो सरकार ने दी राहत:
कैबिनेट में सड़क निर्माण कार्यों को लेकर भी अहम फैसला लिया गया। सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 के बीच डामर की कीमतों में हुई असाधारण वृद्धि को देखते हुए ठेकेदारों को सीमित राहत देने का निर्णय लिया है।
यह राहत केवल डामर की बढ़ी कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए दी जाएगी। सरकार ने साफ किया है कि बाकी निर्माण सामग्री पर पहले से लागू एस्केलेशन नियम ही लागू रहेंगे।
सड़क परियोजनाएं रुकें नहीं, सरकार की चिंता:
सरकार का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में तेजी के कारण सड़क निर्माण कार्य प्रभावित होने लगे थे। इससे डामरीकरण और सड़क संधारण कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ने का खतरा था।
इसी वजह से सरकार ने यह राहत पैकेज लागू किया है ताकि निर्माण एजेंसियां काम बंद न करें और सड़क परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।
केंद्र के फैसले की तर्ज पर राज्य का कदम:
राज्य सरकार ने यह भी बताया कि भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए भी इसी तरह की राहत देने के निर्देश जारी किए हैं। उसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ सरकार ने भी फैसला लिया है।
सरकार का दावा है कि इससे सड़क निर्माण कार्यों की गति बनी रहेगी और आम लोगों को समय पर बेहतर सड़क सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
यह खबरें भी पढ़ें...
26 मई को साय कैबिनेट की बैठक, कई बड़े फैसलों पर रहेगी नजर
साय कैबिनेट में शामिल होंगी महिला विधायक, कांग्रेस के चेहरे में बदलाव की आहट
क्या साय कैबिनेट के फेरबदल पर बनेगी बात, सीएम की दिल्ली में आला नेताओं से मुलाक़ात
Sai cabinet: साय कैबिनेट बैठक में लिए गए कई अहम फैसले, कृषि, आवास और खेल के क्षेत्र में मिलेगा लाभ