छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग : गायब शिक्षकों को सीधे किया जायेगा बर्खास्त
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में अनुशासन व्यवस्था को दुरुस्त करने और लगातार गायब रहने वाले शिक्षकों पर नकेल कसने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने एक बेहद सख्त और दूरगामी आदेश जारी किया है। नए निर्देशों के तहत, अब कर्तव्यों से नदारद रहने वाले लापरवाह शिक्षकों को केवल निलंबित (सस्पेंड) करके निलंबन भत्ता देने की खानापूर्ति नहीं की जाएगी, बल्कि उनके खिलाफ सीधी जांच बैठाकर सीधे नौकरी से बर्खास्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
डीपीआई के इस कड़े रुख से प्रदेश के शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गायब रहने वाले कर्मचारियों को सस्पेंड रखने से शासन पर अनावश्यक वित्तीय बोझ (निलंबन भत्ता) पड़ता है, जिससे बचने के लिए अब सीधे सेवा समाप्ति का रास्ता अपनाया जाएगा।
15 दिन का नोटिस और सीधे बर्खास्तगी
डीपीआई द्वारा प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) और संभागीय संयुक्त संचालकों (जेडी) को भेजे गए पत्र में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं:
एक महीने से गायब रहने पर : जो भी शिक्षक या कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के एक महीने या उससे अधिक समय से अनुपस्थित हैं, उन्हें उनके ज्ञात पते पर 15 दिनों का अंतिम नोटिस भेजा जाएगा।
कड़ी कानूनी कार्रवाई : यदि तय समय सीमा के भीतर कर्मचारी उचित और संतोषजनक कारण नहीं बता पाता है, तो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के तहत जांच पूरी कर उसे सीधे सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा।
पेंशन और रिटायरमेंट लाभ पर गिरेगी गाज
नए नियमों के अनुसार, बिना बताए एक महीने से अधिक समय तक ड्यूटी से गायब रहने की अवधि को अब 'सेवा में व्यवधान' (Break in Service) माना जाएगा। इसका सीधा और घातक असर कर्मचारी के भविष्य पर पड़ेगा।
इस अनाधिकृत अनुपस्थिति की अवधि के लिए कोई भी अवकाश (Leave) स्वीकृत नहीं किया जाएगा। इसे कर्मचारी की सेवा पुस्तिका (Service Book) में काले धब्बे के रूप में दर्ज किया जाएगा। इसके परिणामस्वरूप, सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाली पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य रिटायरमेंट लाभों पर सीधे गाज गिरेगी।
3 साल गायब रहने पर स्वतः इस्तीफा : छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2010 के तहत, यदि कोई शासकीय सेवक बिना अनुमति के लगातार 3 वर्ष से अधिक समय तक गायब रहता है, तो मान लिया जाएगा कि उसने पद से इस्तीफा दे दिया है। ऐसे कर्मचारियों की विभाग में वापसी नामुमकिन होगी।
लापरवाह अधिकारियों की भी खैर नहीं
इस नए आदेश में केवल शिक्षकों को ही नहीं, बल्कि उनके सीनियर अधिकारियों को भी जवाबदेह बनाया गया है। यदि किसी जिले या ब्लॉक में निर्देशों का पालन करने में देरी होती है, या कोई अधिकारी किसी दोषी कर्मचारी को संरक्षण देने या बचाने का प्रयास करता है, तो संबंधित कार्यालय प्रमुख और पर्यवेक्षक अधिकारियों (Supervisors) के खिलाफ भी तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
हालिया निरीक्षणों में सामने आए मामले
राज्य में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद किए गए औचक निरीक्षणों में कई गंभीर मामले सामने आए हैं, जिन्होंने इस कड़े फैसले की पृष्ठभूमि तैयार की:
पुरानी व्यवस्था में बदलाव क्यों जरूरी था?
अब तक की व्यवस्था में, प्राइमरी से लेकर हाई स्कूल तक के लापरवाह शिक्षकों को केवल 'कारण बताओ नोटिस' या निलंबन की सजा मिलती थी। निलंबन के दौरान भी उन्हें घर बैठे नियमानुसार भत्ता मिलता रहता था और विभागीय सांठगांठ के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाती थी। हालात में सुधार न होता देख, सरकार ने अब सीधे बर्खास्तगी और पेंशन रोकने जैसा कड़ा रुख अख्तियार किया है, ताकि शासकीय स्कूलों में शिक्षा के स्तर और अनुशासन को अक्षुण्ण रखा जा सके।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग का यह कड़ा कदम सरकारी शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन सुधारने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। निलंबन भत्ते के वित्तीय बोझ को खत्म कर सीधे बर्खास्तगी और पेंशन रोकने का यह प्रावधान लापरवाह शिक्षकों में डर पैदा करेगा, जिससे स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति और शिक्षा का स्तर बेहतर होगा।
FAQ
- छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में अनुशासन सुधारने के लिए किस विभाग ने नया आदेश जारी किया है?
यह सख्त आदेश लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), छत्तीसगढ़ द्वारा जारी किया गया है। - बिना सूचना के कितने दिनों तक ड्यूटी से गायब रहने पर बर्खास्तगी का नोटिस मिलेगा?
एक महीने या उससे अधिक समय तक बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने पर 15 दिनों का अंतिम नोटिस देकर बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी - छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 2010 के अनुसार कितने वर्ष लगातार गायब रहने पर स्वतः इस्तीफा मान लिया जाता है?
यदि कोई शासकीय सेवक बिना अनुमति के लगातार 3 वर्ष से अधिक समय तक गायब रहता है, तो मान लिया जाएगा कि उसने पद से इस्तीफा दे दिया है।
यह खबरें भी पढ़ें...
इंदौर स्कूल शिक्षा विभाग में दो करोड़ के गबन में आरोपियों की पत्नी और परिजन भी बने आरोपी
आग में जले शिक्षा विभाग के मुख्य दस्तावेज, निजी स्कूलों से दोबारा मांगे दस्तावेज
हसदेव अरण्य में नई खदान को मंजूरी पर भड़के सिंहदेव बोले-अडानी को फायदा पहुंचाने का खेल शुरू
MP में शिक्षकों की सैलरी से कटेगा पैसा, स्कूल शिक्षा विभाग ने बुलाई कर्मचारी संगठनों की बैठक !