छत्तीसगढ़ की सरकारी स्कूलों में AI की एंट्री, शुरू होने जा रहा है आधुनिक युग

Aishwarya Dwivedi | Apr 08, 2026, 12:21 IST
AI Enters Chhattisgarh Government Schools Modern Era
छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों में AI आधारित 'ORF टूल' का इस्तेमाल बच्चों की पठन क्षमता को सुधारने के लिए किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में दो जिलों में शुरुआत, बाद में पूरे राज्य में लागू होगा।

NEWS IN SHORT

  • छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में AI आधारित पठन उपकरण की शुरुआत।
  • 'मौखिक धाराप्रवाह पठन (ORF) टूल' से बच्चों की पठन दक्षता का आकलन होगा।
  • पायलट प्रोजेक्ट के रूप में दो जिलों में शुरुआत, बाद में पूरे राज्य में लागू।
  • 15 जिलों से 200 घंटे का कंटेंट तैयार किया गया।
  • शिक्षकों को AI टूल और सुधारात्मक विधियों का प्रशिक्षण मिलेगा।

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाएगा। जिससे विद्यार्थियों की पठन क्षमता, लेखन और स्मरण शक्ति को बेहतर बनाने की दिशा में एक नया कदम उठाया गया है। शिक्षा विभाग ने AI आधारित एप्लीकेशन लागू करने की योजना बनाई है। जिसका उद्देश्य बच्चों के अध्ययन स्तर का आकलन कर उनके समस्या समाधान के लिए रणनीतियां तैयार करना है। इस पहल को राज्य स्तर पर एक कार्यशाला के दौरान साझा किया गया, जिसमें इसके रूपरेखा को निर्धारित किया गया।



पूरे राज्य में होगी लागू

इस योजना की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में दो जिलों में की जाएगी और इसके सफल होने के बाद इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। इसके तहत 15 जिलों से 200 घंटे का कंटेंट तैयार किया गया है। राज्य शिक्षा विभाग के अधिकारी जेपी रथ ने बताया कि यह कदम बच्चों की पठन क्षमता और समझ को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। इसके लिए वाधवानी AI के सहयोग से विकसित एक टूल, 'मौखिक धाराप्रवाह पठन (ORF) टूल' का इस्तेमाल किया जाएगा। जिससे प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की पठन दक्षता का सटीक आकलन किया जाएगा और उपचारात्मक सुधार प्रदान किया जाएगा।



क्या है ORF टूल और इसका कार्य?

ORF टूल एक वॉयस AI मॉडल ASR (Automatic Speech Recognition) पर आधारित है। इस टूल की मदद से बच्चों की आवाज को रिकॉर्ड करके उसे लिखित शब्दों (ट्रांसक्रिप्ट) में बदल दिया जाता है, जिससे शिक्षक केवल 2–3 मिनट में बच्चों की पढ़ने की सटीकता और गति का आकलन कर सकते हैं। मनीष सिंह, स्ट्रीट कोऑर्डिनेटर ने बताया कि इस टूल को राज्य की भाषा और बच्चों की स्थानीय बोली के अनुसार प्रशिक्षित किया गया है। इसके लिए 300 से अधिक स्कूलों से 200 घंटों का वॉयस डेटा एकत्रित किया गया।



मुख्य उद्देश्य

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कक्षा 3-5 और 6-8 के बच्चों की पठन दक्षता को सुनिश्चित करना है, ताकि सभी बच्चे धाराप्रवाह और समझ के साथ पढ़ सकें। साथ ही, निपुण भारत मिशन के तहत तय किए गए पठन लक्ष्यों को भी प्राप्त किया जाएगा। इसके अलावा, शिक्षकों को इस प्रणाली के माध्यम से बच्चों के पठन स्तर का सटीक आकलन करने और सुधारात्मक शिक्षण देने में मदद मिलेगी।



कार्यक्रम की कार्यान्वयन योजना

  • प्रशिक्षण : शिक्षकों को AI टूल और सुधारात्मक विधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • एकीकरण : इसे राज्य के मौजूदा डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि अलग से कोई ऐप डाउनलोड न करना पड़े।
  • बेसलाइन आकलन : बच्चों के वर्तमान स्तर का मूल्यांकन सत्र की शुरुआत में किया जाएगा।
  • आकलन परिणाम : बच्चों को उनकी क्षमता के अनुसार चार समूहों में बांटा जाएगा।
  • सुधार रिमेडिएशन : परिणामों के आधार पर विशेष शिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
  • एंडलाइन आकलन : कार्यक्रम के अंत में बच्चों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा।

इस मॉडल को पहले राजस्थान और गुजरात में सफलता पूर्वक लागू किया गया है, और अब छत्तीसगढ़ में इसे व्यापक स्तर पर लागू करने की योजना है।



निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में AI का उपयोग बच्चों की पठन क्षमता सुधारने के लिए किया जाएगा। 'ORF टूल' के माध्यम से शिक्षक बच्चों की पठन दक्षता का आकलन कर सुधारात्मक शिक्षा देंगे। यह मॉडल पहले राजस्थान और गुजरात में सफल रहा है, अब इसे छत्तीसगढ़ में लागू किया जाएगा।



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