किडनी मरीजों की बढ़ती संख्या पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता, शराब बन रही है बड़ी वजह छत्तीसगढ़ में स्थति चिंताजनक

Umeshwari Baghel | Apr 30, 2026, 20:16 IST
alcohol-consumption-impact-on-kidney-health-raipur
रायपुर में शराब के सेवन से किडनी की बीमारी तेजी से बढ़ रही है, आंबेडकर अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग में 40% मरीजों की किडनी शराब के कारण प्रभावित हो रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा किडनी रोगियों के लिए निशुल्क डायलिसिस सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

NEWS IN SHORT

  • शराब के सेवन से किडनी पर बढ़ता खतरा, 40% मरीजों की किडनी प्रभावित
  • आंबेडकर अस्पताल में किडनी रोगी बढ़े, शराब से लिवर के साथ किडनी भी डैमेज
  • स्वास्थ्य विभाग की किडनी मरीजों के लिए योजना, निशुल्क डायलिसिस सेवा उपलब्ध
  • दुर्लभ किडनी रोग का सफल इलाज, 19 साल के मरीज को मिली राहत
  • नेफ्रोलॉजी विभाग में उपचार सुविधाओं का विस्तार, रिसर्च की जरूरत पर जोर

NEWS IN DETAIL

Raipur। शराब का सेवन अब सिर्फ लिवर को ही नहीं, बल्कि किडनी को भी नुकसान पहुंचा रहा है। हाल ही में छत्तीसगढ़रायपुरआंबेडकर अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग में किडनी मरीजों की संख्या में 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई है।



अधिकतर मामलों में लिवर के साथ-साथ किडनी भी प्रभावित हो रही है। यह स्थिति चिंता का कारण बन चुकी है, और इस पर रिसर्च की आवश्यकता जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अल्कोहल से किडनी में होने वाले नुकसानों पर गहराई से अध्ययन किया जाए।



किडनी की बीमारी में वृद्धि, इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग की योजना

प्रदेश में किडनी की बीमारी अब एक सामान्य समस्या बन चुकी है। स्वास्थ्य विभाग इस पर नियंत्रण पाने के लिए कई योजनाएं चला रहा है।



जिला अस्पतालों से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों तक, किडनी रोगियों के लिए निशुल्क डायलिसिस सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इस सेवा के तहत आंबेडकर और डीके अस्पताल में किडनी रोगियों को उचित उपचार मिल रहा है।



शराब के सेवन से लिवर के साथ किडनी भी प्रभावित

आंबेडकर अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉक्टरों के अनुसार, किडनी रोगों के मरीजों की 40 प्रतिशत संख्या उन व्यक्तियों की है, जिनका लिवर शराब के सेवन से प्रभावित है। शराब के कारण लिवर में समस्या होने के साथ-साथ



मरीजों की किडनी भी डैमेज हो रही है। ऐसे मरीजों को डायलिसिस की जरूरत पड़ रही है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इस ट्रेंड को देखते हुए अब इस पर शोध किया जाना आवश्यक हो गया है।



दुर्लभ बीमारी का इलाज भी हुआ सफल

नेफ्रोलॉजी विभाग में हाल ही में एक 19 साल के युवक को इलाज दिया गया, जिसकी दोनों किडनी खराब हो गई थीं। उस युवक की त्वचा का रंग चितकबरा हो चुका था



और उसे डायलिसिस की आवश्यकता थी। डॉक्टरों ने उसे किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी थी, लेकिन इलाज से उसकी स्थिति में सुधार हुआ और अब वह बेहतर महसूस कर रहा है।



डायलिसिस से मिल रही राहत, भविष्य में और विस्तार की योजना

आंबेडकर अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग में किडनी प्रभावित मरीजों को डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा, बच्चों के किडनी ट्रांसप्लांट जैसी विशेष उपचार की सुविधाओं के विस्तार की योजना बनाई जा रही है।



विभाग के अध्यक्ष डॉ. पुनीत गुप्ता का कहना है कि किडनी और लिवर से संबंधित समस्याओं में निरंतर वृद्धि हो रही है, और इस पर शोध की आवश्यकता है।



रिसर्च और अध्ययन की आवश्यकता

डॉ. पुनीत गुप्ता ने बताया कि शराब के सेवन से लिवर और किडनी दोनों प्रभावित हो रहे हैं, जिसे लेकर चिकित्सा विशेषज्ञ गंभीर चिंतित हैं।



उन्हें लगता है कि इस बढ़ती समस्या पर गंभीर शोध किया जाना चाहिए, ताकि इसके उपचार में सुधार हो सके और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।



यह खबरें भी पढ़े...

आंबेडकर अस्पताल में डॉक्टरों ने किया कमाल; मरीज की पीठ से निकाला 10.30 किलो का विशाल ट्यूमर, पहली बार सफल हुई इतनी बड़ी सर्जरी



छत्तीसगढ़ के आंबेडकर अस्पताल के 100 से ज्यादा डॉक्टरों पर गिरफ्तारी वारंट



एमपी में महिलाओं के शराब सेवन पर जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव से अब कर दी ये मांग



दुर्ग के बाद बिलासपुर में ED का छापा; शराब घोटाला मामले में सराफा कारोबारी के ठिकानों पर हड़कंप



Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर
  • स्वास्थ्य विभाग
  • डायलिसिस
  • शराब का सेवन
  • छत्तीसगढ़ के आंबेडकर अस्पताल