अमित बघेल को हाईकोर्ट ने दी जमानत, लेकिन 3 महीने रायपुर से रहना होगा दूर

Harrison Masih | Apr 09, 2026, 18:27 IST
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अमित बघेल को 3 महीने की अंतरिम जमानत मंजूर की है। अमित बघेल जोहार छत्तीसगढ़िया पार्टी के अध्यक्ष हैं। यह मामले छत्तीसगढ़ महतारी प्रतिमा विवाद से जुड़े हैं।

NEWS IN SHORT

  • जोहार छत्तीसगढ़िया पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल बड़ी राहत।
  • हाईकोर्ट ने 14 एफआईआर में 3 महीने की अंतरिम जमानत दी।
  • यह मामले छत्तीसगढ़ महतारी प्रतिमा विवाद से जुड़े हैं।
  • अमित बघेल 3 महीने तक रायपुर जिले में निवास नहीं करेंगे।

NEWS IN DETAIL

अमित बघेल को हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत

जोहार छत्तीसगढ़िया पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ रायपुर के तेलीबांधा, कोतवाली और देवेंद्र नगर थानों में दर्ज कुल 14 एफआईआर मामलों में 3 महीने की अंतरिम जमानत मंजूर कर ली है।



रायपुर में रहने पर 3 महीने की रोक

हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत देते हुए यह शर्त भी लगाई है कि अमित बघेल अगले 3 महीने तक रायपुर जिले की सीमा में निवास नहीं करेंगे। हालांकि उन्हें कोर्ट में पेशी के लिए तय तारीखों पर रायपुर आने की अनुमति दी गई है।



छत्तीसगढ़ महतारी प्रतिमा विवाद से जुड़ा है मामला

करीब 5 महीने पहले रायपुर के VIP चौक स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया था। इस घटना के बाद अमित बघेल द्वारा अग्रवाल और सिंधी समाज को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया था, जिसके बाद अलग-अलग थानों में उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए थे।



मूर्ति तोड़फोड़ के बाद हुआ था हंगामा

प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की घटना के बाद छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई थी। बाद में प्रतिमा को दोबारा स्थापित कर दिया गया और मूर्ति तोड़ने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। परिजनों के अनुसार आरोपी मानसिक रूप से बीमार था और उसका इलाज पहले भी चल चुका था।



प्रदेशभर में हुआ था विरोध प्रदर्शन

अमित बघेल के बयान के विरोध में रायपुर, रायगढ़ और सरगुजा सहित प्रदेश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए थे। अग्रवाल समाज ने बयान को लेकर कड़ी कार्रवाई और सार्वजनिक माफी की मांग भी उठाई थी।



दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आया फैसला

मामले में हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अंतरिम जमानत का आदेश जारी किया। अमित बघेल की ओर से अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा ने पैरवी की, जबकि आपत्तिकर्ता की ओर से सुनील ओटवानी और राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने पक्ष रखा।



IMP FACTS

आरोपी: अमित बघेल


पद: अध्यक्ष, जोहार छत्तीसगढ़िया पार्टी


मामले: 14 एफआईआर


थाने: तेलीबांधा, कोतवाली, देवेंद्र नगर (रायपुर)


राहत: 3 महीने की अंतरिम जमानत


शर्त: 3 महीने तक रायपुर जिले में निवास नहीं


विवाद: छत्तीसगढ़ महतारी प्रतिमा प्रकरण से जुड़ी टिप्पणी


विरोध: अग्रवाल और सिंधी समाज द्वारा प्रदर्शन



आगे क्या

अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी। कोर्ट आगे की परिस्थितियों और जांच की प्रगति के आधार पर स्थायी राहत या अन्य आदेश जारी कर सकता है।



निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ महतारी प्रतिमा विवाद से जुड़े बयान के बाद दर्ज 14 एफआईआर मामलों में अमित बघेल को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिलना बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है। हालांकि कोर्ट की शर्तों के साथ मिली यह जमानत फिलहाल अस्थायी है और मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी।



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