जमीन को लेकर विरोध पर अमित शाह का बड़ा बयान, बोले इसी वजह से न खेती अच्छी हुई, न जीवन सुधरा
Raipur. छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में हुई मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मीडिया से रुबरु हुए। शाह ने बस्तर के विकास के विजन को साझा किया और पिछली कांग्रेस सरकार पर नक्सल उन्मूलन के लिए सहयोग न करने का आरोप लगाया। जल,जंगल,जमीन को लेकर आदिवासियों के विरोध और बोधघाट परियोजना को लेकर अमित शाह ने बड़ा बयान दिया।
अमित शाह ने कहा कि इसी कारण न खेती अच्छी हुई और न जीवन अच्छा हुआ। शाह ने कहा कि मैं नहीं मानता कि अब आदिवासी ऐसी किसी चीज से जुड़ेंगे। उन्होंने कहा कि आपने तय किया है कि चीजों को पटरी पर न चढ़ने देना। आप आपका काम करें, मैं अपना काम करुंगा।
कांग्रेस पर निशाना :
अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पिछली सरकार ने नक्सलवाद के खात्मे के लिए केंद्र सरकार का सहयोग नहीं किया। शाह ने आदिवासियों से अपील की है कि वे नाम बदलकर,पहचान बदलकर आने वाले लोगों के बहकावे में न आएं। वे राज्य और केंद्र सरकार का साथ दें। जो लोग बहकाने आएं उनसे पूछें की उन्होंने पिछले 50 साल में क्या किया। अब बस्तर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
70 कैंपों को बनाएंगे सेवा डेरा :
अमित शाह ने कहा कि 200 सुरक्षा कैंपों में से 70 कैंप को सेवा डेरा बनाएंगे। इस सेवा डेरा का मकसद सरकार को लोगों के दरवाजे तक ले जाना है। इस सेवा डेरा में बैंकिंग सुविधाएं होगी,अधार कार्ड बनेगा। यह कॉमन सर्विस सेंटर के रुप में काम करेगा। यहां पर स्वास्थ्य सेवाएं,राशन दुकानें,स्कूल,आंगनबाड़ी,कौशल विकास के साथ विकास के सारे काम होंगे। यह रोजगार देने वाला आर्थिक केंद्र के रुप में विकसित होगा। यहां पर महिलाओं की आजीविका का साधन भी मिलेगा। 50 साल से विकास से दूर रहे लोगों को तत्काल सुविधाएं मिलेंगी।
हर आदिवासी को एक गाय,एक भैंस :
अमित शाह ने कहा कि बस्तर के हर आदिवासी परिवार को एक गाय और एक भैंस दी जाएगी। सहकारिता के जरिए यहां पर दुग्ध क्रांति लाई जाएगी जिससे यहां के लोगों की आय बढ़ेगी। डेयरी का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आपके उप मुख्यमंत्री गुजरात में इस पूरे सेटअप को देखकर आए हैं। अब नक्सल मुक्त विकसित बस्तर बनेगा।
2031 तक बस्तर देश का सबसे विकसित संभाग होगा। शाह ने बस्तर के लिए पांच साल का सुरक्षा से संतुष्टि तक का फॉर्मूला दिया। उन्होंने कहा कि जब तक संतुष्टि का स्तर नहीं आ जाता तब तक बस्तर को नक्सल मुक्त नहीं माना जा सकता। शाह ने बस्तर के संपूर्ण विकास की परिकल्पना लांच की। उन्होंने बस्तर में हो रहे विकास के बारे में भी जानकारी दी।
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