विधायक अनुज शर्मा का मोबाइल नंबर हैक, परिचितों से मांगे जा रहे पैसे, बोले- किसी कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें
Umeshwari Baghel | Oct 06, 2026, 18:59 IST
नेताओं के नाम का फायदा उठा रहे साइबर ठग
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा विधायक अनुज शर्मा साइबर ठगी से जुड़े एक मामले को लेकर चर्चा में हैं। उनका मोबाइल नंबर हैक हो गया है। आरोप है कि उनके नंबर का इस्तेमाल कर लोगों से पैसे मांगे जा रहे हैं। मामला सामने आने के बाद विधायक ने खुद सोशल मीडिया के जरिए लोगों को सतर्क किया है।
उन्होंने साफ कहा है कि उनके मोबाइल नंबर से पैसे मांगने वाला कोई कॉल या मैसेज आए तो उस पर भरोसा न करें।अनुज शर्मा ने वीडियो जारी कर बताया कि उनके मोबाइल नंबर के साथ छेड़छाड़ हुई है। इसके बाद कुछ लोगों को उनके नंबर से संपर्क किया जा रहा है। मैसेज और कॉल के जरिए पैसे भेजने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि कोई व्यक्ति उनके नाम और पहचान का फायदा उठाकर लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।
मामले की जानकारी मिलते ही अनुज शर्मा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया। इसमें उन्होंने अपने समर्थकों, परिचितों और आम लोगों से सावधान रहने की अपील की। विधायक ने कहा कि फिलहाल उनके मोबाइल नंबर को कम्प्रोमाइज मानकर चलें। उस नंबर से यदि किसी तरह की आर्थिक मदद मांगी जाती है तो पैसे ट्रांसफर न करें।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनके नंबर से कोई संदिग्ध मैसेज मिलता है तो उसमें दिए गए लिंक पर क्लिक न करें। साइबर ठग कई बार लिंक के जरिए बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड या दूसरी निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में बिना पुष्टि किसी भी डिजिटल लिंक को खोलना जोखिम भरा हो सकता है।
विधायक ने लोगों से कहा है कि यदि उनके नंबर से पैसों की मांग की जाती है तो उस कॉल या मैसेज को नजरअंदाज कर दें। इसके बाद किसी दूसरे माध्यम से उनसे या उनके करीबी लोगों से संपर्क कर जानकारी जरूर दें। इससे संदिग्ध गतिविधि के बारे में जल्द पता लगाया जा सकेगा।
उन्होंने लोगों से इस सूचना को ज्यादा से ज्यादा साझा करने की भी अपील की है। उनका कहना है कि जानकारी अधिक लोगों तक पहुंचेगी तो किसी व्यक्ति के ठगी का शिकार होने की आशंका कम होगी।
यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि जनप्रतिनिधियों के नाम से आने वाले कॉल या मैसेज पर लोग जल्दी विश्वास कर सकते हैं। किसी परिचित नाम या नंबर से अचानक पैसे मांगे जाने पर लोग बिना ज्यादा जांच किए रकम भेज सकते हैं। साइबर ठगी में इसी भरोसे का फायदा उठाया जाता है।
ऐसे मामलों में सबसे जरूरी है कि पैसे भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति से दूसरे नंबर या किसी भरोसेमंद माध्यम से पुष्टि कर ली जाए। खास तौर पर तब जब अचानक कोई बैंक ट्रांसफर, यूपीआई पेमेंट या ऑनलाइन भुगतान करने को कहा जाए।
अनुज शर्मा ने फिलहाल लोगों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि उनके नंबर से आने वाले किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या पैसे की मांग पर कार्रवाई न करें। किसी भी लिंक को खोलने से पहले उसकी जांच करें और निजी या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
विधायक की अपील के बाद यह जानकारी सोशल मीडिया पर भी तेजी से साझा की जा रही है। उनका उद्देश्य यही है कि समय रहते ज्यादा से ज्यादा लोगों को सतर्क किया जा सके और उनके नाम का इस्तेमाल कर की जा रही कथित धोखाधड़ी से किसी को आर्थिक नुकसान न हो।
विधायक ने वीडियो जारी कर दी जानकारी
उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनके नंबर से कोई संदिग्ध मैसेज मिलता है तो उसमें दिए गए लिंक पर क्लिक न करें। साइबर ठग कई बार लिंक के जरिए बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड या दूसरी निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में बिना पुष्टि किसी भी डिजिटल लिंक को खोलना जोखिम भरा हो सकता है।
दूसरे माध्यम से जानकारी देने की अपील
उन्होंने लोगों से इस सूचना को ज्यादा से ज्यादा साझा करने की भी अपील की है। उनका कहना है कि जानकारी अधिक लोगों तक पहुंचेगी तो किसी व्यक्ति के ठगी का शिकार होने की आशंका कम होगी।
पहचान का फायदा उठाकर ठगी की कोशिश
ऐसे मामलों में सबसे जरूरी है कि पैसे भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति से दूसरे नंबर या किसी भरोसेमंद माध्यम से पुष्टि कर ली जाए। खास तौर पर तब जब अचानक कोई बैंक ट्रांसफर, यूपीआई पेमेंट या ऑनलाइन भुगतान करने को कहा जाए।
संदिग्ध कॉल और लिंक से रहें सावधान
विधायक की अपील के बाद यह जानकारी सोशल मीडिया पर भी तेजी से साझा की जा रही है। उनका उद्देश्य यही है कि समय रहते ज्यादा से ज्यादा लोगों को सतर्क किया जा सके और उनके नाम का इस्तेमाल कर की जा रही कथित धोखाधड़ी से किसी को आर्थिक नुकसान न हो।
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