छत्तीसगढ़ विधानसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश, 17 जुलाई को चर्चा

Arun Tiwari | Jul 14, 2026, 15:56 IST
छत्तीसगढ़ सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव 2026
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस ने बीजेपी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था, किसान, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। 17 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी।

कांग्रेस ने विधानसभा में बीजेपी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार विभिन्न मोर्चों पर विफल रही है।



कानून-व्यवस्था, किसानों, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।



कांग्रेस ने कहा कि सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी है, इसलिए उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। विधानसभा अध्यक्ष ने नियमों के तहत अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए इस पर चर्चा के लिए 17 जुलाई की तारीख तय की है।



इस दिन प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस होगी। जिसके बाद मतदान कराया जाएगा। राजनीतिक दृष्टि से इस चर्चा को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि विपक्ष सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है।



हालांकि संख्या बल के हिसाब से सरकार को इस पर कोई खतरा नहीं है।



सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक :

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली। वेदांता समूह की खदान में हुए हादसे में 25 लोगों की मौत का मुद्दा विपक्ष ने जोरदार ढंग से उठाया।



कांग्रेस ने इस घटना को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के साथ जिम्मेदार अधिकारियों और कंपनी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई और सदन का माहौल काफी गर्म हो गया।



चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में लगातार औद्योगिक दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।



उन्होंने आरोप लगाया कि वेदांता की खदान में हुई घटना प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की गंभीर लापरवाही का परिणाम है, जिसकी वजह से 25 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इसी दौरान सदन में कांग्रेस और भाजपा विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।



चर्चा के दौरान बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर की एक टिप्पणी पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कड़ी आपत्ति जताई। बहस के दौरान महंत ने चंद्राकर से कहा दिनभर चढ़ी रहती है क्या। इस टिप्पणी के बाद सदन में कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बन गई।



टोंटी तो लगी है पानी कहां है :

वहीं सत्ता पक्ष के विधायकों ने जल जीवन मिशन पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव को घेरा। बीजेपी विधायक भैयालाल राजवाड़े ने कहा कि घरों में टोंटी लग गईं,गांव में टंकियां बन गई लेकिन पानी कहा हैं।



उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत घर घर पानी पहुंचाने का दावा किया गया था लेकिन घरों में आज भी पानी नहीं पहुंचा है। इस पर अरुण साव ने कहा कि सरकार जल जीवन मिशन पर गंभीर है और जहां पानी नहीं पहुंचा है वहां जल्द ही पानी पहुंचाया जाएगा।



अजय चंद्राकर के सवाल पर सामने आया कि राजधानी रायपुर में डेढ़ लाख लोग अभी भी टेंकर के सहारे हैं जबकि अमृत योजना के तहत करोड़ों रुपए खर्च किए जा चुके हैं।



वहीं विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने भैयालाल राजवाड़े के सवाल पर कहा कि सचिन तेंदुलकर बहुत दिन बात बल्लेबाजी करने उतरे हैं।



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