वेदांता के अनिल अग्रवाल पर कार्रवाई नहीं, महंत बोले, क्या लेन देन चल रहा

Arun Tiwari | Jul 14, 2026, 13:15 IST
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वेदांता हादसे पर विधानसभा में बवाल 2026
वेदांता हादसे पर विधानसभा में बवाल 2026

छत्तीसगढ़ विधानसभा में वेदांता पावर प्लांट हादसे को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने सरकार पर वेदांता डायरेक्टर अनिल अग्रवाल को बचाने का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की बात कही।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में वेदांता पर जमकर बवाल हुआ। विपक्ष ने सरकार पर वेदांता के डायरेक्टर अनिल अग्रवाल को बचाने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि क्या अनिल अग्रवाल से लेन-देन चल रहा है।

वहीं भूपेश बघेल ने कहा कि अकेले अनिल अग्रवाल पर कार्रवाई की बात क्यों की जा रही है। सरकार ने पिछली औद्योगिक दुर्घटनाओं में किसी बड़े आदमी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।

क्या इस फैक्ट्री को किसी और को सौंपने की योजना है। इसको लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने जमकर हंगामा किया।

नेता प्रतिपक्ष ने उठाया मामला:

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह मामला नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने उठाया। महंत ने कहा कि पुलिस एफआईआर में अनिल अग्रवाल का नाम है तो क्या कोई इंग्लैंड गया है पूछताछ के लिए।

सरकार अनिल अग्रवाल को बचाने की कोशिश क्यों कर रही है। विवेचना के नाम पर बचाया जा रहा है। वहीं कांग्रेस विधायक रामकुमार यादव ने कहा कि मृतकों के परिजनों को अब तक एक पैसा भी मुआवजे के रूप में नहीं मिला है।

जबकि केंद्र और राज्य सरकार ने 5 लाख देने की घोषणा की है। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि पीडितों को मुआवजा दिया जा रहा है। विवेचना के बाद जो दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।

क्या है वेदांता पावर प्लांट हादसा?

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट के बॉयलर में 14 अप्रैल 2026 को हुए ब्लास्ट में 25 श्रमिकों की मौत हो गई थी। इस हादसे में 36 मजदूर झुलस गए थे। घटना के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मृत श्रमिकों के स्वजनों को 5 लाख रूपए और घायलों को 50 हजार रूपए की सहायता राशि देने की घोषणा की थी। वहीं, प्लांट प्रबंधन की ओर से मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रूपए और घायलों को भी आर्थिक सहायता दी गई थी।

19 लोगों पर एफआईआर दर्ज

हादसे की जांच में प्रथम दृष्टया प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई थी, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस ने अनिल अग्रवाल, प्लांट हेड देवेंद्र पटेल समेत कुल 19 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सभी आरोपियों के खिलाफ लापरवाही से मौत की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की पड़ताल की गई थी।

मजिस्ट्रियल जांच के दिए गए थे निर्देश

घटना के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि जांच में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ श्रम कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने औद्योगिक सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की बात कही थी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

FAQ

  1. वेदांता पावर प्लांट हादसा कब हुआ था?
    छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट की घटना 14 अप्रैल 2026 को हुई थी। हादसे में 25 श्रमिकों की मौत हुई और बड़ी संख्या में मजदूर घायल हुए थे।
  2. वेदांता प्लांट हादसे की जांच कौन कर रहा है?
    हादसे के बाद मजिस्ट्रियल जांच और तकनीकी जांच के निर्देश दिए गए थे। जांच में दुर्घटना के कारण, सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारी तय करने जैसे बिंदुओं की पड़ताल की जा रही है।

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