वेदांता हादसा अपडेट; मृतकों की संख्या हुई 25, NHRC ने सरकार से मांगी रिपोर्ट

Harrison Masih | Apr 25, 2026, 11:44 IST
Share
vedanta-plant-blast-25-workers-dead-nhrc-inquiry
vedanta-plant-blast-25-workers-dead-nhrc-inquiry

सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट ब्लास्ट में अब तक 25 मजदूरों की मौत हो चुकी है। हादसे में 36 लोग झुलसे थे, जिनमें कुछ की हालत गंभीर है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने अब तक 25 मजदूरों की जान ले ली है। हादसे में 36 मजदूर झुलस गए थे, जिनमें से अभी भी 3 की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि 5 मरीजों को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है और 2 को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है।

हादसे की पूरी जानकारी

14 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे वेदांता पावर प्लांट के बॉयलर में अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी में इस हादसे में 4 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। समय के साथ घायलों की हालत बिगड़ती गई और इलाज के दौरान कई मजदूरों ने दम तोड़ दिया। इस भीषण हादसे में मरने वालों की संख्या अब बढ़कर 25 हो चुकी है, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।

NHRC ने लिया स्वतः संज्ञान

घटना के 10 दिन बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने वेदांता मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए गंभीर रुख अपनाया है। आयोग ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि हादसे की पूरी जवाबदेही तय की जाए और पीड़ितों को शीघ्र न्याय सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही NHRC ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस जारी करते हुए 2 सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है, ताकि घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदारियों की स्पष्ट जांच हो सके।

जांच में सामने आई लापरवाही

औद्योगिक सुरक्षा विभाग की प्रारंभिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि बॉयलर फर्नेस के अंदर अत्यधिक फ्यूल जमा होने से प्रेशर बढ़ा और पाइप अपनी स्थिति से हट गया, जिससे विस्फोट हुआ। एफएसएल रिपोर्ट में भी तकनीकी लापरवाही और मेंटेनेंस में चूक को हादसे का मुख्य कारण बताया गया है।

कंपनी और जिम्मेदारी पर सवाल

जांच में यह भी सामने आया है कि वेदांता प्लांट का संचालन और मेंटेनेंस NGSL को सौंपा गया था, जबकि पावर यूनिट-1 की निगरानी और दैनिक संचालन की जिम्मेदारी भी इसी टीम के पास थी। इस व्यवस्था के तहत सुरक्षा और तकनीकी मानकों के पालन की जिम्मेदारी संबंधित ऑपरेटरों पर थी। हादसे के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए कंपनी प्रबंधन पर सवाल उठे हैं और वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है, जिससे जांच का दायरा और अधिक विस्तृत हो गया है।

FIR और जांच

घटना के बाद औद्योगिक सुरक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त जांच शुरू की गई। शुरुआती रिपोर्ट में गंभीर लापरवाही पाए जाने के बाद FIR दर्ज की गई। अब मामले की विस्तृत जांच एएसपी स्तर की टीम कर रही है।

राजनीतिक और औद्योगिक प्रतिक्रिया

उद्योगपति नवीन जिंदल ने वेदांता पावर प्लांट हादसे के बाद दर्ज हुई FIR पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि घटना की वास्तविक परिस्थितियों और सबूतों के आधार पर ही जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। जिंदल ने यह भी कहा कि ऐसी दुर्घटनाओं में मानकों का समान रूप से पालन होना जरूरी है, चाहे मामला सरकारी क्षेत्र का हो या निजी उद्योग का, ताकि न्यायसंगत और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

आगे की जांच जारी

प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कैसे हुई और किस स्तर पर चूक हुई। NHRC की रिपोर्ट के बाद मामले में और सख्त कार्रवाई की संभावना है।

ये खबरें भी पढ़ें...

vedanta plant blast: उच्च स्तरीय जांच शुरू, आप भी दे सकते हैं दुर्घटना से जुड़े साक्ष्य और बयान

वेदांता प्लांट हादसा ; मौत का आंकड़ा 24 पहुंचा, दिल्ली की स्पेशल टीम ने संभाली जांच की कमान

sakti vedanta news: मृतकों की संख्या बढ़कर 23 पहुंची, 13 मजदूर अब भी जिंदगी और मौत के बीच

सक्ती पावर प्लांट हादसा ; प्राइमरी एयर फैन में खराबी ने ली 21 जानें

Tags:
  • वेदांता पावर प्लांट
  • vedanta plant blast
  • वेदांता प्लांट हादसा
  • sakti vedanta news
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब

By VINAY VERMA

अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब