30 अप्रैल को छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र, निंदा प्रस्ताव लाएगी सरकार

Harrison Masih | Apr 23, 2026, 15:33 IST
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छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा, जिसमें महिला आरक्षण कानून और डीलिमिटेशन विधेयक पर निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने इसे महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।

Raipur. छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। विधानसभा सचिवालय ने इस सत्र की अधिसूचना जारी कर दी है, इस सत्र की अध्यक्षता विधानसभा स्पीकर डॉ. रमन सिंह कर सकते हैं, जो बजट सत्र के शुरुआत में कुछ दिनों तक आसंदी संभालने के बाद कमर की सर्जरी के कारण सत्र से बाहर थे, लेकिन अब पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं।



महिला आरक्षण और परिसीमन पर चर्चा

इस विशेष सत्र में मुख्य रूप से महिला आरक्षण कानून और डीलिमिटेशन (परिसीमन) से संबंधित 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक के पारित न होने के विरोध में एक निंदा प्रस्ताव (Censure Motion) प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विपक्ष पर इस ऐतिहासिक सुधार में रुकावट डालने का आरोप लगाया है और इसे महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बताया है।



उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण कानून का विरोध करने से यह दिखता है कि विपक्ष महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ खड़ा है। इस प्रस्ताव के माध्यम से सरकार यह संदेश देना चाहती है कि वह महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस मामले में विपक्ष की नकारात्मक भूमिका को जनता के सामने लाएगी।



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सशक्तिकरण और विकास पर गहन चर्चा की संभावना

यह सत्र न केवल छत्तीसगढ़ के लिए, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि इस दौरान नारी शक्ति वंदन, महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके सर्वांगीण विकास पर गहन चर्चा होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ सरकार ने पहले भी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, और यह सत्र उस दिशा में एक और कदम माना जा सकता है।



राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण सत्र

यह एक दिवसीय सत्र राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि महिला आरक्षण और इसके विरोध के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हो सकती है। इस मुद्दे पर पूरे देश में लगातार चर्चा हो रही है, और छत्तीसगढ़ विधानसभा का यह सत्र उस चर्चा में एक नया आयाम जोड़ सकता है।



राज्य सरकार के इस कदम को महिला अधिकारों के लिए एक सशक्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जबकि विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक दृषटिकोन से देखने की कोशिश कर सकता है। यह विशेष सत्र छत्तीसगढ़ के राजनीतिक परिदृश्य के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में भी एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।



सत्र की तिथी और स्थान

यह विशेष सत्र (Cg Vidhansabha) 30 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा, और इसकी अध्यक्षता स्पीकर डॉ. रमन सिंह करेंगे। इस सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक से जुड़े संवैधानिक संशोधन को लेकर विरोध और समर्थन की गहरी बहस होने की उम्मीद जताई जा रही है।



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