सिंहासन छत्तीसी : थाईलैंड के आश्रम में बाबा करा रहे इन्वेस्टमेंट, जिनको परोसा शराब और कबाब वही लगा रहे बट्टा
कहते हैं आदमी बड़ा नहीं बल्कि सबसे बड़ा वक्त होता है। नेताजी ने जिनको पंचसितारा होटलों में शराब ओर कबाब का लुत्फ उठवाया थे वे ही अब नेताजी की इज्जत का जनाजा निकाल रहे हैं। नेताजी इन दिनों गुस्से में हैं और ऐसे लोगों को एक्सपोज करने की तैयार कर रहे हैं।
सुना है इस दिवाली के बाद मंत्रियों का दिवाला निकलने वाला है। अब वे कौन हैं इस खबर से जिनके मन में पटाखे फूटने लगे हैं। छत्तीसगढ़ की ऐसी ही राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों की अनसुनी खबरों के लिए पढ़िए द सूत्र का साप्ताहिक कॉलम सिंहासन छत्तीसी।
थाईलैंड में बाबागिरी
इन दिनों थाईलैंड में खूब बाबागिरी चल रही है। बाबा का दिल थाईलैंड पर आ गया है। ये बाबा देश के मशहूर बाबाओं में शामिल हैं। कई बड़े नेता और अफसर इनके दरवाजे पर मत्था टेकते हैं। इनकी जादूगरी देखने और इनकी कथा करवाने के लिए नेताओं की वेटिंग लिस्ट चलती है। इनका छत्तीसगढ़ से भी गहरा नाता है। आजकल वे छत्तीसगढ़ भी खूब आ रहे हैं।
सुना है कि बाबा ने थाईलैंड में बड़ा इन्वेस्टमेंट किया है। एक आश्रम जरिए ये पूरा निवेश का खेल चल रहा है। इस खेल में अकेले बाबा ही शामिल नहीं हैं बल्कि छत्तीसगढ़ के कई रसूखदार भी शामिल हैं। खबर है कि बाबा के जरिए रायपुर के कई राजनेताओं और नौकरशाहों ने थाईलैंड के फुकेट में भारी भरकम निवेश किया है।
सूत्र तो यहां तक दावा कर रहा है कि रायपुर के इन निवेशों को बाबा ने अपने खास लोगों के माध्यम से थाईलैंड के एक आश्रम पर लगाया है। अब कहा भी तो जाता है कि राम राम जपना पराया माल अपना।
ठाकुर की लाल डायरी
कहते हैं कि जब बुरा वक्त अता है तो अपने भी साथ छोड़ देते हैं। ऐसा ही बुरा वक्त कांग्रेस से जुड़े एक ठाकुर साहब का आया है। एक समय ठाकुर का ऐसा जलवा जलाल कि उनके नाम पर दिए जल जाते थे। उन्होंने अपने इस समय में लोगों को खूब उपकृत किया।
पंचसितारा होटलों में शराब में डुबोया तो छक कर कबाब भी खिलाया। अब ठाकुर पर बुरा वक्त आया है। उनका नाम छत्तीसगढ़ में हुए कुछ बड़े घोटालों में जोड़ा जा रहा है। ऐसे समय में वही लोग आजकल उनकी फोटो लगाकर चटखारेदार खबरें परोस रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो छोटे ठाकुर इन दिनों बेहद ख़फ़ा चल रहे हैं और उनके पास एक लाल डायरी भी है। जिसमें उन तमाम उपकृत आत्माओं के नाम नीली स्याही से दर्ज हैं। सुना जा रहा है कि डायरी के कुछ पन्ने जल्द ही सार्वजनिक हो सकते हैं।
दिवाली के बाद मंत्रियों का दिवाला
सुना है कि इस साल दिवाली के बाद कुछ मंत्रियों का दिवाला निकलने वाला है। छत्तीसगढ़ के मंत्रिमंडल में फेरबदल का समय बढ़ गया है। दिल्ली में कॉकरोचों के आंदोलनों ने फिलहाल दिल्ली का ध्यान यहां से हटा दिया है। दिल्ली अभी उनको ही मैनेज करने में लगी है।
यही कारण है कि मंत्रियों का ब्लडप्रेशर कुछ समय के लिए स्थिर हो गया है। बताया जा रहा है कि दिवाली के बाद इस सर्जरी को अंजाम दिया जाएगा। इसमें कुछ मंत्रियों का दिवाला निकलना तय है यानी उनका पत्ता कैबिनेट से कट होने वाला है। इस खबर से उन लोगों के मन में पटाखे फूटने लगे हैं जो कुर्सी की आस लगाए बैठे हैं।
विधायक की समानांतर सत्ता
बीजेपी में कुछ ऐसे विधायक हैं जो हमेशा चर्चा में बने रहते हैं। ऐसे ही एक विधायक हैं जो समानांतर सत्ता चला रहे हैं। विधायकजी ने बाकायदा एक एप बना रखी है जहां पर लोगों की शिकायतें आती हैं।
शिकायतें भी बड़े बड़े लोगों की आ रही हैं वो भी जमीन से जुड़ी। जब ऐसी शिकायत आती है तो विधायकजी के आदमी सक्रिय हो जाते हैं। उनके फोन संबंधित आदमी तक पहुंच जाते हैं। उनको फरमान सुना दिया जाता है कि जमीन के कागज पीडीएफ बनाकर तत्काल भेजिए नहीं तो कलेक्टर और एसडीएम को लिखकर नप्ती करा ली जाएगी।
कहा जाता है कि विधायकजी के पास शिकायत आई है कि बिना कागज के जमीनों की खरीद फरोख्त हो रही। विधायक के लोगों के फोन से सामने वाला डर जाता है और उनके चक्कर लगाने लगता है। खैर आम आदमी की शिकायतें दूर हो रही हैं वहां तक तो ठीक है लेकिन यदि खेल कुछ और है तो मामला गडबड़ है।