छत्तीसगढ़ में जहरीली शराब से 8 की मौत, कब्र खोदकर निकाले शव

Harrison Masih | Jun 13, 2026, 22:26 IST
छत्तीसगढ़ में जहरीली शराब से 8 की मौत
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के खर्वे गांव में 8 ग्रामीणों की मौत का मामला सामने आया है। शुरुआती जांच में इसे जहरीली शराब से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस और FSL टीम ने कब्र से शव निकालकर पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है।

समझें क्या है पूरा मामला...

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के खर्वे गांव में 8 लोगों की मौत हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही एक व्यक्ति ने शराब में जहर मिलाकर पिलाया। मामले की जांच की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कसडोल थाने का घेराव किया। शनिवार को पुलिस, प्रशासन और एफएसएल की टीम ने दफन शवों को कब्र से निकाला। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही मौतों की असली वजह सामने आएगी।



कब और कहां हुई मौतें

यह मामला बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र के खर्वे गांव का है। गांव में कुछ दिनों में ही एक के बाद एक 8 लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में बद्री पटेल, बुटालु साहू, छत्तूराम साहू, बुदलू जायसवाल, विनोद साहू, गजानन मांझी, चैतु साहू और महेतरू साहू शामिल हैं। सभी एक ही गांव के रहने वाले थे। इन मौतों के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।



क्या है ग्रामीणों का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही रामसाय जायसवाल ने शराब में जहर मिलाकर इन लोगों को पिलाया। इसी वजह से इन सबकी जान गई।इस आरोप के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण कसडोल थाने पहुंचे। उन्होंने मामले की जांच की मांग करते हुए आवेदन सौंपा और थाने का घेराव किया।



कब्र से निकाले गए शव

ग्रामीणों के आंदोलन को देखते हुए पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। शनिवार को पुलिस और राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में दफन शवों को कब्र से खोदकर निकाला गया।



एफएसएल यानी फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL - Forensic Science Lab) की टीम मौके पर मौजूद रही। टीम ने साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया। दफन शवों को बाहर निकालकर जरूरी जांच कराई जा रही है। इससे मौत के असली कारणों का पता लगाया जा सकेगा।



एसडीओपी ने क्या कहा

एसडीओपी (SDOP - Sub Divisional Officer of Police) ने बताया कि मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद हैं। सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है।



हादसा है या साजिश, यह अभी तय नहीं

अभी यह साफ नहीं है कि यह मौतें जहरीली शराब (poisonous liquor) से हुईं, किसी बीमारी से हुईं या किसी की साजिश का नतीजा हैं। पुलिस की जांच पूरी होने तक कोई भी निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा। रामसाय जायसवाल पर लगे आरोप अभी तक सिर्फ ग्रामीणों की शंका पर आधारित हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।



FAQ

  1. छत्तीसगढ़ में जहरीली शराब से कितने लोगों की मौत हुई?
    बलौदाबाजार खर्वे गांव में 8 लोगों की मौत हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब में जहर मिलाकर पिलाया गया। पुलिस और FSL की टीम मामले की जांच कर रही है।
  2. खर्वे गांव में शवों को कब्र से क्यों निकाला गया?
    ग्रामीणों ने जहर मिलाने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। उनके आंदोलन के बाद पुलिस ने दफन शवों को कब्र से निकाला। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच से मौत की असली वजह पता चलेगी।
  3. जहरीली शराब के मामलों में क्या कार्रवाई हो सकती है?
    जहरीली शराब के मामलों में पुलिस IPC की गंभीर धाराओं के तहत हत्या या गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज कर सकती है। अवैध शराब बनाने और बेचने वालों पर Excise Act के तहत भी कार्रवाई होती है। जांच में दोष सिद्ध होने पर आरोपियों को कड़ी सजा और जेल हो सकती है।

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