मर्जी से बनाए गए संबंध रेप नहीं... छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने CAF जवान की सजा को किया रद्द

Harrison Masih | Oct 14, 2025, 15:40 IST
bastar-caf-jawan-rape-case-cg-highcourt-verdict the sootr
छत्तीसगढ़ बस्तर में CAF जवान रूपेश कुमार पुरी को रेप के आरोप में 10 साल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने अब उन्हें बरी कर दिया। अदालत ने पाया कि मामला प्रेम संबंध का था, न कि जबरन यौन शोषण, और पीड़िता बालिग थी।

Jagdalpur. छत्तीसगढ़ के बस्तर में CAF (छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स) जवान रूपेश कुमार पुरी को हाईकोर्ट (CG High Court) ने रेप के आरोप में 10 साल की सजा से बरी कर दिया। न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी की सिंगल बेंच ने कहा कि यह मामला प्रेम संबंध का था, न कि जबरन यौन शोषण, क्योंकि पीड़िता बालिग थी और अपनी मर्जी से आरोपी के साथ रही।



ये खबर भी पढ़ें... बिलासपुर लव जिहाद केस: सोशल मीडिया फ्रेंड से बनाए संबंध, गर्भपात भी कराया, फिर वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल



मामले का पूरा विवरण

बस्तर के निवासी रूपेश कुमार पुरी (25) के खिलाफ साल 2020 में शिकायत दर्ज की गई थी (Bastar CAF soldier rape case)। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसकी शादी 28 जून 2020 को तय हुई थी, लेकिन 27 जून को रूपेश ने उसे शादी का झांसा देकर अपने घर ले जाकर 2 महीने तक रखा और बाद में धमकाकर निकाल दिया।



पुलिस ने इस पर धारा 376(2)(एन) के तहत मामला दर्ज किया। फास्ट ट्रैक कोर्ट जगदलपुर ने 21 फरवरी 2022 को रूपेश को 10 साल की सजा और 10 हजार रूपए जुर्माना सुनाया।



ये खबर भी पढ़ें... 28 साल की युवती ने 17 वर्षीय लड़के से बनाए संबंध,50 लाख मुआवजा... जानें महिला आयोग का फैसला



अपील और बचाव पक्ष के तर्क

ये खबर भी पढ़ें... सिविल जज भर्ती में बार काउंसिल रजिस्ट्रेशन अनिवार्य,छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने खारिज की याचिकाएं



पीड़िता की ओर से तर्क

बस्तर CAF जवान रेप केस में पीड़िता ने आरोप लगाया कि रूपेश ने उसे शादी का झांसा देकर अपने घर में 2 महीने तक रखा और बाद में छोड़ दिया। हालांकि, हाईकोर्ट ने जांच के दौरान पाया कि पीड़िता ने खुद फेसबुक पर आरोपी को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी और दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही। अदालत ने यह भी माना कि यह मामला जबरन यौन शोषण का नहीं, बल्कि आपसी सहमति और प्रेम संबंध का था।



बस्तर CAF जवान रेप केस को 5 पॉइंट्स में समझें:

हाईकोर्ट ने आरोपी को बरी किया – CAF जवान रूपेश कुमार पुरी को रेप के आरोप में सुनाई गई 10 साल की सजा रद्द कर दी गई।

मामला प्रेम संबंध का था – अदालत ने माना कि पीड़िता बालिग थी और अपनी मर्जी से आरोपी के साथ रही।

फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला रद्द – 21 फरवरी 2022 को सुनाई गई सजा को हाईकोर्ट ने साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर रद्द किया।

साक्ष्य और गवाहियां – पीड़िता ने खुद स्वीकार किया कि उसने आरोपी को फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी और दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही।

शादी का वादा दुष्कर्म नहीं बनाता – हाईकोर्ट ने कहा कि केवल शादी का झांसा देकर बने संबंध को जबरन यौन शोषण नहीं कहा जा सकता, जब तक यह साबित न हो कि शादी का इरादा शुरू से नहीं था।

ये खबर भी पढ़ें... CBSE के स्टूडेंट्स स्टेट लेवल खेलों से बाहर... छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने CBSE और SGFI को भेजा नोटिस



हाईकोर्ट का फैसला

हाईकोर्ट ने सभी साक्ष्यों और गवाहियों का परीक्षण करते हुए कहा पीड़िता बालिग थी और अपनी मर्जी से आरोपी के साथ रही। मेडिकल और FSL रिपोर्ट में दुष्कर्म के कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले। केवल शादी के वादे पर बने संबंध को दुष्कर्म नहीं कहा जा सकता जब तक यह साबित न हो कि आरोपी ने शुरू से शादी करने का इरादा नहीं रखा था। इस आधार पर न्यायमूर्ति ने फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला रद्द कर दिया और रूपेश को सभी आरोपों से बरी किया।



FAQ

  1. CAF जवान रूपेश कुमार पुरी को किस मामले में सजा सुनाई गई थी?
    फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उन्हें रेप के आरोप में 10 साल की सजा और 10 हजार रुपए जुर्माना सुनाया था।
  2. बस्तर CAF रेप केस में हाईकोर्ट ने क्या फैसला दिया?
    हाईकोर्ट ने CAF जवान रूपेश कुमार पुरी को सभी आरोपों से बरी कर दिया और फास्ट ट्रैक कोर्ट की 10 साल की सजा रद्द कर दी।
  3. क्या शादी का वादा कर संबंध दुष्कर्म माना जा सकता है?
    नहीं, अदालत ने कहा कि केवल शादी का झांसा देकर बने संबंध को जबरन यौन शोषण नहीं माना जा सकता, जब तक यह साबित न हो कि आरोपी ने शुरू से शादी करने का इरादा नहीं रखा।
Tags:
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
  • CG High Court
  • बस्तर CAF जवान रेप केस
  • Bastar CAF soldier rape case
  • रूपेश कुमार पुरी