भारतीय सेना में शामिल होगी बस्तर रेजीमेंट, नक्सल के बाद राष्ट्रीय स्तर पर पहचान
समझें क्या है पूरा मामला...
- भारतीय सेना में होगी बस्तर रेजीमेंट की स्थापना
- रक्षा मंत्रालय में चल रही प्रक्रिया
- बस्तर की पहचान नक्सल नहीं रेजीमेंट के रुप में होगी
- रक्षा मंत्री ने छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री को लिखा पत्र
- छत्तीसगढ़ के युवाओं को मिलेगा ज्यादा मौका
भारतीय सेना में अब बस्तर रेजीमेंट शामिल होगी। बस्तर की पहचान अब तक नक्सलवाद के कारण होती थी लेकिन अब सेना में रेजीमेंट के तौर पर होगी। बस्तर के फाइटर राष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाएंगे।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ सरकार को पत्र भेजा है। उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि सेना में बस्तर रेजीमेंट की स्थापना की जांच करवाई जा रही है।
राजनाथ सिंह से छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर रेजीमेंट बनाने का अनुरोध किया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ के युवाओं को सेना में शामिल होने के ज्यादा मौके मिलेंगे।
बस्तर रेजीमेंट गठन की तैयारी :
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखा था। इस पत्र में कहा गया था कि छत्तीसगढ़ राज्य के आदिवासी बाहुल्य बस्तर संभाग के जवान विगत वर्षों में नक्सल विरोधी अभियानों में अपनी वीरता एवं अदम्य साहस का परिचय दे चुके हैं।
ये दुर्गम क्षेत्रों की विषम परिस्थितियों में भी गुरिल्ला युद्ध में अग्रसर हैं। भारतीय सेना में बस्तर रेजिमेंट का गठन राष्ट्रीय सुरक्षा, क्षेत्रीय विकास और सामाजिक स्थिरता में योगदान देने वाली एक रणनीतिक पहल होगी।
यह बस्तर के युवाओं को राष्ट्र की सेवा करने के लिए एक सुनियोजित मार्ग प्रदान करेगी, साथ ही क्षेत्र में गौरव, अनुशासन और आर्थिक प्रगति को भी बढ़ावा देगी।
अतः भारतीय सेना में बस्तर रेजिमेंट की स्थापना किये जाने का सादर अनुरोध है। विजय शर्मा के इस अनुरोध पर राजनाथ सिंह ने हाल ही में अपना जवाबी पत्र भेजा है।
उन्होंने लिखा है कि आपका पत्र प्राप्त हुआ जो भारतीय सेना में बस्तर रेजिमेंट की स्थापना किये जाने के संबंध में है। उपर्युक्त मामले की जांच करवाई जा रही है। यह पत्र मिलने क बाद विजय शर्मा ने सोशल मीडिया में लिखा कि भारतीय सेना में बस्तर रेजीमेंट की स्थापना।
छत्तीसगढ़ युवाओं को सेना में मौका :
रक्षा मंत्रालय की ओर से मिले जवाब को बस्तर रेजिमेंट की मांग के लिए एक अहम सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
मंत्रालय ने अभी इस संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन प्रस्ताव पर जांच और विचार प्रक्रिया शुरू होने से बस्तर के लोगों, खासकर युवाओं में नई उम्मीद जगी है।
माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस लंबे समय से उठ रही मांग पर केंद्र सरकार सकारात्मक निर्णय ले सकती है। बस्तर रेजीमेंट बनने के बाद छत्तीसगढ़ में युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने का ज्यादा मौका मिलेगा।
खासतौर पर बस्तर के फाइटर्स सेना में अपनी वीरता और साहस का परिचय देंगे। नक्सलवाद के खात्में इन जवानों का अहम योगदान रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार 5 हजार से ज्यादा बस्तर फाइटर्स की भर्ती भी कर रही है।
फैक्ट फाइल :
26 जून 2026 - उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर भारतीय सेना में 'बस्तर रेजिमेंट' के गठन का प्रस्ताव भेजा।
प्रस्ताव में मांग - बस्तर के युवाओं को भारतीय सेना में अधिक अवसर देने और उनकी वीरता व नक्सल विरोधी अभियानों के अनुभव को देखते हुए अलग बस्तर रेजिमेंट बनाने का आग्रह किया गया।
9 जुलाई 2026 - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पत्र के जवाब में बताया कि इस प्रस्ताव पर जांच और आवश्यक प्रक्रिया जारी है।
मंत्रालय का संकेत - फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन प्रस्ताव पर विचार शुरू होने से बस्तर रेजिमेंट की मांग को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।
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FAQ
- बस्तर रेजीमेंट बनाने का प्रस्ताव किसने भेजा था?
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने 26 जून 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर भारतीय सेना में बस्तर रेजिमेंट बनाने का प्रस्ताव भेजा था। - बस्तर रेजीमेंट बनने से क्या फायदा होगा?
इससे छत्तीसगढ़ के युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने के ज्यादा मौके मिलेंगे। बस्तर के फाइटर अपनी वीरता का परिचय राष्ट्रीय स्तर पर दे सकेंगे। सरकार पहले से ही 5 हजार से ज्यादा बस्तर फाइटर्स की भर्ती भी कर रही है।
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