100 करोड़ पहुंचा मुआवजा घोटाला , भारतमाला प्रोजेक्ट जांच के दायरे में 11 जिले
NEWS IN SHORT
- भारतमाला प्रोजेक्ट में 11 जिलों में जांच हो रही।
- 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला आया सामने।
- 12 आरोपी गिरफ्तार, कई फरार हैं।
- अधिकारियों के बीच लीक की जानकारी सामने आई।
- जांच एजेंसियां जल्द चार्जशीट दाखिल करेंगी।
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत हुआ जमीन मुआवजा घोटाला अब एक बड़े भ्रष्टाचार के रूप में सामने आ रहा है। रायपुर से शुरू हुई इस जांच का दायरा अब प्रदेश के 11 जिलों तक फैल चुका है। शुरुआती जांच में जो घोटाला 32 करोड़ रुपए का लग रहा था। वह अब 100 करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर गया है। इस मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिसमें राजस्व विभाग के अधिकारियों से लेकर प्रॉपर्टी डीलर और रसूखदार लोग शामिल हैं।
सुनियोजित तरीके से रचा गया प्री-प्लान्ड घोटाला
प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह कोई सामान्य गलती नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी।
सूचना लीक करना : जमीन अधिग्रहण की जानकारी सार्वजनिक होने से पहले ही अधिकारियों और दलालों के बीच लीक कर दी गई थी।
जमीन की खरीद-बिक्री : जानकारी मिलते ही दलालों ने प्रोजेक्ट के दायरे में आने वाली जमीनों को सस्ते दामों पर खरीदा।
बैकडेट एंट्री और बंटवारा : मुआवजा राशि को कई गुना बढ़ाने के लिए रायपुर जैसे जिलों में जमीनों का बैकडेट में सीमांकन किया गया और एक ही जमीन के कई हिस्से कर मुआवजा पास कराया गया।
गिरफ्तारियां और रडार पर आए अधिकारी
जांच एजेंसियों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए एसडीएम निर्भय साहू, पटवारी गोपाल राम वर्मा, अभनपुर नगर पंचायत अध्यक्ष कुंदन बघेल और कई कारोबारियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, वर्तमान में इनमें से अधिकांश आरोपी जमानत पर बाहर हैं।
जांच में एक विशेष पहलू यह सामने आया है कि इस घोटाले में अब तक किसी कलेक्टर की सीधी भूमिका नहीं मिली है। कलेक्टरों ने राजस्व अधिकारियों (पटवारी, तहसीलदार) द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट और फाइलों के आधार पर ही मुआवजे की राशि पर हस्ताक्षर किए थे।
फरार अधिकारियों की तलाश जारी
EOW ने तत्कालीन आरआई रोशनलाल वर्मा, तहसीलदार शशिकांत कुरें और कई पटवारियों के खिलाफ नोटिस जारी किया है। वर्तमान में ये सभी अधिकारी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी है।
इन जिलों में फैली जांच की आंच
भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत रायपुर के अलावा धमतरी, कांकेर, बस्तर, बिलासपुर, रायगढ़ और सरगुजा समेत कुल 11 जिलों में जांच जारी है। एजेंसियों का मानना है कि जैसे-जैसे फाइलों की पड़ताल होगी, घोटाले की राशि और गिरफ्तारियों की संख्या में और भी इजाफा हो सकता है। EOW जल्द ही इस मामले की जांच पूरी कर न्यायालय में चार्जशीट पेश करने की तैयारी में है।
निष्कर्ष
भारतमाला प्रोजेक्ट में भूमि मुआवजा घोटाला प्रदेश के 11 जिलों में फैल चुका है, जिसमें अधिकारियों और दलालों की मिलीभगत सामने आई है। 100 करोड़ रुपये का घोटाला उजागर हुआ है और 12 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। जांच जारी है, जल्द चार्जशीट दाखिल होने की संभावना है।
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