₹1000 करोड़ की ठगी, 1500 लोग शिकार! कोर्ट परिसर से दबोचा गया भिलाई का CA
समझें क्या है पूरा मामला
- छत्तीसगढ़ में 1000 करोड़ रूपए की निवेश ठगी का मामला सामने आया है।
- 1500 से अधिक निवेशकों से शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड ETF के नाम पर रकम जुटाई।
- हर महीने 10% मुनाफा और रकम दोगुनी करने का झांसा दिया गया था।
- मुख्य आरोपी CA को निवेशकों ने कोर्ट से पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।
- FIR दर्ज, बैंक खातों, निवेश दस्तावेजों और लेन-देन की जांच शुरू।
रकम दोगुनी करने का लालच
निवेशकों का दावा है कि कंपनी ने हर महीने 10 प्रतिशत तक मुनाफा और रकम दोगुनी करने का लालच देकर करोड़ों रूपए जुटाए, लेकिन पिछले 9 से 10 महीनों से न तो मुनाफा दिया गया और न ही रकम लौटाई गई।
मामले में मुख्य आरोपी योगेश साहू, जो पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और एरिना कैपिटल का संचालक बताया जा रहा है, को निवेशकों ने कोर्ट परिसर से पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद सुपेला पुलिस ने आरोपी और उसके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोर्ट पहुंचा तो निवेशकों ने घेर लिया
जानकारी के अनुसार बुधवार को योगेश साहू किसी अन्य मामले में अपने वकील के साथ कोर्ट पहुंचा था। इसकी भनक लगते ही बड़ी संख्या में निवेशक कोर्ट परिसर पहुंच गए। निवेशकों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
बाद में उसे सुपेला थाना पुलिस को सौंपा गया, क्योंकि मामला उसी थाना क्षेत्र से जुड़ा है। घटना के बाद बड़ी संख्या में पीड़ित थाने पहुंच गए और सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।
10 प्रतिशत मुनाफा करने का वादा
शिकायतकर्ता एवं बीएसपी के सेवानिवृत्त कर्मचारी राजू नामदेव ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2025 में उनकी मुलाकात योगेश साहू और उसके सहयोगी राजेंद्र साहू से हुई थी। दोनों ने शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड ETF में निवेश का ऐसा प्लान बताया, जिसमें हर महीने 10 प्रतिशत तक रिटर्न और कम समय में रकम दोगुनी होने का दावा किया गया।
भरोसा दिलाने के लिए निवेशकों को कथित तौर पर लाभ के स्टेटमेंट और अन्य लोगों को मिले रिटर्न भी दिखाए गए। इसी भरोसे में आकर राजू नामदेव ने 21 मार्च 2025 को 15 लाख रूपए निवेश कर दिए।
शुरुआत में मिला मुनाफा, फिर भुगतान बंद
शिकायतकर्ताओं के अनुसार शुरुआती कुछ महीनों तक कंपनी ने निवेशकों को मुनाफा दिया, जिससे लोगों का भरोसा और बढ़ गया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने लाखों और करोड़ों रूपए निवेश किए।
लेकिन पिछले 9 से 10 महीनों से न तो किसी को मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस की गई। निवेशक लगातार कंपनी कार्यालय और संचालकों से संपर्क करते रहे, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन मिलता रहा।
कई निवेशकों के करोड़ों फंसे
पुलिस शिकायत में कई बड़े निवेशकों के नाम सामने आए हैं।
- शदाब सिद्दीकी: 1.61 करोड़ रूपए
- इन्द्रेश कुमार बांगरे: 1.12 करोड़ रूपए
- विद्यानंद चंद्र दत्ता और अंकित दत्ता: 23 लाख रूपए
- अरुण कुमार और प्रज्ञा दुबे: 63 लाख रूपए
इसके अलावा भी बड़ी संख्या में लोगों के पैसे फंसे होने का दावा किया गया है।
डेढ़ करोड़ रूपए तक का नुकसान होने का दावा
एक अन्य शिकायतकर्ता विवेक सिंह ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि उन्हें एक रेस्टोरेंट में गोल्ड ETF और शेयर ट्रेडिंग का निवेश प्लान समझाया गया था। उन्हें भी हर महीने 10 प्रतिशत लाभ और रकम दोगुनी होने का भरोसा दिया गया।
विवेक का कहना है कि उन्होंने और उनके परिवार ने मिलकर करीब डेढ़ करोड़ रूपए तक निवेश किया। उनका आरोप है कि अब तक उनकी रकम वापस नहीं मिली है।
पूरे छत्तीसगढ़ में फैला हो सकता है नेटवर्क
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि यह मामला सिर्फ भिलाई या दुर्ग तक सीमित नहीं है। पूरे छत्तीसगढ़ में 1000 से 1500 लोग इस कथित निवेश योजना के शिकार हो सकते हैं।
पीड़ितों का अनुमान है कि ठगी की कुल राशि 1000 करोड़ रूपए से अधिक हो सकती है। हालांकि पुलिस ने अभी इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस का बयान
दुर्ग शहर एएसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने खुद को चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बताकर निवेशकों का भरोसा जीता और अधिक मुनाफे का लालच देकर सैकड़ों लोगों से बड़ी रकम निवेश करवाई। पीड़ितों के अनुसार आरोपी ने कम समय में भारी रिटर्न का वादा किया था, जिसके झांसे में आकर उन्होंने निवेश किया।
पहले भी दर्ज हो चुके हैं मामले
जानकारी के अनुसार मुख्य आरोपी योगेश साहू के खिलाफ पहले भी सुपेला और स्मृति नगर थाना क्षेत्रों में मामले दर्ज हो चुके हैं। उन मामलों में उसे जमानत मिल चुकी है।
अब नए मामले में भी पुलिस उसके वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
पुलिस कर रही निवेशकों की संख्या और रकम की जांच
सुपेला पुलिस ने योगेश साहू, मेघा साहू, गोविंद साहू, राजेंद्र साहू, पद्मा साहू, लोमश साहू, ज्ञानप्रकाश साहू और अन्य सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कुल कितने लोगों ने निवेश किया, कितनी रकम जुटाई गई और धन का उपयोग कहां किया गया। जांच के दौरान बैंक खातों, निवेश रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है।
मामले के सामने आने के बाद बड़ी संख्या में निवेशक आगे आ रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में शिकायतों और आरोपियों की संख्या बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
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