फर्जी पुलिसकर्मी बनकर सरकारी शिक्षिका से रचाई शादी, लोगों के साथ करता था धोखाधड़ी, ऐसे खुला राज

राजस्थान में प्रतापगढ़ के अरनोद थाना पुलिस ने फर्जी पुलिसकर्मी बनकर धोखाधड़ी करने वाले युवक को गिरफ्तार किया। आरोपी ने नकली वर्दी पहनकर सरकारी कर्मचारी बनने का झांसा दिया।

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Ashish Bhardwaj
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Photograph: (the sootr)

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News In Short

  • पुलिस ने फर्जी पुलिसकर्मी बनकर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया।
  • आरोपी ने राजस्थान पुलिस की नकली वर्दी पहनकर खुद को पुलिसकर्मी बताया और फर्जी डिग्री का इस्तेमाल किया।
  • आरोपी ने 2023 में एक शिक्षिका से शादी की और झूठी पहचान का लाभ उठाया।
  • पुलिस ने आरोपी से नकली वर्दी और तस्वीरें जब्त की हैं।
  • आरोपी पर सरकारी कर्मचारी का प्रतिरूपण और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं।

News In Detail

राजस्थान में प्रतापगढ़ के अरनोद थाना पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है जो फर्जी पुलिसकर्मी  बनकर आम जनता और दुकानदारों को धोखा दे रहा था। आरोपी ने राजस्थान पुलिस की नकली वर्दी  पहनकर खुद को पुलिसकर्मी बताकर कई लोगों को गुमराह किया और इसी झूठ के आधार पर एक सरकारी शिक्षिका से शादी भी कर ली। जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य  और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। थानाधिकारी शिवलाल मीणा की नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया।

धोखाधड़ी का खुलासा

24 जनवरी को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कस्बे में छानबीन शुरू की। पुलिस ने बस स्टैंड के पास स्थित एक हेयर सैलून में आरोपी से पूछताछ की। इस दौरान सैलून के मालिक ने उसे पुलिस वाला साहब कहकर संबोधित किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुद को राजस्थान पुलिस लाइन प्रतापगढ़  में तैनात बताया और अपने मोबाइल में वर्दी पहने हुए तस्वीरें दिखाई। लेकिन जब सत्यापन किया गया, तो पुलिस लाइन में इस नाम का कोई भी व्यक्ति कार्यरत नहीं मिला।

नकली वर्दी और झूठी पहचान

जांच में पता चला कि आरोपी उमेश ने राजस्थान पुलिस की नकली वर्दी तैयार की थी और उसी में फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया पर डाली थी। इसी झूठे प्रचार के आधार पर, उसने 2023 में एक सरकारी स्कूल की सेकंड ग्रेड शिक्षिका से शादी की थी। आरोपी ने बताया कि उसने यह सब शादी के लिए किया था, ताकि झूठे रूप में खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर लोगों से विश्वास हासिल कर सके।

पुलिस ने किया सख्त एक्शन

पुलिस ने आरोपी से नकली वर्दी और वर्दी में खिंचवाई गई तस्वीरें जब्त की हैं। नकली पुलिसकर्मी के खिलाफ सरकारी कर्मचारी का प्रतिरूपण और धोखाधड़ी  का मामला दर्ज किया गया है। जांच अभी जारी है और पुलिस आरोपी से आगे की पूछताछ कर रही है ताकि मामले के अन्य पहलुओं का खुलासा किया जा सके।

फर्जी पुलिस बनने पर क्या सजा हो सकती है

  • फर्जी पुलिस बनने पर सजा के प्रावधान भारतीय दंड संहिता और अन्य संबंधित कानूनों में निर्धारित किए गए हैं। इसमें मुख्य रूप से धोखाधड़ी और सरकारी कर्मचारी का प्रतिरूपण के तहत सजा मिल सकती है।
  • धोखाधड़ी - इस मामले में धोखाधड़ी के तहत आरोपी को जेल और जुर्माना हो सकता है। सजा की अवधि 1 से 7 साल तक हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
  • सरकारी कर्मचारी का प्रतिरूपण - किसी व्यक्ति को फर्जी सरकारी कर्मचारी बनने पर सजा दी जा सकती है, जो 1 साल से लेकर 3 साल तक की सजा हो सकती है, और जुर्माना भी हो सकता है।

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