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Photograph: (thesootr)
News In Shirt
- भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 29 मौतें हो चुकी हैं।
- पहलवान गन्नूदास की मौत उल्टी-दस्त से हुई, 15 दिन से पीड़ित थे।
- गन्नूदास मिल मजदूर और कुश्ती के विजेता थे।
- हाईकोर्ट में भागीरथपुरा मौतों पर सुनवाई की गई।
- सरकार ने 23 मौतों का आडिट किया, 16 डायरिया से जुड़ी थीं।
News In Detail
INDORE. इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मंगलवार 27 जनवरी को 29वीं मौत हो गई। कोरी समाज धर्मशाला के पास रहने वाले खूबचंद पिता गन्नूदास (63) का निधन हुआ है। वह कई कुश्ती प्रतियोगिताओं के विजेता रहे हैं और पहलवान थे। बीते 15 दिनों से उल्टी-दस्त की शिकायत थी।
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उल्टी-दस्त से हुई मौत
खूबचंद पिछले 15 दिनों से उल्टी-दस्त से पीड़ित थे। परिजनों ने उन्हें भागीरथपुरा के ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दिखाया था। उन्हें मेडिसिन दी गई थी। मंगलवार सुबह भी उल्टी-दस्त हुए तो परिजन उन्हें केंद्र पर लेकर गए। वहां उन्हें फिर दवाइयां दी गई। घर जाने के बाद शाम को उल्टी हुई और मौत हो गई। वह मिल मजदूर भी थे ।
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हाईकोर्ट में सुनवाई, मौतों पर चर्चा
इसके पहले मंगलवार को हाईकोर्ट में करीब दो घंटे तक भागीरथपुरा कांड को लेकर सुनवाई हुई। इसमें मौतों के आंकड़ों पर ही लंबी बहस हुई। इसमें शासन ने बताया कि 23 मौतों का आडिट किया है और इसमें 16 मौत डायरिया से मानी गई है। बाकी पांच मौतों का आडिट होना बाकी है। इस पर हाईकोर्ट ने ही पूरी रिपोर्ट पर सवाल खड़े किए।
खासकर इसमें उपयोग किए गए शब्द वर्बल आटोप्सी पर आपत्ति ली गई। ऐसा कोई शब्द नहीं होता है, लेकिन यह डेथ आडिट में मेंशन है। वहीं इसमें अब मौतों के ठोस कारणों और मौत को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी गई है।
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