छत्तीसगढ़ में धान खरीदी पर सियासी घमासान: भूपेश बघेल ने पूछा- 1 नवंबर से खरीदी शुरू करने में सरकार को क्या परेशानी?
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने हाल ही में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कई मुद्दों पर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इनमें किसानों के (CG Paddy Purchase 2026) धान खरीदी, लोक सेवा आयोग (PSC) परीक्षा में गड़बड़ी, रायपुर की यातायात व्यवस्था और महंगाई सहित कई प्रासंगिक विषय शामिल हैं। बघेल का कहना है कि सरकार को 1 नवंबर से किसानों का धान खरीदने की प्रगति दिखानी चाहिए। साथ ही, उन्होंने PSC परीक्षा में पारदर्शिता की आवश्यकता बताई है।
1 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की मांग
बघेल ने धान खरीदी के मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ में (धान खरीदी विवाद) धान खरीदी को लेकर सरकार की तैयारियां अभी तक अधूरी हैं। "सरकार किसानों का धान खरीदने की व्यवस्था नहीं कर पा रही है। धान खरीदी 1 नवंबर से शुरू होनी चाहिए," उन्होंने जोर दिया। इस समय सीमा से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करनी चाहिए, ऐसा उन्होंने कहा। अगर सरकार समय पर खरीदी शुरू नहीं करती है, तो यह किसानों के लिए समस्या पैदा करेगी।
PSC परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप, सरकार पर उठाए सवाल
उसी दिन उन्होंने PSC परीक्षा (पीएससी परीक्षा विवाद) का मामला भी उठाया। बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा करती है। इसके बावजूद परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच नहीं हो रही है। बघेल ने कहा कि सरकार में बैठे लोग अभ्यर्थियों को परीक्षा पास करवा रहे हैं, जो बहुत गंभीर बात है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे आरोपों की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं कराई जा रही।
बघेल ने आगे कहा, "परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता होना बेहद जरूरी है। इससे योग्य अभ्यर्थियों का भरोसा बना रहेगा।" उन्होंने यह भी मांग की कि अभ्यर्थियों को उनकी उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि पारदर्शिता पर सवाल उठने का कोई कारण न हो।
2024 की PSC परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग
उन्होंने वर्ष 2024 की PSC परीक्षा को रद्द करने की मांग की। पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए, उन्होंने कहा। इस परीक्षा के अध्यक्ष की नियुक्ति में देरी पर भी उन्होंने चिंता जताई। उनका कहना था, अब तक अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होना चिंता का विषय है।
रायपुर की यातायात व्यवस्था पर जताई नाराजगी
रायपुर की यातायात व्यवस्था पर बघेल ने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि "ट्रैफिक व्यवस्था के नाम पर लोगों को परेशान किया जा रहा है।" शहर में आवागमन की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है और इसका असर रोजाना आने-जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है।
मंत्रियों और अधिकारियों के सरकारी बंगलों पर सवाल
बघेल ने मंत्री और अधिकारियों के सरकारी बंगलों के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा, राजधानी में कई मंत्री और अधिकारी दो-दो बंगले रखे हुए हैं। सभी मंत्रियों को राजधानी के बंगले छोड़ने चाहिए। इससे संबंधित सरकारी संसाधनों के उपयोग पर भी सवाल उठाने का उन्होंने सुझाव दिया।
BTI ग्राउंड में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाने का विरोध
इसके साथ ही, उन्होंने रायपुर के बीटीआई ग्राउंड में प्रस्तावित व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, "इस तरह के निर्माण से आम लोगों की परेशानी बढ़ेगी।" उनका कहना था कि शहर की मौजूदा समस्याओं के बीच ऐसा निर्माण क्यों जरूरी है।
महतारी वंदन योजना में हितग्राहियों की संख्या घटने का आरोप
भूपेश बघेल ने महतारी वंदन योजना के बारे में भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना की हितग्राही महिलाओं से वसूली हो रही है और लाभार्थियों की संख्या में कमी आ रही है। "पहले योजना में करीब 70 लाख हितग्राही थे। अब यह घटकर लगभग 68 लाख रह गई है," उन्होंने कहा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सरकार को यह बताना चाहिए कि हितग्राहियों की संख्या क्यों कम हो रही है।
बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना
महंगाई को लेकर भी बघेल ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा, "त्योहारों के समय आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महंगाई कम करने में नाकाम रहे हैं। प्रधानमंत्री लोगों को तेल बचाने की नसीहत देते हैं, लेकिन उनके जन्मदिन पर लाखों दीये जलाए जाते हैं।
जनता की समस्याओं पर सरकार से मांगा जवाब
इस स्थिति पर बघेल ने सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा, "सरकार को आम जनता की परेशानियों पर ध्यान देना चाहिए।" उन्होंने कई मुद्दों पर स्पष्टता की मांग की है।
बघेल की मांगें कई गंभीर विषयों को छूती हैं, जैसे कि किसानों की समस्याएं, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, स्थानीय ट्रैफिक व्यवस्था और महंगाई के कारण आम लोगों की मुश्किलें। उन्होंने यह भी कहा कि "सरकार को इन सभी मुद्दों पर तत्परता से कार्रवाई करनी चाहिए।"
धान खरीदी की तारीख पर स्थिति स्पष्ट नहीं
इन आरोपों पर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया अब तक सामने नहीं आई है। धान खरीदी की आधिकारिक शुरुआत की तारीख भी स्पष्ट नहीं हुई है। ऐसे में किसानों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि धान खरीदने की व्यवस्था कब शुरू होगी।
बघेल की सभी चिंताएं प्रदेश की वर्तमान स्थिति को दर्शाती हैं। उन्होंने सही समय पर सरकार से जवाब मांगा है और अब यह देखना यह होगा कि सरकार कितनी तत्परता से इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर कार्रवाई करती है।