मिशन पंजाब में लागू होगा भूपेश बघेल का बूथ फॉर्मूला, हारे मतदान केंद्रों पर तैनात होगी बघेल की टीम

Arun Tiwari | Apr 28, 2026, 17:08 IST
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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पंजाब में कांग्रेस के बूथ प्रबंधन मॉडल को लागू करने की योजना बनाई है। 2018 में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के पीछे बघेल का बूथ मैनेजमेंट मॉडल था, जिसे अब पंजाब में विधानसभा चुनाव 2024 के लिए अपनाया जाएगा।

Raipur. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इन दिनों पंजाब में ज्यादा बिजी हैं। भूपेश को पंजाब का प्रभारी बनाकर कांग्रेस ने एक साल पहले से मिशन पंजाब शुरु कर दिया है। छत्तीसगढ़ की तर्ज पर जमीनी कैडर की मजबूती पर जोर देते हुए कांग्रेस अब पंजाब में भी भूपेश फॉर्मूला लागू करने की तैयारी में है। पार्टी का फोकस बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर रहेगा। इसके लिए हाईकोर कार्यकर्ताओं की टीम बूथों में प्रबंधन संभालेगी। इसके अलावा बड़े नेताओं को हारे हुए बूथ की जिम्मेदारी दी जाएगी।



2018 का फॉर्मूला होगा लागू :

साल 2018 के विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की बड़ी जीत के पीछे बूथ प्रबंधन की अहम भूमिका रही थी। उसी रणनीति को अब पंजाब में दोहराने की योजना बनाई जा रही है। जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष रहे भूपेश बघेल द्वारा तैयार किया गया बूथ मैनेजमेंट मॉडल अब पंजाब में लागू किया जाएगा।



इस रणनीति के तहत बूथ स्तर पर सक्रिय और अनुभवी कार्यकर्ताओं को चिन्हित कर उन्हें जिम्मेदारी दी जाएगी। छत्तीसगढ़ के अनुभवी कार्यकर्ताओं को भी पंजाब भेजा जा रहा है ताकि वे वहां स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत कर सकें। यह टीम बूथ मैनेजमेंट के साथ-साथ स्थानीय मुद्दों पर भी काम करेगी और मतदाताओं से सीधा संपर्क बनाएगी।



पूरा रोडमैप होगा तैयार :

बूथ प्रबंधन के कैडर बेस फॉर्मूले के तहत पूरे विधानसभा क्षेत्रों का जमीनी रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसमें बूथ समितियों का गठन, कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण और मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने की रणनीति शामिल होगी। अलग-अलग वर्गों में कार्यकर्ताओं को बांटकर उन्हें जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि हर स्तर पर सक्रियता सुनिश्चित हो सके।



शुरुआती चरण के लिए एक टीम पंजाब पहुंच चुकी है। सूत्रों के अनुसार विधानसभा सीटों में भी इस मॉडल को लागू करने की तैयारी है। कुछ चुनिंदा नेताओं और कार्यकर्ताओं को चिन्हित कर भेजा जा रहा है, जो लंबे समय से बूथ स्तर पर काम करते रहे हैं। 2018 के फॉर्मूले के तहत जमीनी कैडर तैयार करने का अभियान पहले ही शुरू किया जा चुका है और इसे इस बार माइक्रो लेवल तक लागू किया जाएगा।



कार्यकर्ताओं की पसंद पर प्रत्याशी :

छत्तीसगढ़ में भूपेश (Bhupesh Baghel) फॉर्मूले के तहत कार्यकर्ताओं की पसंद पर ही प्रत्याशी तय किए गए थे जिसका फायदा पार्टी को मिला। इसी मॉडल को पंजाब में भी अपनाने की तैयारी है। कार्यकर्ताओं को टिकट चयन प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी जिससे स्थानीय स्तर पर मजबूत उम्मीदवार सामने आ सकें। इसके अलावा कार्यकर्ताओं को बूथ प्रबंधन के गुर सिखाने के साथ-साथ रणनीतिक टिप्स भी दिए जाएंगे।



उन्हें यह बताया जाएगा कि किस तरह चुनाव से पहले लगातार सक्रिय रहकर माहौल बनाया जा सकता है। बूथों में फर्जीवाड़े पर नजर रखने के लिए भी अलग रणनीति बनाई जाएगी। पंजाब के दो से तीन विधानसभा क्षेत्रों में इस मॉडल को पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जाएगा। यहां स्थानीय कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा।



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