पहले अपना घर सुधारें... दुर्ग गरबा विवाद पर भूपेश बघेल का हमला, मुस्लिमों की एंट्री पर हुआ था बवाल
भूपेश बघेल गुरुवार को दुर्ग में नवनिर्माण समिति के गरबा पंडाल पहुंचे थे। यहां उन्होंने मां दुर्गा की महाआरती की। इसके बाद उन्होंने गरबा कार्यक्रम में हुए विवाद और भिलाई इस्पात संयंत्र के निजीकरण को लेकर अपनी बात रखी।
क्या है पूरा मामला?
दुर्ग में बुधवार रात नवनिर्माण समिति के गरबा कार्यक्रम में मुस्लिम युवकों की एंट्री को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और समिति के पदाधिकारियों के बीच विवाद हुआ था। इस दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के साथ धक्का-मुक्की होने की बात भी सामने आई थी।
घटना के अगले दिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गरबा पंडाल पहुंचे। उन्होंने महाआरती में हिस्सा लेने के बाद इस विवाद को लेकर भाजपा और बजरंग दल की भूमिका पर सवाल उठाए।
भूपेश बघेल बोले- पहले अपना घर सुधारें
भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा और बजरंग दल के लोगों को पहले अपने नेताओं के बयानों और विचारों पर ध्यान देना चाहिए, उसके बाद दूसरों को धर्म की सीख देनी चाहिए।
भूपेश बघेल ने कहा कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को बताना चाहिए कि वे RSS प्रमुख मोहन भागवत की बात मानते हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत भी कहते हैं कि मुसलमानों को परेशान करना गलत है और भारत के सभी लोगों का DNA एक है। ऐसे में गरबा कार्यक्रम में मुस्लिम युवकों की एंट्री का विरोध क्यों किया जा रहा है?
भूपेश बघेल ने कहा कि एक तरफ RSS प्रमुख मुसलमानों के घर जाते हैं और भाईचारे की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ भाजपा और बजरंग दल के लोग अलग रवैया अपनाते हैं। उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और मोहन भागवत के परिवारों का जिक्र करते हुए कहा कि दूसरों को धर्म की सीख देने से पहले नेताओं को अपने घर और संगठन में झांकना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और मुस्लिम समुदाय के बीच पारिवारिक रिश्तों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने घर और संगठन के भीतर झांकना चाहिए।
भूपेश बघेल बोले- भिलाई नहीं बिकेगा
भिलाई इस्पात संयंत्र के निजीकरण की चर्चाओं पर भी भूपेश बघेल ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग रोजगार के लिए भिलाई आते हैं। यहां शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाओं के कारण भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण संस्थान का निजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
भूपेश बघेल ने कहा, 'भिलाई नहीं बिकेगा। भिलाई को बचाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी जाएगी।'
रावघाट परियोजना का भी किया जिक्र
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने बयान में रावघाट परियोजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले भी इस परियोजना को निजी कंपनियों को सौंपने के मुद्दे पर विरोध किया गया था।
भूपेश बघेल के मुताबिक, भिलाई इस्पात संयंत्र को बचाने के लिए भी इसी तरह संघर्ष किया जाएगा। उनके इस बयान से गरबा विवाद के साथ-साथ BSP के निजीकरण का मुद्दा भी राजनीतिक चर्चा में आ गया है।
फिलहाल, दुर्ग के गरबा कार्यक्रम में हुए विवाद को लेकर भूपेश बघेल ने भाजपा और बजरंग दल पर निशाना साधा है, जबकि भिलाई इस्पात संयंत्र को लेकर उन्होंने निजीकरण के किसी भी प्रयास का विरोध करने की बात कही है।