बीजापुर में 52 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 1.41 करोड़ का था इनाम, 48 घंटे में 82 ने डाले हथियार
NEWS IN SHORT
- बीजापुर में 1 डीवीसीएम समेत कुल 52 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया।
- सरेंडर करने वालों में 21 महिलाएं और 31 पुरुष माओवादी शामिल हैं।
- सभी नक्सलियों पर कुल 1.41 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था।
- 48 घंटे में 82 नक्सलियों ने सरेंडर किया है।
- आत्मसमर्पण के बाद सभी को 50-50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई।
NEWS IN DETAIL
बीजापुर में नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल मोर्चे पर बड़ी कामयाबी मिली है। लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर 52 नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया है। इनमें एक डिवीजनल कमेटी मेंबर (DVCM) भी शामिल है, जो संगठन में उच्च पद पर था। पिछले 48 घंटे में 82 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। सुकमा जिले में 29 नक्सलियों से हथियार डाले हैं।
डीवीसीएम सहित 52 नक्सलियों ने डाले हथियार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली फायरिंग, आईईडी ब्लास्ट, आगजनी और अन्य हिंसक घटनाओं में शामिल रहे हैं। इन सभी पर कुल 1.41 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वालों में 21 महिला और 31 पुरुष माओवादी शामिल हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष किया सरेंडर
इन नक्सलियों ने सीआरपीएफ डीआईजी देवेंद्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूलेण्डन यार्क, डीएसपी शरद जायसवाल और उप पुलिस अधीक्षक विनीत साहू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आत्मसमर्पण किया।
नियद नेल्लानार योजना का दिखा असर
पुलिस के मुताबिक राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘नियद नेल्लानार’ योजना, लगातार बढ़ती सुरक्षा मौजूदगी और भरोसे का माहौल बनने से नक्सली संगठन कमजोर हुआ है। इसी का नतीजा है कि बड़ी संख्या में नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
पुनर्वास नीति के तहत सहायता
आत्मसमर्पण के बाद सभी नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत 50-50 हजार रुपए की नगद प्रोत्साहन राशि दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि आगे भी इनके पुनर्वास, रोजगार और सामाजिक पुनर्स्थापन के लिए हरसंभव मदद की जाएगी।
Sootr Knowledge
- DVCM नक्सली संगठन में डिवीजन स्तर का वरिष्ठ पद होता है।
- ‘नियद नेल्लानार’ योजना नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास और भरोसे पर आधारित है।
- पुनर्वास नीति के तहत सरेंडर करने वाले नक्सलियों को आर्थिक व सामाजिक सहायता मिलती है।
- महिला नक्सलियों की बढ़ती संख्या संगठन की कमजोर स्थिति दर्शाती है।
- सामूहिक सरेंडर से नक्सली नेटवर्क पर मनोवैज्ञानिक दबाव पड़ता है।
IMP FACTS
- कुल आत्मसमर्पण: 52 नक्सली
- महिलाएं: 21 | पुरुष: 31
- कुल इनामी राशि: ₹1.41 करोड़
- प्रोत्साहन राशि: ₹50,000 प्रति नक्सली
- 2024 से अब तक: 824 नक्सली सरेंडर, 1126 गिरफ्तार, 223 मारे गए
आगे क्या
पुलिस अब आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से पूछताछ कर संगठन की अंदरूनी जानकारी जुटाएगी। साथ ही नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा कैंप और विकास योजनाओं को और मजबूत किया जाएगा।
निष्कर्ष
48 घंटे में 82 नक्सलियों का सामूहिक आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों और सरकार की रणनीति की बड़ी सफलता है। यह संकेत है कि नक्सलवाद अब अंतिम चरण में है और हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की प्रवृत्ति तेज हो रही है।